लंदन: ड्रोन से इज़राइली दूतावास को धमकी, फ़ारसी मीडिया और सिनेगॉग पर भी हमले की कोशिशें
लंदन में एक साथ हुईं संदिग्ध घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है; पुलिस ड्रोन धमकी, ईरान इंटरनेशनल के कार्यालय पर लगी आग और सिनेगॉग पर पेट्रोल बम फेंके जाने की जांच कर रही है।

लंदन के केंसिंग्टन गार्डन्स के पास इज़राइली दूतावास के बाहर आतंक-रोधी पुलिस का घेरा और एक ऑनलाइन वीडियो ने शुक्रवार को तनाव बढ़ा दिया। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि रात भर वायरल हुए एक वीडियो में एक अज्ञात व्यक्ति सुरक्षात्मक सूट पहने दो ड्रोन संचालित करते दिखा, जिसमें दावा किया गया कि दूतावास को ‘खतरनाक पदार्थों’ से निशाना बनाया जाएगा। हालांकि कोई वास्तविक हमला नहीं हुआ, अधिकारी वहाँ फेंके गए सामान की वीडियो से संभावित कड़ी जाँच रहे हैं [A1][A2]। स्काई न्यूज़ अरबिया के अनुसार पुलिस ने स्पष्ट किया कि ‘फिलहाल जनता के लिए कोई बढ़ा हुआ ख़तरा नहीं है’ [A6]।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब उत्तर-पश्चिम लंदन के वेम्बली स्थित फ़ारसी भाषा के मीडिया संगठन ‘ईरान इंटरनेशनल’ के कार्यालय पर आगजनी के प्रयास के बाद तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि एक जलता हुआ कंटेनर इमारत की ओर फेंका गया लेकिन पार्किंग में गिरने से आग तुरंत बुझ गई [A7]। बीबीसी के मुताबिक़ 21 वर्षीय ओइसिन मैकगिनीज़, 19 वर्षीय नाथन डन और एक 16 वर्षीय लड़के पर जान को ख़तरा पहुँचाने के इरादे से आगजनी का आरोप लगाया गया [A4]। मैक्सिको के एल सोल ने ख़बर दी कि ‘हरकत असहाब अल-यमीन अल-इस्लामिया’ (हयी) नामक समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली, जो पहले भी यहूदी एंबुलेंसों पर हमले का दावा कर चुका है [A3]।
इसी बीच, उत्तरी लंदन के फ़िंचली स्थित एक सिनेगॉग पर भी आधी रात के बाद पेट्रोल से भरी दो बोतलें और एक ईंट फेंकी गईं, जो प्रज्वलित नहीं हुईं [A9]। पुलिस ने इस मामले में 47 वर्षीय महिला और 46 वर्षीय पुरुष को हिरासत में लिया है [A8]। सीबीएस न्यूज़ ने विश्लेषकों के हवाले से बताया कि पिछले महीने यहूदी चैरिटी हात्ज़ोला की एंबुलेंसों पर हुए हमले का दावा करने वाले संदिग्ध समूह के ईरान समर्थक गुटों से संबंध हो सकते हैं, और इसी साल अक्टूबर में मैनचेस्टर के एक सिनेगॉग पर हुए घातक हमले ने पहले ही चिंता बढ़ा दी थी [A5]।
विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की मीडिया रिपोर्टिंग एक व्यापक पैटर्न की ओर इशारा करती है: ब्रिटिश और अरबी स्रोत दूतावास की ड्रोन धमकी पर केंद्रित रहे, जबकि रूसी आउटलेट ने सिनेगॉग गिरफ़्तारियों की आयु-विवरण को प्राथमिकता दी और मैक्सिकन समाचार ने ईरान इंटरनेशनल हमले के पीछे के गुट की पहचान उजागर की। यह संयोग मात्र नहीं लगता—एक तरफ़ इज़राइली प्रतिष्ठान तो दूसरी तरफ़ ईरानी शासन के आलोचक और यहूदी धार्मिक स्थल, ये सभी लगभग एक साथ निशाने पर आए। लंदन की आतंक-रोधी इकाई यह आकलन कर रही है कि क्या ये घटनाएँ किसी समन्वित अभियान का हिस्सा हैं। आने वाले दिनों में डिजिटल फ़ोरेंसिक और गिरफ़्तार लोगों से पूछताछ यह साफ़ करेगी कि ड्रोन धमकी, आगजनी के प्रयास और सिनेगॉग पर हमला एक ही नेटवर्क की कड़ियाँ हैं या अलग-अलग उग्रवादी कोशिशें। फ़िलहाल, ब्रिटेन की राजधानी में सुरक्षा एजेंसियाँ बेहद सतर्क हैं और समुदायों को आश्वस्त करने का प्रयास जारी है।
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