रक्षा खर्च में 53 अरब डॉलर की ऐतिहासिक वृद्धि, ट्रंप के दबाव के बीच 3% जीडीपी का लक्ष्य
खतरनाक वैश्विक परिदृश्य और क्षरणशील अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के मद्देनजर ऑस्ट्रेलिया ने आत्मनिर्भरता और अमेरिकी गठजोड़ के बीच संतुलन साधते हुए रक्षा क्षमताओं में बड़ा निवेश किया है।

ऑस्ट्रेलिया ने अगले एक दशक में अपनी रक्षा शक्ति में 53 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का अतिरिक्त निवेश करने की घोषणा की है, जिसमें पहले चार सालों में ही 14 अरब डॉलर खर्च होंगे। रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति पेश करते हुए 2033 तक नाटो की परिभाषा के अनुसार रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3 प्रतिशत तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा। हालाँकि, पारंपरिक ऑस्ट्रेलियाई गणना पद्धति के तहत यह आँकड़ा महज 2.3-2.4 प्रतिशत ही बैठता है, जो वाशिंगटन की 3.5 प्रतिशत की माँग से अभी भी काफी कम है।
यह नीतिगत बदलाव ऐसे समय आया है जब मार्ल्स ने स्वीकार किया कि ‘द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद से ऑस्ट्रेलिया सबसे जटिल और भयावह रणनीतिक हालात का सामना कर रहा है।’ ईरान युद्ध के वैश्विक प्रभावों और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के तेज़ी से क्षरण ने इस ख़तरे को और गहरा दिया है। रूसी मीडिया ने भी इस घोषणा को रेखांकित करते हुए इसे ‘ऑस्ट्रेलिया के इतिहास का शांतिकाल का सबसे बड़ा रक्षा खर्च विस्तार’ बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पिछले साल सिंगापुर में हुई मुलाकात में साफ कहा था कि ऑस्ट्रेलिया को रक्षा पर जीडीपी का 3.5 प्रतिशत खर्च करना होगा। इस दबाव के बीच मार्ल्स ने एक ओर ‘आत्मनिर्भरता’ की ज़रूरत पर ज़ोर दिया तो दूसरी ओर अमेरिकी गठजोड़ को ‘अपरिहार्य’ करार दिया। नई रणनीति के तहत सी-27 स्पार्टन विमानों जैसी कटौतियों और अनुबंधित श्रम पर निर्भरता घटाने के साथ ही रक्षा लोक सेवा में बड़ी भर्ती की योजना है, जिससे ऑस्ट्रेलिया एक लंबी छलाँग भरता दिख रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई टिप्पणीकार इसे ‘पिछड़ेपन को पकड़ने का अभ्यास’ मान रहे हैं, जहाँ प्रधानमंत्री अल्बनीज़ के एजेंडे में रक्षा कभी केंद्रीय नहीं रही, लेकिन आज की वैश्विक अव्यवस्था ने सरकार को मजबूर कर दिया। निजी पूँजी से जुड़े विशेष निवेश कार्यक्रम और ‘एकीकृत निवेश योजना’ इस बात का संकेत हैं कि कैनबरा पारंपरिक बजटीय सीमाओं से बाहर निकलकर क्षमता निर्माण करना चाहता है।
आगे का रास्ता स्पष्ट नहीं है। मार्ल्स ने भले ही कहा हो कि नियम-आधारित व्यवस्था ‘विलुप्त’ नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह वैश्विक शक्तियाँ प्रतिद्वंद्विता और अव्यवस्था की ओर बढ़ रही हैं, उसमें ऑस्ट्रेलिया को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और ऐतिहासिक गठबंधन के बीच बारीक संतुलन बनाना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की 3.5 प्रतिशत की माँग से कम खर्च करने के बावजूद, नई रक्षा नीति दशकों की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है जो ऑस्ट्रेलिया को एक आत्मनिर्भर मध्य शक्ति के रूप में तैयार कर सकती है।
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