ट्रंप और ममदानी के बीच कर जंग, शहर के भविष्य पर उठे सवाल
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी का लक्जरी दूसरे आवासों पर प्रस्तावित कर राष्ट्रपति ट्रंप के निशाने पर। व्यापार जगत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, यूरोपीय मीडिया ने समाजवादी प्रयोग को परखा।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी के बीच रिश्तों में तल्ख़ी उस प्रस्तावित कर को लेकर चरम पर पहुँच गई है, जो अरबपतियों के लक्ज़री दूसरे आवासों पर भारी वार्षिक अधिभार लगाने की योजना है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ममदानी पर शहर को “तबाह” करने और वहाँ से लोगों के “भागने” का आरोप लगाया, जबकि इसी वर्ष नवंबर में उन्होंने ममदानी की चुनावी जीत के बाद उनकी सराहना की थी और ओवल ऑफ़िस में “उत्पादक” मुलाक़ात की बात कही थी [A1][A12]। यह हमला उस समय हुआ जब राज्य की गवर्नर कैथी होचुल ने पाँच मिलियन डॉलर से अधिक के पीद-आ-तेर पर नगर-स्तरीय अधिभार का समर्थन किया, जिसे ममदानी ने एक वीडियो में “हम अमीरों पर कर लगा रहे हैं” कहकर मनाया [A2][A3]।
यह कर विशेष रूप से उन ग़ैर-निवासी मालिकों को निशाना बनाता है जो मियामी या सिलिकॉन वैली में रहते हुए न्यूयॉर्क में करोड़ों डॉलर का आलीशान अपार्टमेंट रखते हैं, लेकिन शहर या राज्य के आयकर से बचते हैं [A6]। मेयर ममदानी ने हेज फ़ंड प्रमुख केन ग्रिफ़िन के 238 मिलियन डॉलर वाले पेंटहाउस का नाम लेते हुए इसे अमीरों पर कर लगाने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने का पहला क़दम बताया और दावा किया कि अमीरों के पलायन की धमकी “काल्पनिक” है—पूर्व में करोड़पतियों पर कर बढ़ाने के बाद भी उनकी संख्या घटी नहीं, बल्कि बढ़ी [A7][A11]। अर्थशास्त्रियों ज़ुकमान और स्टिगलिट्ज़ के साथ आयोजित एक जन-मंच पर ममदानी ने इस कर से सालाना कम-से-कम 500 मिलियन डॉलर जुटाने की उम्मीद जताई [A3][A7]।
ममदानी के पहले सौ दिनों का जायज़ा लेने वाली अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने एक विभाजित शहर की तस्वीर पेश की। जहाँ स्विस अख़बार एनज़ेडज़ेड ने स्टेटन आइलैंड पर “पोटहोल ब्लिट्ज़” के दौरान खुद फावड़े से गड्ढे भरते ममदानी को एक “शानदार काम करने वाला” मेयर बताने वाले मतदाताओं को दिखाया, वहीं एक लक्ज़री रियल एस्टेट एजेंट ने उनकी नीतियों को “सबको नुकसान पहुँचाने वाली” क़रार दिया [A9]। फ्रेंच-स्विस अख़बार ल तों ने मैरिस्ट सर्वे का हवाला देते हुए ममदानी की 48 प्रतिशत अनुमोदन रेटिंग का उल्लेख किया—जो पूर्व मेयर एरिक एडम्स के समान अवधि के 61 प्रतिशत से कम है—लेकिन 56 प्रतिशत लोगों का मानना था कि शहर “सही दिशा” में जा रहा है [A10]। ममदानी ने ख़ुद एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि लोकतांत्रिक समाजवाद “कहीं भी पनप सकता है,” क्योंकि इस देश में एकमात्र बहुमत मज़दूर वर्ग का है [A4]।
अमेरिकी वित्तीय अभिजात्य वर्ग की प्रतिक्रिया तीखी रही। हेज फ़ंड मैनेजर डैनियल लोएब ने संभावित स्थानांतरण का संकेत दिया, जबकि उद्यमी जेसन कालाकानिस ने “एनवाइसी इज़ कुक्ड” लिखकर घोषित कर दिया कि शहर बर्बाद हो चुका है [A8]। यह विवाद महज़ एक स्थानीय कर से आगे बढ़कर दो विपरीत आर्थिक दर्शनों के बीच वैचारिक जंग बन गया है—एक ओर ममदानी का पुनर्वितरणवादी मॉडल, दूसरी ओर ट्रंप और कारोबारी हस्तियों का पूँजी-पलायन का तर्क। ममदानी के लिए यह कर न केवल कोष जुटाने का औज़ार है, बल्कि इस बात की परीक्षा भी है कि क्या अमेरिका की वित्तीय राजधानी में समाजवादी विचार एक स्थायी राजनीतिक ताक़त बन सकता है।
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