मेटा की सेवाओं में वैश्विक ठहराव: फेसबुक-इंस्टाग्राम ठप, करोड़ों प्रभावित
शुक्रवार को फेसबुक, इंस्टाग्राम और मैसेंजर की सेवाएं अचानक बंद होने से दुनियाभर के उपयोगकर्ता लॉगआउट हो गए या प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं कर सके। समस्या भारत, अमेरिका, यूरोप, लैटिन अमेरिका और मध्य-पूर्व में एक साथ सामने आई, जिस पर मेटा ने काम शुरू कर दिया है।

शुक्रवार, 12 जून को मेटा के स्वामित्व वाली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—फेसबुक, इंस्टाग्राम और मैसेंजर—में अचानक वैश्विक स्तर पर तकनीकी खराबी आ गई, जिससे करोड़ों उपयोगकर्ता प्रभावित हुए। भारत में शाम करीब 7 बजे (IST) से शिकायतें बढ़नी शुरू हुईं, जबकि अमेरिका में यह समस्या सुबह 9:20 बजे (ET) के आसपास दर्ज की गई। मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, "हम जानते हैं कि लोगों को हमारी सेवाओं तक पहुँचने में परेशानी हो रही है। हम इसे हल करने में जुटे हैं।" [A5, A7, A20]
डाउनडिटेक्टर के आंकड़ों के अनुसार, एक ही समय में फेसबुक के लिए 62,000 से अधिक और इंस्टाग्राम के लिए 8,000 से अधिक समस्या रिपोर्ट दर्ज हुईं, हालाँकि ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना जैसे देशों में यह संख्या क्रमशः 93,000 और 100,000 को पार कर गई। उपयोगकर्ताओं ने बिना किसी चेतावनी के लॉगआउट होने, फीड लोड न होने, और "अप्रत्याशित त्रुटि" या "क्वेरी एरर" जैसे संदेशों का सामना किया। मैक्सिको में स्थानीय समयानुसार सुबह 7:15 बजे से समस्या शुरू हुई, जहाँ 47% शिकायतें ऐप से जुड़ी थीं, जबकि अल्जीरिया में दोपहर 2:30 बजे के बाद यूजर्स को लॉगिन में दिक्कत आने लगी। [A6, A13, A15, A18]
यह आउटेज सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं था—अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फिलीपींस, स्पेन, हंगरी, कोलंबिया, ब्राजील और संयुक्त अरब अमीरात सहित दर्जनों देशों में एक साथ सेवाएं प्रभावित हुईं। व्हाट्सएप की मोबाइल सेवा ज्यादातर काम करती रही, लेकिन कुछ क्षेत्रों में डेस्कटॉप वर्जन में रुकावटें देखी गईं। [A4, A10, A17, A20]
हालाँकि सेवाएँ कुछ ही घंटों में धीरे-धीरे बहाल होने लगीं, लेकिन मेटा ने तकनीकी कारणों का खुलासा नहीं किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केंद्रीकृत डिजिटल बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी और अति-निर्भरता को रेखांकित करती है। पिछले कुछ वर्षों में मेटा प्लेटफॉर्म्स के साथ ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या कंपनी अपने सर्वर प्रबंधन और आपदा रिकवरी सिस्टम में पर्याप्त सुधार करेगी। [A17, A18]
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
आउटेज को एक नाटकीय वैश्विक विफलता के रूप में चित्रित किया गया, जिसमें लाखों उपयोगकर्ताओं को जबरन लॉग आउट कर दिया गया और वे अपने खातों तक नहीं पहुंच सके। कवरेज ने व्यापक निराशा और तकनीकी त्रुटियों पर प्रकाश डाला, व्यवधान के पैमाने का वर्णन करने के लिए तत्काल भाषा का उपयोग किया।
कथा आश्वस्त करने वाली थी, उपयोगकर्ताओं को बता रही थी कि समस्या उनके डिवाइस या इंटरनेट की नहीं, बल्कि मेटा का वैश्विक आउटेज है। स्वर शांत और व्याख्यात्मक था, तकनीकी विवरणों पर ध्यान केंद्रित करते हुए और सेवाओं के बहाल होने तक धैर्य रखने की सलाह दी गई।
रिपोर्टिंग तथ्यात्मक थी और मेटा की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर केंद्रित थी, जिसमें प्रवक्ता का बयान भी शामिल था। इसने डाउनडिटेक्टर से आउटेज डेटा प्रदान किया और नोट किया कि कंपनी एक सुधार पर काम कर रही है, एक तटस्थ रुख बनाए रखते हुए।
कवरेज ने आउटेज की वैश्विक सीमा पर जोर दिया, साथ ही भारतीय उपयोगकर्ताओं पर इसके प्रभाव पर भी ध्यान दिया। इसने आईएसटी में समय और शिकायतों में तेज वृद्धि की सूचना दी, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग को उपयोगकर्ता व्यवधान के लिए चिंता के साथ मिलाया।
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