बेगोना गोमेज़ पर भ्रष्टाचार के आरोप; चीन में सांचेज़ की कूटनीतिक जीत के बीच मोनक्लोआ में आक्रोश
स्पेनी प्रधानमंत्री की पत्नी को चार अपराधों में आरोपित किया गया, सांचेज़ ने कहा 'न्याय हो'; अदालत जूरी ट्रायल पर करेगी फैसला

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की पत्नी बेगोना गोमेज़ को भ्रष्टाचार के चार आरोपों में औपचारिक रूप से आरोपित किए जाने की खबर ने स्पेनिश राजनीति में भूचाल ला दिया है। जांच अधिकारी न्यायाधीश जुआन कार्लोस पेइनादो ने दो साल की जांच के बाद मामले को जूरी ट्रायल के लिए भेजने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें गोमेज़ पर सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग, प्रभाव में व्यापारिक भ्रष्टाचार और धन के दुरुपयोग जैसे अपराधों का आरोप है। [A1][A5][A7] न्यायाधीश के अनुसार, गोमेज़ ने अपने पति के पद के प्रभाव का फायदा उठाकर मैड्रिड के कॉम्प्लूटेंस विश्वविद्यालय में एक चेयर स्थापित करवाई और बड़ी कंपनियों से प्रायोजन प्राप्त किया, साथ ही एक सॉफ्टवेयर उत्पाद को सार्वजनिक धन से वित्तपोषित कराया, जिस पर वह निजी स्वामित्व का दावा कर रही थीं। [A5] यह मामला पिछले साल अप्रैल में गुप्त रूप से शुरू हुआ था और इसमें कई उतार-चढ़ाव आए हैं; बचाव पक्ष अब इस आधार पर कार्यवाही रद्द करने की मांग कर सकता है कि न्यायाधीश ने जांच बंद करते हुए भी नई दरख्वास्तें मांगी हैं। [A9]
यह न्यायिक प्रहार ऐसे समय आया है जब सांचेज़ चीन की आधिकारिक यात्रा पर थे। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सांचेज़ के साथ “इतिहास के सही पक्ष” पर होने की बात कही और “जंगल के कानून” की वापसी को खारिज किया। [A3][A4] इस कूटनीतिक सद्भाव के बीच मोनक्लोआ महल में “आक्रोश” फैल गया, और सरकारी सूत्रों ने इसे विदेश यात्राओं के साथ मेल खाने वाला “महज इत्तेफाक नहीं” बताया। [A2][A5] सांचेज़ ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं न्यायपालिका से बस यही मांगता हूं कि वह न्याय करे।” [A6]
अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस मामले को सांचेज़ के अल्पमत गठबंधन पर दबाव डालने वाले कई भ्रष्टाचार मामलों में से एक के रूप में रेखांकित किया है। [A7][A8] जहां बीबीसी और एबीसी जैसे आउटलेट्स ने तथ्यात्मक संक्षिप्त रिपोर्ट दी, वहीं स्पेनिश प्रेस ने न्यायाधीश के राजनीतिक इरादों पर तीखी बहस छेड़ दी है। एल मुंडो ने गोमेज़ के खिलाफ न्यायाधीश के पुनर्निर्माण को प्रमुखता से छापा, जबकि एल पाइस ने न्यायिक प्रक्रिया की कमजोरियों को उजागर किया। [A2, A5, A6, A9]
आगे की राह कानूनी अनिश्चितताओं से भरी है। अदालत को अब तय करना है कि गोमेज़ पर मुकदमा चलेगा या नहीं। अगर बचाव पक्ष न्यायिक प्रक्रिया में खामियों के आधार पर कार्यवाही रद्द कराने में सफल होता है, तो मामला ठंडे बस्ते में जा सकता है। [A9] लेकिन इस बीच, यह प्रकरण सांचेज़ की समाजवादी सरकार के लिए लगातार राजनीतिक घर्षण का कारण बनेगा, जिसके सहयोगी भी अन्य भ्रष्टाचार जांचों में उलझे हैं। [A7][A8] प्रधानमंत्री ने आरोपों को “दक्षिणपंथियों की साजिश” करार दिया है, जिससे स्पेन की ध्रुवीकृत राजनीति में यह मामला और घिर गया है। [A1] अब सबकी निगाहें न्यायाधीश पेइनादो के अगले कदम और सांचेज़ के आगामी चुनावी समीकरणों पर टिकी हैं।
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