यूरोपीय संघ ने ऑनलाइन आयु सत्यापन के लिए नया ऐप तैयार किया, कोविड मॉडल का अनुसरण
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने घोषणा की कि तकनीकी रूप से तैयार यह ऐप जल्द ही नागरिकों के लिए उपलब्ध होगा, जो सोशल मीडिया पर उम्र सत्यापन के लिए पासपोर्ट या आईडी कार्ड का उपयोग करेगा।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को ब्रुसेल्स में एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि यूरोपीय संघ ने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की आयु सत्यापित करने के लिए एक एकीकृत एप्लिकेशन तैयार कर लिया है। [A1, A5] यह ऐप तकनीकी रूप से पूर्ण है और शीघ्र ही सभी ईयू नागरिकों के लिए उपलब्ध होगा। [A1, A9] वॉन डेर लेयेन ने इसे कोविड-19 महामारी के दौरान इस्तेमाल किए गए टीकाकरण प्रमाणपत्र ऐप की सफलता के मॉडल पर आधारित बताया, जिसका उपयोग दुनिया भर के 67 देशों ने किया था। [A10] उन्होंने कहा कि इस बार लक्ष्य बच्चों को ऑनलाइन हानिकारक सामग्री से बचाना है, और यह एक साझा यूरोपीय दृष्टिकोण का हिस्सा है। [A5, A1]
यह नया ऐप स्मार्टफोन, टैबलेट और कंप्यूटर पर काम करेगा। उपयोगकर्ता को अपना पासपोर्ट या राष्ट्रीय पहचान पत्र अपलोड करके एक बार पंजीकरण करना होगा, जिसके बाद ऐप प्लेटफ़ॉर्म को केवल आयु की पुष्टि करेगा, व्यक्तिगत डेटा साझा नहीं करेगा। [A4, A7] वॉन डेर लेयेन के अनुसार, यह दुनिया के सबसे उच्च गोपनीयता मानकों के अनुरूप है। [A4] ऐप पूरी तरह ओपन सोर्स होगा, जिससे ईयू के बाहर के भागीदार देश भी इसका लाभ उठा सकेंगे। [A6, A9] इसे इटली सहित पाँच सदस्य देशों में परीक्षणित किया जा चुका है। [A3]
स्विस समाचार पत्र नॉये ज़्यूरिख़र ज़ाइटुंग के अनुसार, यह अनिवार्य आयु सत्यापन टिकटॉक, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफ़ॉर्मों पर लागू होगा और इसका प्रभाव स्विट्ज़रलैंड जैसे गैर-ईयू देशों पर भी पड़ेगा। [A2] अमेरिकी पत्रिका टाइम ने इसे "कोई और बहाना नहीं" शीर्षक दिया और कहा कि यह तकनीकी कंपनियों पर दबाव डालने वाला पहला केंद्रीकृत ब्लॉक-व्यापी समाधान है। [A7] ऑस्ट्रेलिया द्वारा 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के कुछ महीनों बाद यूरोपीय संघ का यह कदम तेजी से उठाया गया है। [A8]
हालांकि, फ्रांसीसी अखबार ल ताँ ने विशेषज्ञों की चेतावनियों को रेखांकित किया कि इस ऐप से गोपनीयता और निगरानी के बड़े जोखिम छिपे हैं। [A8] वॉन डेर लेयेन ने बार-बार कहा कि बच्चों की परवरिश माता-पिता की जिम्मेदारी है, न कि प्लेटफ़ॉर्मों की, और सोशल मीडिया युवा मस्तिष्क के लिए लत और हानिकारक माहौल पैदा करता है। [A3, A6] इतालवी स्रोतों ने भी इस बात पर जोर दिया कि यह ऐप वैश्विक स्तर पर दोहराए जाने योग्य मॉडल हो सकता है, जैसा कि कोविड ऐप के साथ हुआ। [A10]
विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय संघ का यह कदम डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक निर्णायक प्रयोग साबित हो सकता है, लेकिन इसे व्यापक स्वीकार्यता और तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में अभी लंबा रास्ता तय करना है। [A8, A7] यदि सफल रहा, तो यह अन्य देशों के लिए एक टेम्पलेट बन सकता है; यदि गोपनीयता संबंधी आलोचनाएँ सही साबित हुईं, तो यह निगरानी राज्य की ओर एक खतरनाक कदम भी हो सकता है।
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