चीन: कोयला खदान विस्फोट में 82 की मौत, 17 साल का सबसे भीषण हादसा
शांक्सी प्रांत की लियूशेन्यू खदान में गैस विस्फोट से 82 खनिकों की मौत, 128 घायल, दो लापता; राष्ट्रपति शी ने सख्त कार्रवाई और बचाव के आदेश दिए।

शनिवार देर रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत में हुए कोयला खदान हादसे के मृतकों की संख्या 90 से संशोधित कर 82 बताई। लियूशेन्यू खदान में शुक्रवार शाम गैस विस्फोट (कूप डी ग्रिसू) के समय 247 खनिक भूमिगत कार्यरत थे। 755 आपातकालीन और स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात कर बचाव अभियान जारी है, जबकि 128 घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है और दो लापता खनिकों की तलाश निरंतर जारी है।
यह दुर्घटना 17 वर्षों में चीन का सबसे घातक खनन हादसा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश और घायलों के इलाज में कोई कोर-कसर न छोड़ने के आदेश दिए, साथ ही दुर्घटना के कारणों की गहन जांच कर दोषियों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराने की बात कही। ब्लूमबर्ग के हवाले से पता चला कि खदान संचालक कंपनी के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है।
वैश्विक मीडिया में शुरू में मृतक संख्या 90 बताई गई, जिसे बाद में सुधारा गया। अर्जेण्टीनी समाचार एजेंसी नोटिशियास अर्जेंटीनास ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक भ्रम की स्थिति घटनास्थल पर भगदड़ और संचार विफलता का परिणाम थी। अरबी अखबार अल इत्तिहाद ने बताया कि 33 घायल इलाज के बाद घर लौट चुके हैं जबकि चार की हालत गंभीर बनी हुई है। स्पैनिश रोज़नामा ला रासोन ने 201 खनिकों के सफल निकासी की सूचना दी, हालाँकि भूमिगत मौजूदगी को लेकर प्रारंभिक विसंगतियाँ थीं।
यह खदान 2010 में स्थापित शांक्सी टोंगझोउ ग्रुप की लियूशेन्यू कोल इंडस्ट्री द्वारा संचालित है। बीजिंग ने इस हादसे को 'गंभीर उल्लंघनों' का नतीजा करार देते हुए राष्ट्रव्यापी अवैध खनन गतिविधियों पर कठोर दंड की चेतावनी दी है। घटना ने एक बार फिर चीन के खनन उद्योग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सुधार की सख्त जरूरत को रेखांकित किया है। जांच के साथ ही सरकार बड़े संरचनात्मक सुधारों की तैयारी में है, ताकि ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
The news frames the event as a tragic accident with a high death toll, focusing on numbers and rescue efforts. The reporting is factual, citing state media and noting Xi Jinping's call for rescue. There is no explicit criticism, just a recitation of the disaster's scale and the government's response.
The coverage emphasizes the human tragedy and the scale of the disaster, using words like 'slaughter' and 'tragic accident'. It highlights the search for survivors and the high death toll, with a tone of urgency and concern. Some outlets mention the historical context as the worst mining accident in years.
Russian reporting focuses on the official numbers and the government's response, including the detention of company officials. The tone is matter-of-fact, citing state media and emphasizing the rescue operation. There is a slight emphasis on the authorities' prompt actions.
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