वैश्विक मौसम का विचित्र रंग: भारत में 47 डिग्री, रूस में बर्फबारी और मोरक्को में प्रचंड लू
एक ओर एशिया और अफ्रीका रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से झुलस रहे हैं, तो दूसरी ओर रूस में मई के अंत में बर्फ गिर रही है और ब्राजील में तूफान का प्रकोप जारी है।

24 मई 2026 का रविवार दुनिया के कई हिस्सों में मौसम के चरम रूपों की एक साथ तस्वीर पेश कर रहा है, जहां एक ओर भीषण लू और रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बर्फबारी और विनाशकारी तूफान सक्रिय हैं। भारत इस विरोधाभास का केंद्र बना हुआ है—भारतीय मौसम विभाग ने मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के लिए भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की है, जहाँ तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है [A1]। दिल्ली में अगले पांच दिनों तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी रहा, जबकि चेन्नई व आसपास के क्षेत्र बादलों और नम हवाओं के चलते 32 डिग्री तक सीमित रहे [A13][A11]। उधर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दक्षिणी राज्यों और पूर्वोत्तर में झमाझम बारिश का दौर शुरू कर दिया है, जिससे खरीफ फसलों के लिए राहत के संकेत हैं [A1]।
उत्तरी अफ्रीका और भूमध्य क्षेत्र भी भीषण ताप की चपेट में हैं। मोरक्को में तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया, खासकर सहाराई प्रांतों टाटा, अस्सा-ज़ाग और लायून में लू का प्रकोप शनिवार से मंगलवार तक जारी रहने का अनुमान है [A3][A2]। वहीं इटली के तटीय इलाकों में अफ्रीकी गर्म हवाओं के कारण मई के आखिर में ही गर्मी का पहला तीव्र दौर शुरू हो गया, जिससे तापमान 35 डिग्री तक पहुँचने की संभावना है [A8]। संयुक्त अरब अमीरात में भी मौसम शुष्क व आंशिक रूप से बादलों वाला रहा, रात में तटीय क्षेत्रों में हल्का कोहरा संभव है [A14]।
इसके विपरीत, रूस की राजधानी मॉस्को में मई के अंतिम सप्ताह में अक्टूबर जैसी ठंड और गीली बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई। एक दिन में ही मासिक वर्षा की 26% मात्रा गिर गई और तेज़ हवाओं के साथ ओले भी पड़े [A7][A4]। विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिमी हवा आर्कटिक वायु लेकर आई, जिससे दिन का तापमान मात्र 5-8 डिग्री तक गिर गया [A4]। मॉस्को का यह मौसम वैश्विक तापमान वृद्धि के बीच एक दुर्लभ शीतल प्रकोप है।
दक्षिण अमेरिका में ब्राजील के लगभग सभी क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफान का प्रकोप जारी रहा। मातो ग्रोसो दो सुल के 67 शहरों में 100 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया [A9][A5]। वहीं इंडोनेशिया के पश्चिम सुलावेसी प्रांत में लगभग सभी जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी गई [A12]। ईरान के माज़ंदरान प्रांत में भी सप्ताहांत बाद गरज-चमक के साथ तेज़ बारिश और आंधी की चेतावनी है [A10]।
ये सारी घटनाएं एक साथ दर्शाती हैं कि मई 2026 का अंतिम रविवार वैश्विक मौसम प्रणाली के बदलते पैटर्न का प्रतीक बन गया है। जहाँ एशिया और अफ्रीका रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जूझ रहे हैं, वहीं यूरोपीय रूस शीतलहर की चपेट में है और दक्षिण अमेरिका व दक्षिण-पूर्व एशिया बाढ़ और तूफानों की मार झेल रहे हैं। यह एक साथ कई महाद्वीपों पर चरम मौसम की घटनाएं जलवायु वैज्ञानिकों के लिए गहन अध्ययन का विषय बन गई हैं।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
India is gripped by an unprecedented heatwave, with temperatures exceeding 46°C and extended heat alerts. Peak electricity demand hit a new historic record, straining the grid. Meteorological authorities warn the situation could worsen in the coming days.
A 'significant' early-season heat wave will hit the US Northeast, with dozens of temperature records at risk. The event, typical of midsummer but arriving in May, is especially dangerous as bodies and infrastructure have not yet acclimated. Health officials warn of risks during the first major heat event of the year.
The heatwave in India has driven electricity demand to a new historic record, fueled by massive use of air conditioners. Despite solar power helping during the day, the grid struggles to meet demand after sunset. The situation highlights energy vulnerabilities in the BRICS country.
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