अमेरिकी सेना ने प्रशांत में एक और ड्रग बोट को निशाना बनाया, तीन की मौत; एक सप्ताह में पांच हमले
पूर्वी प्रशांत में मादक पदार्थ तस्करी के संदेह में पाँचवें हमले में तीन लोग मारे गए; सितंबर से अब तक 177 से अधिक मौतें दर्ज।

पूर्वी प्रशांत महासागर में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के नाम पर अमेरिकी सैन्य अभियानों ने बुधवार को एक और घातक मोड़ ले लिया। अमेरिकी दक्षिणी कमान (साउथकॉम) ने पुष्टि की कि एक संदिग्ध नशीली दवा नौका पर “लीथल काइनेटिक स्ट्राइक” में तीन लोग मारे गए। यह इसी सप्ताह का पाँचवाँ हमला था, जिससे सितंबर 2024 से शुरू हुए इस विवादास्पद अभियान में मरने वालों की कुल संख्या कम से कम 177 तक पहुँच गई है [A3][A4][A8]।
इस सप्ताह की घटनाओं का क्रम तेजी से बढ़ते सैन्य हस्तक्षेप को दर्शाता है। शनिवार को दो अलग-अलग हमलों में पाँच लोग मारे गए और एक घायल हुआ [A1][A5]। सोमवार को एक अन्य नौका पर हमले में दो और लोग मारे गए [A1][A8]। मंगलवार को चौथे हमले में चार लोगों की जान गई, जिसकी हवाई फुटेज भी जारी की गई [A5][A10]। बुधवार के हमले ने एक सप्ताह में मृतक संख्या को चौदह से अधिक पहुँचा दिया। हालाँकि विभिन्न स्रोतों में तारीखों और आँकड़ों में मामूली अंतर है, लेकिन सभी इस आक्रामक सैन्य मुहिम की तीव्रता पर सहमत हैं [A2][A6][A7][A9]।
विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के मीडिया ने इस पर भिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत किए हैं। रूसी आउटलेट कोमर्सेंट और इंटरफैक्स ने अमेरिकी कमान के “नार्को-आतंकवादी” शब्द को प्रमुखता से उद्धृत किया, जबकि सीएनएन अरबी ने व्यापक आँकड़े दिए कि 53 नौकाओं को नष्ट कर 177 लोगों को मारा गया और केवल 15 बच पाए [A4]। स्पेनिश अखबार एल मुंडो ने हमलों के सिलसिले को तटस्थ भाषा में रखा [A1]। ब्रिटिश गार्डियन और इंडिपेंडेंट, तथा अमेरिकी सीबीएस और फॉक्स न्यूज ने हालाँकि सरकारी बयानों को तो दोहराया, लेकिन कई ने इस बात पर भी ध्यान खींचा कि सेना ने आरोपों के सबूत सार्वजनिक नहीं किए [A3][A5][A6][A10]।
यह अभियान सितंबर से जारी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे “सशस्त्र संघर्ष” का नाम देते हुए अमेरिका में मादक पदार्थों के प्रवाह और घातक ओवरडोज़ को रोकने का औचित्य बताते हैं [A6]। अब तक 50 से अधिक हमलों में एक भी अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ, जिससे यह असममित लड़ाई एकतरफ़ा हो गई है। आलोचक इसे न्यायेतर हत्याओं की श्रेणी में रखते हुए पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं। ईरान संकट के बीच भी इस अभियान का जारी रहना यह दर्शाता है कि वाशिंगटन के लिए नशीली दवाओं की लड़ाई अन्य वैश्विक मोर्चों की तरह ही प्राथमिकता बनी हुई है [A5][A9]। आगे भी ऐसे हमले जारी रहने की संभावना है, जिससे समुद्री क्षेत्र में तनाव और मानवीय क्षति बढ़ेगी।
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