स्पेनिश प्रधानमंत्री की पत्नी बेगोनिया गोमेज़ पर भ्रष्टाचार के आरोप, पेड्रो सांचेज़ ने चीन से कहा- 'न्याय होना चाहिए'
दो साल की जांच के बाद जज ने गोमेज़ को मुकदमे के लिए भेजने का प्रस्ताव रखा, जबकि सांचेज़ चीन की आधिकारिक यात्रा पर हैं और शी चिनफिंग से मुलाकात कर रहे हैं।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की पत्नी बेगोनिया गोमेज़ को दो वर्षों की आपराधिक जांच के बाद भ्रष्टाचार के चार आरोपों में औपचारिक रूप से अभियोजित करने का प्रस्ताव जज जुआन कार्लोस पेनाडो ने रखा है। इन आरोपों में ग़बन, प्रभाव का व्यापार, व्यावसायिक भ्रष्टाचार और धन का दुरुपयोग शामिल हैं। जज के आदेश के अनुसार, गोमेज़ ने मैड्रिड के कॉम्प्लूटेंस विश्वविद्यालय में एक पीठ के सृजन और संचालन में अपने पति के पद का लाभ उठाकर निजी करियर को आगे बढ़ाया और सार्वजनिक संसाधनों का निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब सांचेज़ चीन की आधिकारिक यात्रा पर थे। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ़ द पीपल में शी चिनफिंग से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांचेज़ ने संयत अंदाज़ में कहा, "मैंने हमेशा यही कहा है कि मैं न्याय से बस न्याय चाहता हूं।" स्पेनिश मीडिया के अनुसार, मोंक्लोआ में सरकार के भीतर इस फ़ैसले पर गहरा आक्रोश है और अधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा के साथ इसे जोड़ना महज़ संयोग नहीं है।
इसी बैठक में शी चिनफिंग ने दोनों देशों को "इतिहास के सही पक्ष" पर खड़ा बताते हुए सांचेज़ से अंतरराष्ट्रीय नियमों की रक्षा का आह्वान किया। शी के इस बयान ने उस कूटनीतिक सामंजस्य को उजागर किया जो व्यापार और भू-राजनीति में बीजिंग और मैड्रिड के बीच बढ़ रहा है। हालांकि, सांचेज़ के लिए यह कूटनीतिक सफलता एक व्यक्तिगत और राजनीतिक संकट की छाया में आई।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस मामले को सांचेज़ की अल्पमत सरकार पर बढ़ते दबाव के रूप में देखा है। बीबीसी और एबीसी ऑस्ट्रेलिया जैसे स्रोतों ने रेखांकित किया कि यह जांच उन कई भ्रष्टाचार मामलों में से एक है जिन्होंने सोशलिस्ट नेता के परिवार और पूर्व सहयोगियों को घेर रखा है। वहीं स्पेनिश दैनिक एल पाइस ने जांच की प्रक्रियागत कमज़ोरियों की ओर इशारा करते हुए बताया कि बचाव पक्ष ने जांच में नई दरख्वास्तें करते हुए मुक़दमे की सिफारिश करने के जज के लिखित आदेश को निरस्त करने का जोखिम जताया है।
बेगोनिया गोमेज़ ने सभी आरोपों से इनकार किया है और अब अदालत को तय करना है कि क्या उन्हें जूरी के सामने मुक़दमे का सामना करना होगा। यह मामला स्पेन की राजनीति में पहले से मौजूद ध्रुवीकरण को और गहरा सकता है, खासकर तब जब सांचेज़ की सरकार विधायी समर्थन के लिए क्षेत्रीय दलों पर निर्भर है। चीन से लौटने के बाद प्रधानमंत्री को ऐसे घरेलू संकट का सामना करना होगा जो उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी परीक्षा बन सकता है।
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