हैती के ऐतिहासिक किले में भगदड़ से कम से कम 30 की मौत, बचाव कार्य जारी
यूनेस्को धरोहर लाफेरिएर गढ़ में शनिवार को ईस्टर सभा के दौरान खराब मौसम और ऑक्सीजन की कमी के चलते मची भगदड़ में मृतक संख्या बढ़ सकती है।

हैती के उत्तरी हिस्से में स्थित ऐतिहासिक लाफेरिएर गढ़ (सिटाडेल हेनरी) में शनिवार को ईस्टर की वार्षिक सभा के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल पर असामान्य रूप से भारी भीड़ जुटी थी, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल थे। प्रधानमंत्री एलिक्स डिडियर फिल्स-एमे ने इसे "दुखद हादसा" बताते हुए तत्काल जांच शुरू करने और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
स्पेन के ला वांगार्दिया अखबार के अनुसार, तेज बारिश और हवाओं के कारण किले की संकरी दीर्घाओं में ऑक्सीजन की कमी से दम घुटने और भगदड़ की आशंका जताई गई है। केप-हैतियन के मेयर पैट्रिक अल्मोनोर ने बताया कि राहत कार्य अभी पूरे नहीं हुए हैं, इसलिए मृतक संख्या बढ़ सकती है। वहीं स्विस और जर्मन अखबारों ने सरकार के गहरे सदमे पर प्रकाश डाला, लेकिन हादसे के ठोस कारणों का अभाव रहा।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी प्रांत के नागरिक सुरक्षा प्रमुख ज्यां हेनरी पेटिट ने पुष्टि की कि ईस्टर की पारंपरिक सभा में शामिल अधिकांश पीड़ित युवा थे। लाफेरिएर गढ़ को 1982 में यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया था और यह हैती के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है। इस त्रासदी ने उस सांस्कृतिक धरोहर पर ही ग्रहण लगा दिया।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब हैती पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता और गिरोह हिंसा से जूझ रहा है। ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर भीड़ प्रबंधन एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। सरकार ने सभी संबंधित एजेंसियों को राहत कार्यों में लगा दिया है; जांच के बाद आगे की रणनीति तय होगी। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि बुनियादी सुरक्षा उपायों के अभाव में सांस्कृतिक समारोह कितनी जल्दी त्रासदी में बदल सकते हैं।
यह समाचार इन पर प्रकाशित हुआ
9 स्रोत · 4 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की