बिलबाओ हवाई अड्डे पर गाजा फ्लोटिला कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प, चार गिरफ्तार; इज़राइल ने स्पेन पर कसा तंज़
ग्लोबल समूद फ्लोटिला के छह सदस्यों की बिलबाओ वापसी पर बास्क पुलिस ने लाठीचार्ज किया, चार लोग हिरासत में; इस घटना पर इज़राइली विदेश मंत्रालय ने मैड्रिड पर पाखंड का आरोप लगाया।

स्पेन के बिलबाओ हवाई अड्डे पर शनिवार को उस वक्त तनावपूर्ण झड़प हुई, जब गाजा जा रही मानवीय मदद फ्लोटिला के छह सदस्य तुर्की से लौटे। बास्क क्षेत्रीय पुलिस एर्त्ज़ैंत्ज़ा ने कार्यकर्ताओं और उनके स्वागत में आए समर्थकों पर लाठियां बरसाईं, जिसके बाद चार लोगों को अवज्ञा, प्रतिरोध और सरकारी अधिकारियों पर हमले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया [A2][A4]। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस को एक्टिविस्टों को खींचते और डंडों से पीटते देखा गया [A6]।
ग्लोबल समूद फ्लोटिला के ये कार्यकर्ता कुछ दिन पहले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इज़राइली सेना द्वारा रोके गए थे और उन्हें अशदोद बंदरगाह पर हिरासत में रखा गया था। प्रत्यर्पण के बाद उन्होंने "व्यवस्थित अपहरण, यातना और शारीरिक-मानसिक हिंसा" के आरोप लगाए [A1]। इस बीच, इज़राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने बंदी कार्यकर्ताओं का मज़ाक उड़ाते हुए एक वीडियो साझा किया, जिस पर स्पेन ने कड़ी आपत्ति जताई और इज़राइली राजदूत को तलब किया [A3][A6]।
बिलबाओ की घटना ने इस कूटनीतिक तनाव को और हवा दे दी। इज़राइली विदेश मंत्रालय ने बास्क पुलिस की कार्रवाई के दृश्यों का इस्तेमाल करते हुए स्पेन पर पाखंड का आरोप लगाया — एक ओर इज़राइल की आलोचना और दूसरी ओर अपने ही यहां प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग [A5][A6]। स्पेन के लिए यह दोहरी मुश्किल बन गया: वामपंथी गठबंधन सरकार फलस्तीनी समर्थक रुख के लिए जानी जाती है, लेकिन स्वदेश में पुलिसिया कार्रवाई ने उसकी छवि को झटका दिया।
एर्त्ज़ैंत्ज़ा के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने मीडिया के सामने आगमन द्वार को अवरुद्ध कर दिया था और समर्थकों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा [A2][A4]। वहीं, फ्लोटिला संगठन ने "अंतरराष्ट्रीय जांच" की मांग करते हुए इसे लक्षित क्रूरता बताया [A1]। इन विरोधाभासी बयानों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।
यह प्रकरण स्पेन-इज़राइल संबंधों में बढ़ती कड़वाहट को दर्शाता है, जहां गाजा युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच शब्दों की जंग तेज़ हो गई है। पेड्रो सांचेज़ सरकार के लिए यह घटना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मोर्चों पर दबाव बढ़ा सकती है, खासकर तब जब इज़राइल इसका इस्तेमाल स्पेन की नैतिक आलोचना को कमज़ोर करने में कर रहा है [A6]।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
The Basque police brutally attacked Flotilla activists just returned from Gaza, where they had suffered kidnappings and torture by Israel. The excessive use of force at Bilbao airport is condemned as unacceptable violence, and an international investigation is demanded. The Spanish government is called to account for this serious incident.
The repression by the Basque police against Flotilla activists is an example of Western complicity with Israel. Images of the violence spread quickly, while Israel mocks the situation. The double standard of Spanish authorities who repress those opposing the genocide in Gaza is denounced.
Spanish police arrested Flotilla activists who had violated Israeli laws. Videos show officers using necessary force to maintain order. Israel seized the opportunity to mock the situation, highlighting the hypocrisy of those who criticize Israel but then face similar repression at home.
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