ट्रंप-मेलोनी मित्रता का अंत: पोप के बचाव ने तोड़ा गठबंधन
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इतालवी प्रधानमंत्री मेलोनी पर सार्वजनिक हमला किया। पोप के बचाव और युद्ध से इनकार पर रिश्ता टूटा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर एक कड़वा बयान देते हुए कहा, “मैं उनसे हैरान हूं, मैंने सोचा था उनमें हिम्मत है, लेकिन मैं गलत था।” कोरिएरे डेला सेरा को दिए एक टेलीफोन इंटरव्यू में यह टिप्पणी उस समय आई जब मेलोनी वेरोना की एक वाइन प्रदर्शनी में मौजूद थीं [A1][A7]। ट्रंप का गुस्सा पोप लियो चौदहवें पर उनकी आलोचना को मेलोनी द्वारा “अस्वीकार्य” करार दिए जाने और ईरान के साथ अमेरिकी-इज़राइली युद्ध में शामिल होने से इनकार करने से उपजा [A3][A6]। यह उस घनिष्ठ रिश्ते का अचानक अंत था, जिसे कभी ट्रांसअटलांटिक सेतु के रूप में देखा जाता था।
एक समय मेलोनी ट्रंप की “पसंदीदा यूरोपीय नेता” थीं—वे उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुईं, मार-ए-लागो में मुलाकात की, और खुद ट्रंप उन्हें “शानदार नेता और मित्र” कहते थे [A4][A9]। मेलोनी ने ट्रंप के “शांति बोर्ड” में भाग लिया और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार देने की पैरवी की। लेकिन पिछले साल से तनाव बढ़ने लगा था—पहले टैरिफ की व्यापार जंग, फिर यूक्रेन और मध्य-पूर्व को लेकर मतभेद [A5]। ट्रंप के पोप पर हमले ने आखिरी कड़ी तोड़ दी। मेलोनी ने केवल पोप का बचाव नहीं किया, बल्कि इज़राइल के साथ हथियार समझौता भी स्थगित कर दिया [A2][A8]।
यूरोपीय प्रेस इस विच्छेद को अलग-अलग कोणों से देख रही है। जर्मन अखबार फ्रैंकफुर्टर आलगेमाइने का मानना है कि 2027 के इतालवी चुनावों को ध्यान में रखते हुए मेलोनी ने कैथोलिक मतदाताओं को साधने के लिए ट्रंप से दूरी बनाई; यह रिश्ता “विषाक्त” हो चुका था और उससे छुटकारा राहत देने वाला है [A2][A4]। फ्रांसीसी ल ताँ इसे “तलाक” कहता है, जहां मेलोनी ने ट्रंप के बजाय पोप का पक्ष चुना [A3]। स्पेन के एल मुंडो के अनुसार टैरिफ और विश्व व्यवस्था पर असंगत दृष्टिकोण पहले ही रिश्ते को खोखला कर चुके थे [A5]। स्विस एनजेडजेड ने रेखांकित किया कि ट्रंप के हमले ने इटली में मेलोनी के प्रति व्यापक एकजुटता पैदा कर दी—यह उनके लिए एक अच्छी खबर साबित हुई [A7]। एंग्लो-सैक्सन प्रेस (इंडिपेंडेंट, सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड) इस घटना को ट्रंप द्वारा एक और सहयोगी पर पलटवार के रूप में देख रही है, जबकि मेलोनी भी अपनी ओर से दूरी चाह रही थीं [A6][A9]।
आगे चलकर मेलोनी के लिए यह विच्छेद घरेलू राजनीति में लाभदायक हो सकता है, क्योंकि वह खुद को एक स्वतंत्र और मूल्य-आधारित नेता के रूप में पेश कर सकती हैं। ट्रंप की कठोर प्रतिक्रिया यूरोप में उनके घटते प्रभाव का संकेत है। इटली का ट्रांसअटलांटिक सेतु बनने का सपना फिलहाल ध्वस्त हो गया है, और मेलोनी को अब यूरोपीय संघ के भीतर अपनी भूमिका नए सिरे से गढ़नी होगी। इस पूरे प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वैचारिक निकटता भी राष्ट्रीय हितों और सांस्कृतिक मूल्यों के आगे टिक नहीं सकती।
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