Edition of 20:00 CETSaturday, 13 June 2026
287 स्रोत · 16 भाषाएँआज 0 ब्रीफिंग
Tuesday, 9 June 2026 · Edition of 06:00 CET

अमेरिका ने रूसी तेल प्रतिबंधों में एक माह की और ढील दी, बेसेंट के इनकार के बावजूद विस्तार

वित्त मंत्री के दो दिन पहले किसी विस्तार से इनकार के बावजूद, अमेरिकी राजकोष ने रूसी कच्चे तेल की बिक्री-डिलीवरी की अनुमति 16 मई तक बढ़ा दी, जिससे ईरान संघर्ष से उपजी आपूर्ति की कमी पर लगाम लगे।

भूराजनीति12 स्रोत5 भाषाएँ3 मिनट पढ़नाअपडेट 08:22

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के सार्वजनिक रूप से यह कहने के महज़ दो दिन बाद कि रूसी तेल पर छूट का विस्तार नहीं किया जाएगा, शुक्रवार को ट्रेज़री विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने एक नया सामान्य लाइसेंस जारी कर तेल बाज़ार को चौंका दिया। इसके तहत 17 अप्रैल से पहले जहाज़ों पर लदे रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री, डिलीवरी और उतराई पर से प्रतिबंध 16 मई तक हटा लिए गए हैं। यह क़दम मार्च में जारी उस 30-दिवसीय छूट का सीधा विस्तार है जो 11 अप्रैल को समाप्त हो चुकी थी, और जिसे कई विश्लेषक अंतिम मान रहे थे।

यह निर्णय वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में भारी उथल-पुथल के बीच आया है। ईरान पर इज़रायली-अमेरिकी हमलों के बाद कच्चे तेल की क़ीमतें आसमान छूने लगी थीं, लेकिन शुक्रवार को जब तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को संपूर्ण युद्धविराम अवधि के दौरान सभी व्यावसायिक जहाज़ों के लिए खुला रखने की घोषणा की, तो ब्रेंट क्रूड 9 प्रतिशत से अधिक गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। अमेरिकी प्रशासन ने इसी अनिश्चितता के मद्देनज़र रूसी तेल की आपूर्ति को सुचारू रखकर मूल्यों को और उछलने से रोकने की कोशिश की है।

विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के मीडिया ने इस उलटफेर को अलग-अलग कोणों से देखा। रूसी अख़बारों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मॉस्को नकारात्मक फ़ैसले के लिए तैयार था, लेकिन अब लॉजिस्टिक शृंखलाओं को पूरा करने की अस्थायी मोहलत मिल गई है। अरब मीडिया ने बेसेंट के बयान और उसके ठीक बाद लाइसेंस जारी होने के विरोधाभास को रेखांकित किया, और इसे तेल की बढ़ती क़ीमतों को शांत करने का उपाय बताया। पश्चिमी प्रेस ने साफ़ किया कि यह छूट ईरान युद्ध से उत्पन्न आपूर्ति संकट को कम करने के लिए दी गई है, जबकि मैक्सिको के एक प्रमुख अख़बार ने ख़ास तौर पर इस बात पर ध्यान खींचा कि यह ढील रूस के ‘भूतिया बेड़े’ के जहाज़ों पर भी लागू होती है, लेकिन ईरान, उत्तर कोरिया, क्यूबा और अधिकृत यूक्रेनी क्षेत्रों से जुड़े लेन-देन अब भी प्रतिबंधित हैं।

विशेषज्ञ इसे एक स्पष्ट संकेत मान रहे हैं कि फ़िलहाल बाज़ार की स्थिरता कूटनीतिक सख़्ती पर भारी पड़ रही है। हालाँकि नए लाइसेंस में ईरानी मूल के माल से जुड़ी किसी भी गतिविधि को सख़्ती से बाहर रखा गया है, जिससे तेहरान पर दबाव बरक़रार है। यह दोहरी रणनीति वैश्विक तेल प्रवाह को बनाए रखते हुए प्रतिद्वंद्वियों पर चुनिंदा प्रहार की वाशिंगटन की मजबूरी को दर्शाती है।

16 मई के बाद क्या होगा, इस पर अभी गहरा असमंजस है। एक महीने की यह मोहलत रूसी निर्यातकों और वैश्विक ख़रीदारों को कुछ राहत तो देती है, लेकिन बेसेंट के पूर्व रुख़ को देखते हुए बाज़ार इसे स्थायी नीतिगत बदलाव नहीं मान रहे। आने वाले सप्ताहों में सबकी निगाहें कच्चे तेल के दामों और होर्मुज़ की स्थिति पर टिकी रहेंगी, क्योंकि यही वे कारक हैं जो इस विस्तार को अंतिम बना सकते हैं या फिर एक और नई छूट का रास्ता खोल सकते हैं।

यह समाचार इन पर प्रकाशित हुआ

12 स्रोत · 5 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

El Sol de México
Lenta.ru
Vedomosti
Sky News Arabia
Interfax
Reforma
Le Monde
An-Nahar