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ट्रंप प्रशासन ने 6 जनवरी के कैपिटल हमले के दोषियों की सज़ाएँ रद्द करने का अनुरोध किया

न्याय विभाग ने अपील अदालत से ओथ कीपर्स और प्राउड बॉयज़ के 12 सदस्यों के ख़िलाफ़ राजद्रोह की साजिश समेत सभी दोषसिद्धियाँ ख़त्म करने को कहा, जिनकी सज़ाएँ पहले ही माफ़ हो चुकी थीं।

कानून एवं नियमन7 स्रोत2 भाषाएँ3 मिनट पढ़नाअपडेट 09:26

अमेरिकी न्याय विभाग ने मंगलवार को एक संघीय अपील अदालत से 6 जनवरी 2021 के कैपिटल हमले में शामिल 12 दोषियों की सज़ाओं को रद्द करने का अनुरोध किया। इनमें से अधिकांश दक्षिणपंथी समूहों ‘ओथ कीपर्स’ और ‘प्राउड बॉयज़’ के प्रमुख सदस्य हैं, जिन्हें राजद्रोह की साजिश जैसे गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया गया था [A1][A6]। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पदभार संभालने के कुछ घंटों बाद ही अधिकांश दंगाइयों को माफ़ी दे दी थी, लेकिन इन 12 लोगों की सज़ाओं को केवल ‘बिताए गए समय’ में बदला गया था, जिससे उनकी दोषसिद्धियाँ बरकरार रहीं [A2]। अब प्रशासन उन आख़िरी कानूनी नतीजों को भी पूरी तरह मिटाना चाहता है।

जर्मन भाषी मीडिया ने इस घटनाक्रम को दक्षिणपंथी उग्रवाद के प्रति ट्रंप प्रशासन के नरम रुख के रूप में देखा है। ‘टागेस-आंत्साइगर’ और ‘फ़्रैंकफ़ुर्टर आलगेमाइने’ जैसे अख़बारों ने इन समूहों को ‘कट्टरपंथी’ करार देते हुए बताया कि न्याय विभाग ने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया [A1][A3]। यूरोपीय विश्लेषण इस बात पर ज़ोर देता है कि अमेरिका में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हुए हमले की जवाबदेही को लगातार कमज़ोर किया जा रहा है, जिसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकतंत्र की मज़बूती को लेकर चिंता पैदा हो रही है।

अमेरिकी संदर्भ में यह क़दम 6 जनवरी की ऐतिहासिक सच्चाई को दोबारा लिखने की व्यापक कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। ‘वॉक्स’ और ‘सीबीएस न्यूज़’ ने याद दिलाया कि इस हमले में लगभग 140 पुलिस अधिकारी घायल हुए थे और ट्रंप के झूठे चुनावी दावों से उपजी इस हिंसा के ख़िलाफ़ अब तक कई सैकड़ों को सज़ा मिली है [A4][A2]। ‘फ़ॉक्स न्यूज़’ के अनुसार, सरकारी अभियोजकों ने अदालत में लिखा कि “कार्यपालिका के नज़रिए से, इस मामले या इसी तरह के अन्य मामलों को जारी रखना न्याय के हित में नहीं है” [A6]। यह भाषा सीधे ट्रंप की उस घोषणा से जुड़ती है जिसमें उन्होंने दोषियों को ‘राजनीतिक क़ैदी’ बताया था।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सज़ाएँ रद्द होने से न केवल दोषियों के नागरिक अधिकार बहाल होंगे, बल्कि भविष्य में ऐसे कृत्यों के लिए न्यायिक मिसाल भी कमज़ोर पड़ेगी। जिन 12 लोगों के ख़िलाफ़ अर्ज़ी दी गई है उनमें स्टीवर्ट रोड्स और एनरिक टारियो जैसे संगठनों के शीर्ष नेता शामिल हैं [A2]। यह प्रक्रिया इस बात का संकेत है कि ट्रंप प्रशासन जवाबदेही को पूरी तरह ख़त्म करने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है, भले ही अदालत इस पर कोई रोक लगाए या नहीं।

यह समाचार इन पर प्रकाशित हुआ

7 स्रोत · 2 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

Süddeutsche Zeitung (SZ)
Frankfurter Allgemeine Zeitung (FAZ)
Vox
Fox News
The New York Times
Tages-Anzeiger
CBS News