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जिनेवा घड़ी मेले में ऑडेमर्स पिगेट की वापसी और बढ़ती मात्रा की चाह, स्विस घड़ीसाज़ी का युद्धक इतिहास

2026 के वॉचेज़ एंड वंडर्स में ऑडेमर्स पिगेट की लंबी अनुपस्थिति के बाद वापसी, टिसोट जैसी ब्रांडों से मात्रा बढ़ाने की उद्योग की रणनीति और जूरा घाटी की लचीली परंपरा पर एक नज़र।

अर्थव्यवस्था4 स्रोत4 भाषाएँ2 मिनट पढ़नाअपडेट 09:22

जिनेवा में चल रहे वॉचेज़ एंड वंडर्स 2026 की भव्यता में सबसे बड़ी चर्चा ऑडेमर्स पिगेट की वापसी की है। 2019 में सैलून से अलग हुई इस ब्रांड ने अब तक अलग-थलग रहकर अपनी दुर्लभता और प्रतीक्षा सूची का माहौल तैयार किया था। जूरा घाटी में 1875 में स्थापित यह स्वतंत्र पारिवारिक मैन्युफ़ैक्चर क्वार्ट्ज़ संकट के दौरान भी नहीं डिगा, बल्कि उसी दौर में रॉयल ओक जैसी क्रांतिकारी डिज़ाइन पेश कर उद्योग में नई जान डाली। अब इसकी मौजूदगी शो के आकर्षण को और बढ़ा रही है, जहाँ क़रीब 300 ब्रांड मौजूद हैं और हर दर्शक के लिए सब कुछ देख पाना असंभव है।

इसी मेले में ट्यूडर भी अपने 100वें पंजीयन वर्षगाँठ के साथ मौजूद है, लेकिन ब्रांडों की यह शानदार भीड़ उद्योग के भीतर एक नई बेचैनी को छिपा नहीं पाती। गलियारों में ख़ासकर एक नाम गूँज रहा है जो प्रदर्शकों में शामिल नहीं: टिसोट। स्वॉच समूह का यह ब्रांड वॉल्यूम बढ़ाने की रणनीति का प्रतीक बन गया है, क्योंकि ज़्यादातर कंपनियाँ बिक्री की मात्रा बढ़ाने को लेकर चिंतित हैं। जहाँ रोलेक्स, पाटेक फिलिप और शॉपार जैसे दिग्गजों के मंडपों के पास ट्यूडर का स्थान उसकी प्रतीकात्मक हैसियत बताता है, वहीं स्वॉच समूह ही फ़िलहाल वह अकेला खिलाड़ी है जो इस वॉल्यूम की भूख को पूरा कर सकता है।

यह दोहरी चुनौती स्विस घड़ीसाज़ी के युद्धक इतिहास को ताज़ा करती है। दो विश्व युद्धों के बीच कलाई घड़ी की क्रांति से लेकर एशियाई क्वार्ट्ज़ हमले और हाल ही में कनेक्टेड घड़ियों के आक्रमण तक, इस उद्योग ने हर लड़ाई को जीवटता से लड़ा है। जूरा आर्क की चोटियों ने प्रतिस्पर्धियों को कुचला, संकटों से उबरना सीखा और आज भी शिल्प और प्रतिष्ठा की जो बुनियाद खड़ी कर रखी है, वह कोई संयोग नहीं है।

आगे का रास्ता इन्हीं दो ध्रुवों के बीच तय होगा। ऑडेमर्स पिगेट की वापसी दुर्लभता और इच्छा पर ज़ोर देती है, जबकि टिसोट के इर्द-गिर्द घूमती बातचीत लोकतांत्रिक पहुँच की तलाश करती है। जिनेवा के सैलून इस द्वंद्व का आईना हैं, और उम्मीद की जा रही है कि स्विस घड़ीसाज़ी एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक लचीलेपन का परिचय देते हुए दुनिया भर के बाज़ारों में अपनी जगह पुख़्ता करेगी।

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Le Temps
Australian Financial Review (AFR)
Bloomberg
Liberty Times