Edition of 20:00 CETSaturday, 13 June 2026
287 स्रोत · 16 भाषाएँआज 0 ब्रीफिंग
Tuesday, 9 June 2026 · Edition of 06:00 CET

छह हफ्ते का जेट ईंधन और फिर संकट: यूरोपीय उड़ानों पर मंडराता खतरा

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी प्रमुख ने चेतावनी दी कि हॉरमुज़ की नाकेबंदी के कारण यूरोप के पास केवल छह सप्ताह का जेट ईंधन बचा है, जिससे गर्मियों में उड़ानें रद्द हो सकती हैं।

अर्थव्यवस्था18 स्रोत7 भाषाएँ3 मिनट पढ़नाअपडेट 09:20

पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फतह बिरोल ने एक व्यापक साक्षात्कार में कहा कि यूरोप के पास ‘शायद छह सप्ताह या उसके आसपास का जेट ईंधन बचा है’। उन्होंने इस स्थिति को ‘अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट’ करार दिया, जो ईरान युद्ध के चलते हॉरमुज़ जलडमरूमध्य से तेल, गैस और अन्य आवश्यक आपूर्ति ठप होने से उपजा है। बिरोल ने कहा कि यदि यह नाकेबंदी जारी रही तो बहुत जल्द ही शहर ए से शहर बी की उड़ानें रद्द होने की खबरें सुनने को मिलेंगी।

यह संकट गर्मियों की यात्रा के चरम मौसम से ठीक पहले आया है। यूरोप अपनी जेट ईंधन की करीब आधी जरूरत खाड़ी देशों से आयात करता है, लेकिन फरवरी के अंत से हॉरमुज़ बंद होने के बाद अब केवल एक तिहाई मात्रा ही पहुंच रही है। अमेरिका से रिकॉर्ड मात्रा में आपूर्ति की जा रही है, पर यह खाड़ी से हुई कमी की केवल थोड़ी भरपाई कर पा रही है। इसका असर सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं है—एशियाई देश भी मध्य पूर्व की रिफाइनरियों पर निर्भर हैं, और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के यात्रियों को भी किराया वृद्धि तथा रद्दीकरण का सामना करना पड़ सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि चेतावनियों के बीच आधिकारिक प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। जहां आईईए और विमानन उद्योग आसन्न संकट की बात कर रहे हैं, वहीं यूरोपीय आयोग का कहना है कि ‘बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने जैसी कोई व्यवस्थित कमी के संकेत नहीं हैं’। जर्मनी की आर्थिक मंत्री कैथरीना राइशे ने भी ‘अभी कोई आपूर्ति कठिनाई न होने’ की बात कही। लेकिन जर्मन एयरलाइन समूह बीडीएल ने सरकार से रणनीतिक केरोसिन भंडार खोलने और नाटो पाइपलाइन प्रणाली तक पहुंच की मांग की है, और रायनएयर ने चेताया है कि यदि मई या जून तक हॉरमुज़ नहीं खुला तो कुछ हवाई अड्डों पर ईंधन की आपूर्ति बाधित हो सकती है।

यूरोपीय संघ जून से रिफाइनिंग क्षमता की मैपिंग और उत्पादन अधिकतम करने की योजना बना रहा है। लेकिन विशेषज्ञों की राय बंटी है—कुछ का मानना है कि अगले तीन-चार सप्ताह में स्थिति प्रणालीगत हो सकती है, तो कुछ इसे कीमतों की समस्या भर मानते हैं। बिरोल ने स्वयं स्वीकार किया कि यदि ईरान युद्ध समाप्त होता है और जलडमरूमध्य खुलता है तो आपूर्ति सामान्य हो सकती है, लेकिन लंबी नाकेबंदी न केवल उड़ानों को प्रभावित करेगी बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति को भी गहरा झटका देगी। इस संकट ने परमाणु ऊर्जा समेत ऊर्जा सुरक्षा के वैकल्पिक रास्तों पर बहस को भी हवा दे दी है।

यह समाचार इन पर प्रकाशित हुआ

18 स्रोत · 7 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

Sky News Arabia
Bild
La Stampa
France 24
HuffPost Italia
Australian Broadcasting Corporation (ABC)
Channel 4 News
Il Fatto Quotidiano