अमेरिकी सीनेट ने चौथी बार ईरान युद्ध शक्ति प्रस्ताव खारिज किया, हाउस में भी प्रयास विफल
अमेरिकी सीनेट ने डेमोक्रेट्स के उस प्रस्ताव को 47-52 से ठुकरा दिया जो ट्रंप को ईरान पर और हमलों से रोकता। हाउस में भी प्रस्ताव 213-214 से गिरा। युद्ध तीसरे महीने में, कुछ रिपब्लिकन अब बेचैन।

अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर सैन्य हमलों के अधिकार को सीमित करने के डेमोक्रेटिक प्रयासों को एक बार फिर विफल कर दिया। सीनेट ने बुधवार को चौथी बार युद्ध शक्ति प्रस्ताव को 47-52 मतों से खारिज कर दिया, जिसमें रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने डेमोक्रेट्स के साथ मतदान किया, जबकि डेमोक्रेट जॉन फेट्टरमैन ने विपक्ष में वोट दिया [A1][A6]। लगभग इसी समय, प्रतिनिधि सभा ने भी एक ऐसे ही प्रस्ताव को 213-214 के बेहद नज़दीकी अंतर से ठुकरा दिया, जिसमें एक रिपब्लिकन ने डेमोक्रेट्स का साथ दिया [A2][A7]। ये दोनों मतदान स्पष्ट संकेत हैं कि युद्ध तीसरे महीने में प्रवेश कर चुका है, लेकिन कांग्रेस में रिपब्लिकन बहुमत अब भी ट्रंप के पक्ष में खड़ा है, भले ही कुछ दरारें उभरने लगी हों।
युद्ध को अवैध और अनावश्यक बताने वाले डेमोक्रेट्स ने ज़ोर देकर कहा है कि जब तक लड़ाई जारी है, वे हर सप्ताह इस प्रस्ताव पर मतदान कराते रहेंगे। सीनेट में अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने इसकी पुष्टि की [A4][A3]। दरअसल, यह प्रस्ताव 1973 के युद्ध शक्ति अधिनियम पर आधारित था, जो प्रशासन को बिना कांग्रेस की मंज़ूरी के 60 दिन से अधिक सैन्य कार्रवाई से रोकता है; वह समय-सीमा तेज़ी से नज़दीक आ रही है [A2][A3]। कई सूत्रों के अनुसार, मार्च में हुए इसी प्रकार के मतदान के बाद से कुछ भी नहीं बदला, और वोटिंग पैटर्न लगभग हू-ब-हू रहा, जो गतिरोध को दर्शाता है [A6]।
इस बीच, इतालवी मीडिया ने ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार की उस चेतावनी को प्रमुखता दी, जिसमें कहा गया कि “आपके ये जहाज़ हमारी पहली मिसाइलों से डूब जाएंगे” और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना को गंभीर ख़तरा बताया गया [A1]। यह धमकी ऐसे समय आई है जब कई रिपब्लिकन सांसद आर्थिक परिणामों को लेकर चिंतित हैं। होर्मुज़ के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ने वाले असर का हवाला देते हुए सीनेट में बहुमत नेता जॉन थ्यून समेत कुछ रिपब्लिकनों ने ट्रंप से युद्ध समाप्त करने की रणनीति स्पष्ट करने को कहा है [A4][A8]।
रूसी मीडिया ने रिपब्लिकन पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी को विस्तार से रेखांकित किया। कोमर्सेंट ने लिखा कि कुछ सांसदों का धैर्य जवाब दे रहा है और लंबा खिंचता संघर्ष अब मतदाताओं की जेब पर चोट करने लगा है [A8]। राजनीतिक विश्लेषक मालेक दुदाकोव के अनुसार, हालांकि अभी सीनेट का बहुमत ट्रंप के साथ है, लेकिन अप्रैल के अंत तक कांग्रेस उनके सैन्य अधिकारों को वापस ले सकती है [A5]। यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि रिपब्लिकन खेमे में निष्ठा की सीमा समाप्त हो रही है।
फिलहाल, ट्रंप का यह कहना कि युद्ध “जल्द ही” खत्म होगा, कांग्रेस के ताज़ा फैसलों से मेल नहीं खाता। डेमोक्रेट्स की साप्ताहिक वोटिंग की रणनीति भले ही बार-बार विफल हो रही हो, लेकिन यह लगातार राजनीतिक दबाव बना रही है। 60-दिन की समय-सीमा और आंतरिक असंतोष के बीच, आने वाले हफ्तों में रिपब्लिकनों का एक धड़ा अगर रुख बदलता है तो युद्ध शक्तियों का संतुलन अचानक पलट सकता है। तब तक, होर्मुज़ पर मंडराता ईरानी ख़तरा और बढ़ती आर्थिक लागत इस संकट को और गंभीर बनाए रखेंगे।
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