हंगरी में ओर्बान की ऐतिहासिक हार: लोकलुभावनवादी युग का अंत और यूरोप के लिए नई उम्मीद
16 साल बाद विक्टर ओर्बान सत्ता से बाहर, उनके पूर्व सहयोगी पीटर मैग्यार ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की। यह यूक्रेन सहायता और यूरोपीय एकता के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

हंगरी के मतदाताओं ने रविवार को एक निर्णायक फैसला सुनाते हुए 16 साल से सत्ता पर काबिज प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान को बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनके पूर्व सहयोगी और टिस्ज़ा पार्टी के नेता पीटर मैग्यार को लगभग 54 प्रतिशत मतों के साथ दो-तिहाई बहुमत हासिल हुआ, जबकि ओर्बान की फ़िदेस पार्टी महज 38 प्रतिशत पर सिमट गई [A5] [A9]। लगभग 80 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान यह बताने के लिए काफ़ी था कि हंगरी गहरे बदलाव का भूखा था [A3] [A10]। ख़ुद ओर्बान ने चंद घंटों के भीतर हार स्वीकार कर अपने प्रतिद्वंदी को बधाई दे दी—एक ऐसा क़दम जिसने पश्चिमी मीडिया के उस आख्यान को झटका दिया कि हंगरी में लोकतंत्र पूरी तरह ख़त्म हो चुका था [A11]।
मैग्यार की जीत कोरी राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि पिछले दो दशकों में पनपे भ्रष्टाचार, आर्थिक तनाव और रूस-समर्थक झुकाव के ख़िलाफ़ जन-आक्रोश का नतीजा है [A3] [A6]। ओर्बान ने जिसे ‘अस्वतंत्र लोकतंत्र’ का नाम दिया था, मैग्यार उसे ध्वस्त करने का वादा कर रहे हैं—प्रधानमंत्री का कार्यकाल सीमित करना, न्यायपालिका की स्वतंत्रता लौटाना, और राजकीय संस्थाओं की सफ़ाई करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है [A7] [A14]। इटली के ला स्टाम्पा ने इसे 2008 के वित्तीय संकट के बाद शुरू हुए संप्रभुतावादी चक्र का “संस्थागत और नैतिक पतन” करार दिया [A1]।
यूरोपीय संघ के गलियारों में राहत की लहर है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने इसकी तुलना 1956 की क्रांति और 1989 में लोहे के परदे के गिरने से की [A8]। ओर्बान ने यूक्रेन को सैन्य सहायता और रूस पर प्रतिबंधों को बार-बार रोका था, इसलिए ब्रसेल्स को उम्मीद है कि अब कीव की मदद का रास्ता साफ़ होगा [A6] [A10]। हालांकि, इटली के इल फ़ातो क्वोतिदियानो ने आगाह किया है कि मैग्यार ने रूसी तेल और गैस पर निर्भरता बनाए रखने का संकेत दिया है, यानी यूक्रेन पर खुलापन यूरोपीय संघ की जेब से निकल सकता है [A8]।
दक्षिणी यूरोप में इस नतीजे ने दक्षिणपंथी दलों को हिलाकर रख दिया है। स्पेन के एल मुंडो के अनुसार वोक्स पार्टी के लिए यह तिहरा झटका है—वित्तीय, रणनीतिक और भविष्य का [A15]। ओर्बान को उसका वैचारिक, राजनीतिक और आर्थिक संरक्षक माना जाता था, और उनके गिरने से वोक्स के लिए धन का स्रोत सूख सकता है [A4]। इधर इटली में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की बहन अरियाना ने सावधानी बरती और कहा कि हंगरी में स्वतंत्र चुनाव हुए, जनता की इच्छा स्पष्ट है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि लोकलुभावनवाद ख़त्म हो गया [A2]। ला वानगार्दिया ने लिखा कि ट्रंप का स्पर्श अब हार का पर्याय बनता जा रहा है—मेलोनी को इटली में जनमत संग्रह हारना पड़ा और अब ओर्बान भी चुनाव हार गए [A12]।
आगे की राह चुनौतियों भरी है। मैग्यार ने भ्रष्टाचार ख़त्म करने और राज्य के ढांचे को तोड़कर नया बनाने की क़सम खाई है, लेकिन ओर्बान का सिस्टम—मीडिया, न्यायाधीशों और पुलिस पर नियंत्रण—गहरी जड़ें जमा चुका है [A16]। नोए ज़्यूरिख़र ज़ाइटुंग के पॉडकास्ट ने सवाल उठाया कि क्या चुनाव जीत लेना व्यवस्था-परिवर्तन के बराबर है [A16]। हंगरी की जनता ने बदलाव का जनादेश दिया है, और यूरोप के लिए यह एक संकेत है कि अतिवादी लोकलुभावनवाद की लहर हमेशा के लिए अपराजेय नहीं है [A5] [A13]।
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