ट्रंप का ग्रीनलैंड पर फिर इशारा: एआई तस्वीर से 'हैलो ग्रीनलैंड' संदेश, स्थानीय प्रतिरोध तेज
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर एक एआई-निर्मित छवि साझा की, जिसमें वे ग्रीनलैंड के पहाड़ों के पीछे विशाल रूप में दिखे; ग्रीनलैंड का प्रधानमंत्री बोला- 'द्वीप बिकाऊ नहीं है'।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनी एक तस्वीर पोस्ट कर ग्रीनलैंड पर कब्जे की मंशा का नाटकीय संकेत दिया। इस तस्वीर में ट्रंप को विशालकाय रूप में ग्रीनलैंड के पहाड़ों के पीछे खड़ा और अपने हाथ से द्वीप को थामे हुए दिखाया गया, जबकि नीचे छोटे-छोटे घर बसे हैं [A3]। पोस्ट में बस इतना लिखा था: "हैलो, ग्रीनलैंड!" [A1][A4]। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब अमेरिका ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में नया वाणिज्य दूतावास खोला, लेकिन इसके उद्घाटन में ग्रीनलैंड सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं आया, जो स्थानीय प्रशासन की असहजता को दर्शाता है [A2][A6]।
लुइसियाना के गवर्नर और ग्रीनलैंड के लिए अमेरिकी विशेष दूत जेफ लैंड्री ने तीन दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद फॉक्स न्यूज को बताया, "यह एक शानदार यात्रा रही, मैंने कई लोगों से मुलाकात की। अखबारों की खबरों के विपरीत, ग्रीनलैंड के लोग अमेरिका से प्यार करते हैं और अधिक अमेरिकी भागीदारी चाहते हैं" [A1][A5]। हालांकि, ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री येंस-फ्रेडरिक नीलसन ने पुष्टि की कि उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि "ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है" [A5]। स्थानीय स्तर पर भी प्रतिरोध सामने आया: कई निवासियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए "घर वापस जाओ, हम तुम्हें नहीं चाहते" के नारे लगाए [A6]।
ट्रंप का ग्रीनलैंड प्रेम कोई नया नहीं है—2019 में उन्होंने पहली बार इस द्वीप को खरीदने की पेशकश कर डेनमार्क के साथ कूटनीतिक तनाव पैदा कर दिया था। अब आर्कटिक में चीन और रूस की बढ़ती रुचि के बीच ग्रीनलैंड का रणनीतिक महत्व और भी बढ़ गया है। एआई से बनी यह छवि केवल सनक नहीं, बल्कि अमेरिकी विस्तारवादी सोच का प्रतीक बनती जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की यह चाल नाटो सहयोगी डेनमार्क के साथ रिश्तों को और तनावपूर्ण बना सकती है, खासकर जब ग्रीनलैंड का राजनीतिक नेतृत्व स्वायत्तता पर अडिग है और स्थानीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा इसे बाहरी हस्तक्षेप मानता है।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
Continental European press portrays Trump's AI-generated image as a deliberate provocation that escalates transatlantic tensions. It highlights Greenlandic residents' rejection, quoting 'go home'. The article contrasts Trump's triumphalist attitude with the reality of the autonomous Danish territory.
Latin American press reports the event descriptively, highlighting Trump's persistence on annexing Greenland despite Danish opposition. It mentions the opening of the new US consulate in Nuuk and the absence of Greenlandic representatives. The approach is more detached, emphasizing Trump's repeated attempts.
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