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तुर्की में 48 घंटों में दो स्कूल गोलीबारी, 10 की मौत; ऑनलाइन पोस्ट पर 162 गिरफ्तार

कहरामनमाराश के स्कूल में एक छात्र ने पांच पिस्तौल से फायरिंग कर शिक्षक सहित 9 लोगों की जान ली, हमलावर भी मारा गया। पिछले दिन हुए पहले हमले में 16 घायल हुए थे। पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट पर 162 लोगों को हिरासत में लिया।

कानून एवं नियमन23 स्रोत7 भाषाएँ2 मिनट पढ़नाअपडेट 09:27

दक्षिण-पूर्व तुर्की के कहरामनमाराश प्रांत में बुधवार को आयसेर चालिक माध्यमिक विद्यालय में एक चौदह वर्षीय छात्र ने अपने पिता की पिस्तौलों से गोलियां बरसाईं, जिसमें आठ बच्चों और एक शिक्षक की मौत हो गई तथा तेरह छात्र घायल हो गए। गृह मंत्री मुस्तफा चिफ्तची ने पुष्टि की कि हमलावर ईसा अरास मेर्सिनली ने पांच हथियार और सात मैगजीन लेकर दो कक्षाओं में अंधाधुंध फायरिंग की, और बाद में स्वयं भी मारा गया—यह स्पष्ट नहीं है कि उसने आत्महत्या की या अफरा-तफरी में गोली लगी। [A1][A4][A15] इससे एक दिन पहले मंगलवार को शानलिउर्फा प्रांत के सिवेरेक में एक व्यावसायिक लिसे में पूर्व छात्र ने शिकार राइफल से गोलीबारी कर सोलह लोगों को घायल किया और खुद भी जान दे दी, जो इस सप्ताह तुर्की में स्कूल गोलीबारी की पहली घटना थी। [A5][A21]

कहरामनमाराश के गवर्नर मुकेर्रेम उनलुएर ने बताया कि हमलावर के पिता एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं, जिनके पास से हथियार चुराकर बेटा स्कूल पहुंचा था; पिता को हिरासत में ले लिया गया है। [A6][A8][A20] हमले में घायल छह लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि शुरुआती रिपोर्टों में मृतक संख्या चार बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर नौ व तेरह घायल हो गई। [A3][A19] मृतकों में दस वर्षीय जेनेप भी शामिल है, जिसके चाचा ने बीबीसी को बताया कि परिवार पूरी तरह टूट चुका है। [A17]

इन दोहरे हमलों के बाद तुर्की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 162 लोगों को सोशल मीडिया पर “विवादास्पद” पोस्ट डालने के आरोप में हिरासत में लिया। न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने कहा कि इन खातों ने गोलीबारी के फुटेज साझा किए, भय फैलाने वाली सामग्री प्रसारित की और अपराध की प्रशंसा की। [A12] गुरुवार को कहरामनमाराश की मुख्य मस्जिद के पास सैकड़ों शोकाकुल लोग बच्चों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। [A12][A17]

तुर्की में स्कूल गोलीबारी अत्यंत दुर्लभ रही है, लेकिन ये लगातार हमले एक नए सामाजिक आघात के रूप में उभरे हैं। [A3][A17] विशेषज्ञों का मानना है कि देश में आसानी से उपलब्ध आग्नेयास्त्र और अपर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य जांच ने किशोर हिंसा को बढ़ावा दिया है। हालांकि अधिकारियों ने किसी आतंकी साजिश से इनकार किया और इसे छात्र का “व्यक्तिगत हमला” करार दिया, [A15] जांच अब पिता की लापरवाही और स्कूल सुरक्षा उपायों पर केंद्रित है। यह त्रासदी तुर्की समाज को बंदूक नियंत्रण और युवा अलगाव पर गहन बहस के लिए मजबूर कर सकती है।

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