स्पेन के प्रधानमंत्री की पत्नी बेगोन्या गोमेज़ पर भ्रष्टाचार का आरोप, चीन यात्रा के दौरान अदालती प्रहार
न्यायाधीश ने दो साल की जांच के बाद गोमेज़ को घूसखोरी, प्रभाव दुरुपयोग और धन के दुर्विनियोजन जैसे अपराधों में मुकदमे के लिए भेजा, जबकि पेड्रो सांचेज़ चीन में शी जिनपिंग के साथ बैठकों में थे।

स्पेन की पहली महिला बेगोन्या गोमेज़ पर मंगलवार को भ्रष्टाचार के चार गंभीर आरोपों की औपचारिक मोहर लग गई। जांचकर्ता न्यायाधीश जुआन कार्लोस पेनादो ने दो वर्षों की पड़ताल के बाद फैसला सुनाया कि गोमेज़ ने पति पेड्रो सांचेज़ के प्रधानमंत्री पद के अप्रतिम प्रभाव का इस्तेमाल कर मैड्रिड के कॉम्प्लूटेंस विश्वविद्यालय में अपनी कुर्सी सृजित कराई, बड़ी कंपनियों से प्रायोजन लिया और सार्वजनिक संसाधनों को निजी सॉफ्टवेयर उत्पाद के लिए दुरुपयोग किया [A5]। पेनादो के आदेश में गोमेज़ पर सरकारी धन का दुरुपयोग, पद के प्रभाव का सौदाकरण, व्यावसायिक भ्रष्टाचार और धन का अवैध विनियोग के अपराध तय किए गए हैं [A1][A7]।
यह न्यायिक धमाका ठीक उसी समय हुआ जब पेड्रो सांचेज़ और गोमेज़ चीन की औपचारिक यात्रा पर थे। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में शी जिनपिंग ने सांचेज़ से कहा कि “चीन और स्पेन इतिहास के सही पक्ष में खड़े हैं” और उन्होंने ‘जंगल के कानून’ की वापसी को खारिज किया [A4]। पर मोनक्लोआ महल में आक्रोश फूट पड़ा—सरकारी सूत्रों ने इसे “संयोग नहीं” बताया कि यह आदेश ठीक विदेश यात्रा के दौरान आया [A2]। सांचेज़ ने बाद में संयत शब्दों में दोहराया: “मैं न्यायपालिका से बस यही माँगता हूँ कि वह न्याय करे” [A6]।
स्पेनी मीडिया में इस मामले को लेकर विभाजन साफ है। दक्षिणपंथी-निकट एल मुंडो ने विस्तार से बताया कि गोमेज़ ने सत्ता के अभिजात्य गुट का लाभ उठाया और मोनक्लोआ द्वारा मुहैया कराई गई सलाहकार की मदद से निजी हित साधे [A5]। वहीं केंद्र-वामपंथी एल पाइस ने न्यायाधीश की जांच पर ही सवाल खड़े करते हुए लिखा कि यह प्रक्रिया शुरू से उतार-चढ़ाव भरी रही और बचाव पक्ष इसे निरस्त कराने की कोशिश करेगा क्योंकि पेनादो ने जांच समाप्त करते हुए भी नई पड़ताल की माँग रखी [A9]।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस घटनाक्रम को सांचेज़ के अल्पमत गठबंधन सरकार पर पड़ने वाले गहरे दबाव के संदर्भ में देखा। बीबीसी और ऑस्ट्रेलियाई प्रसारक एबीसी ने इसे समाजवादी नेता के परिवार व पूर्व सहयोगियों को घेरने वाले भ्रष्टाचार के कई मामलों में एक बताते हुए कहा कि यह मामला सरकारी स्थिरता के लिए गंभीर परीक्षा है [A7][A8]। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने विशेष रूप से नोट किया कि आरोप उसी यात्रा के दौरान लगे जब शी जिनपिंग सांचेज़ को ‘सही पक्ष’ की गारंटी दे रहे थे [A8]।
आगे का रास्ता कानूनी और राजनीतिक अनिश्चितता से भरा है। गोमेज़ मुकदमे की बेंच पर जाएँगी या नहीं, यह अब एक जूरी तय करेगी [A1][A5]। मगर यह आदेश चुनावी वर्ष में सांचेज़ की गठबंधन सरकार की छवि को नुकसान पहुँचा सकता है, खासकर तब जब न्यायाधीश की विवादित जाँच पर निरस्तीकरण का खतरा भी मँडरा रहा है [A9]। चीन के ‘सही पक्ष’ के नारे और दिल्ली की बजाय मैड्रिड की अदालतों में खड़े होने की वास्तविकता के बीच, स्पेन की सत्ता का दोहरा अंतर्विरोध सामने आ गया है।
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