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Tuesday, 9 June 2026 · Edition of 20:00 CET

ईरान-इजरायल के बीच हमले रुकने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, बाजार सतर्क

ब्रेंट व डब्ल्यूटीआई में 2-3% से अधिक की नरमी, ट्रंप की अपील के बाद युद्धविराम की उम्मीद, मगर क्षेत्रीय तनाव का जोखिम अभी टला नहीं।

भूराजनीति10 स्रोत6 भाषाएँ3 मिनट पढ़नाअपडेट 20:29

मंगलवार (9 जून) को वैश्विक तेल बाजार में सोमवार की बढ़त पूरी तरह उलट गई। इजरायल और ईरान द्वारा एक-दूसरे पर हमले रोकने की घोषणा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जल्द समझौते के संकेत से निवेशकों का भरोसा लौटा। ब्रेंट क्रूड वायदा करीब 2.8% टूटकर 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई 3.5% तक गिरकर 88 डॉलर पर पहुंच गया। [A1] [A3] [A7] सुबह के कारोबार में ही गिरावट का रुख साफ नजर आने लगा था, जो बाद में मास्को समयानुसार शाम तक और गहरा गया, जहां ब्रेंट 91.05 डॉलर तक लुढ़क गया। [A6]

पिछले सप्ताहांत हुए ताजा हमलों के बाद सोमवार को कच्चे तेल में 5 प्रतिशत तक की उछाल दर्ज की गई थी, लिहाजा यह वापसी युद्धविराम की उम्मीदों का सीधा नतीजा है। [A2] [A5] ट्रंप ने सोमवार रात कहा कि दोनों पक्ष “समझौते के बेहद करीब” हैं, जिसके बाद इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ‘फिलहाल’ हमले रोकने का भरोसा दिया। [A5] [A7] हालांकि, ईरान की सेना ने भी यह स्पष्ट किया कि इजरायल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई खत्म हुई, लेकिन दोनों ओर से फिर हिंसा शुरू होने की चेतावनी बरकरार है। [A8] इसी अनिश्चितता के चलते बाजार में एकबारगी पूरी राहत नहीं उभरी।

लैटिन अमेरिकी बाजारों पर भी तेल कीमतों का असर साफ दिखा। ब्राजील में रियाल के मुकाबले डॉलर 0.38% की गिरावट के साथ खुला, जबकि ब्राजीलियाई शेयर बाजार इबोवेस्पा पर असर बाद में दिखने की उम्मीद थी। [A3] [A10] विशेषज्ञों का कहना है कि यद्यपि तेल सस्ता हुआ है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी व्यापक संघर्ष (विशेषकर लेबनान में इजरायली हमले) मुद्रास्फीति की चिंता को बनाए रखेगा, जिससे वैश्विक ब्याज दरों पर दबाव कम नहीं होगा। [A10] रूसी मीडिया ने भी कीमतों में गिरावट को तनाव में कमी के संकेतों से जोड़ा और बातचीत की उम्मीद जताई। [A6]

विश्लेषक इस राहत को पूरी तरह भरोसेमंद नहीं मानते। पीवीएम ऑयल एसोसिएट्स के तमस वर्गा का कहना है कि बाजार पहले भी ऐसा देख चुका है, और निवेशकों को ‘दोबारा धोखा’ खाने का डर है। [A4] केसीएम ट्रेड के टिम वॉटरर के अनुसार, “प्रत्यक्ष हमलों में नवीनतम विराम से कुछ राहत जरूर है, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क हैं।” [A8] इसके अलावा, वैश्विक मांग के कमजोर संकेत भी कीमतों पर दबाव डाल रहे हैं। [A7] हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये तेल आपूर्ति में रुकावट की आशंका से बाजार पूरी तरह निश्चिंत नहीं हो सकता। [A2]

आने वाले दिनों में तेल की कीमतों की दिशा काफी हद तक राजनीतिक घटनाक्रम और वास्तविक युद्धविराम की प्रगति पर निर्भर करेगी। यदि समझौता ठोस रूप लेता है तो कीमतों में और गिरावट संभव है, लेकिन इजरायल-लेबनान मोर्चे पर जारी तनाव और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं जोखिम बने रहेंगे। दूसरी ओर, केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीति और वैश्विक आर्थिक सुस्ती मांग को प्रभावित कर सकती है, जिससे कच्चे तेल के दाम एक सीमित दायरे में रहेंगे। [A10] फिलहाल, ट्रंप की कूटनीतिक पहल ने बाजार को अस्थायी मरहम जरूर दिया है। [A1] [A5]

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Stampa latinoamericana/ mercatopragmatismodistacco

लैटिन अमेरिकी बाजार ट्रंप की मध्यस्थता से ईरान और इजरायल के बीच हुए युद्धविराम से राहत महसूस कर रहे हैं, तेल की कीमतें गिरने और मुद्रास्फीति का दबाव कम होने पर, हालांकि मध्य पूर्व में फिर से संघर्ष के जोखिम को लेकर सावधानी बरती जा रही है।

Stampa atlantica / anglosfera/ sicurezzascetticismoallarme

ऊर्जा बाजार युद्धविराम की स्थायित्व पर गहरा संदेह बनाए हुए है। युद्धविराम की नाजुकता, होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित अवरोधों और ऊर्जा परिवहन मार्गों तक संघर्ष फैलने के जोखिम की चिंताएं कीमतों को अस्थिर और व्यापारियों को बेचैन रखती हैं।

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ईरान और इजरायल द्वारा आपसी हमलों को निलंबित करने पर सहमति के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे मध्य पूर्व में तनाव कम हुआ। दोनों देशों के बीच सीधे समझौते को कच्चे तेल बाजारों के लिए एक स्थिर कारक माना जा रहा है।

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10 स्रोत · 6 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

Voice of America (VOA) Persian9 जून, 14:31
Interfax9 जून, 18:18
El Cronista9 जून, 16:08
Valor Econômico9 जून, 14:32
Al-Modon9 जून, 14:33
G19 जून, 14:34
La República9 जून, 17:21
Bloomberg9 जून, 17:18