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इबोला का प्रकोप नियंत्रण से बाहर: WHO प्रमुख ने चेताया, कांगो और युगांडा में 220 संदिग्ध मौतें

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वीकार किया कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में इबोला महामारी स्वास्थ्य प्रतिक्रिया से तेज़ी से फैल रही है। स्वास्थ्य केंद्रों पर हमले और मरीज़ों के भागने से स्थिति और गंभीर हुई है।

स्वास्थ्य और विज्ञान18 स्रोत8 भाषाएँ4 मिनट पढ़नाअपडेट 05:08

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में फैल रही इबोला महामारी ने एक ख़तरनाक मोड़ ले लिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने सोमवार को अफ़्रीकी संघ की एक आपात बैठक में स्पष्ट स्वीकार किया कि "महामारी फिलहाल हमारी नियंत्रण क्षमता से अधिक तेज़ी से फैल रही है।" [A6] [A8] यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब संदिग्ध मामलों की संख्या 900 को पार कर चुकी है, 101 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, और लगभग 220 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। [A1] [A9] 15 मई को पूर्वी कांगो में महामारी की पुष्टि के बाद से यह आँकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। घेब्रेयेसस ने बताया कि प्रकोप का पता लगने में हुई देरी का अर्थ है कि प्रतिक्रिया दल अब "तेज़ी से भागती महामारी के पीछे दौड़ रहे हैं।" [A5] [A6] WHO प्रमुख मंगलवार को स्वयं कांगो रवाना हो रहे हैं, जबकि युगांडा में दो नए मामलों के साथ कुल पुष्ट रोगियों की संख्या सात हो गई है। [A1] [A10]

लेकिन इस महामारी की असली त्रासदी सिर्फ़ आँकड़ों में नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर उपजे अविश्वास और हिंसा में छिपी है। पूर्वोत्तर इटूरी प्रांत में महज़ एक सप्ताह के भीतर तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर हमले हो चुके हैं। [A2] [A4] सबसे ताज़ा घटना रविवार रात मोंगब्वालू के सामान्य अस्पताल में घटी, जहाँ युवकों का एक समूह इबोला से मृत एक पादरी का शव लेने के लिए घुस आया। [A2] [A4] सरकार ने पारंपरिक अंत्येष्टि प्रथाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है—जिनमें शव को छूकर अंतिम विदाई दी जाती है—क्योंकि मृत शरीर अत्यधिक संक्रामक होते हैं। [A2] [A4] परंतु आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए इस रस्म का त्याग असहनीय पीड़ा लेकर आया है। पिछले सप्ताह र्वामपारा में दो आइसोलेशन केंद्र जलाए जा चुके थे, और मोंगब्वालू में ही मेडेसिन सां फ़्रंटियेर का एक टेंट नष्ट कर दिया गया था, जिससे 18 मरीज़ भाग निकले। [A2] [A5] अस्पताल प्रमुख रिचर्ड लोकुडु के अनुसार, हमले के दौरान कर्मचारियों को मरीज़ों और स्वयं को बचाकर निकालना पड़ा। [A4] [A12]

इस बीच, अफ़्रीकी संघ की स्वास्थ्य एजेंसी ने दस पड़ोसी देशों—दक्षिण सूडान, रवांडा, कीनिया, तंज़ानिया, इथियोपिया, कांगो-ब्रेज़ाविल, बुरुंडी, अंगोला, मध्य अफ़्रीकी गणराज्य और ज़ाम्बिया—को उच्च जोखिम वाला क्षेत्र घोषित किया है। [A1] [A3] WHO का वैश्विक स्तर पर जोखिम का आकलन भले ही "कम" हो, परंतु अफ़्रीका में यह सैकड़ों जानें ले सकता है। [A3] विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि इस प्रकोप में महिलाएँ असम्मानित रूप से प्रभावित हो रही हैं, क्योंकि पारंपरिक रूप से बीमारों की देखभाल और शवों की तैयारी का दायित्व उन्हीं पर होता है। [A3] कुछ चिकित्सक इबोला को "करुणा की बीमारी" कहते हैं—जो व्यक्ति जितना अधिक प्रियजनों की सहायता करता है, उसके संक्रमित होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। [A3] इस प्रकोप में बुंडिबुग्यो नामक दुर्लभ विषाणु उपभेद की पहचान हुई है, जो अन्य उपभेदों की तुलना में कम विषैला तो है, परंतु इसके विरुद्ध अब तक कोई टीका उपलब्ध नहीं है। [A6] [A13] इसी कारण WHO ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया है। [A7] [A13]

विशेषज्ञों का मानना है कि आगे का रास्ता चुनौतियों से भरा है। एक ओर जहाँ चिकित्साकर्मी बुनियादी आपूर्ति की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय समुदायों का अविश्वास प्रतिक्रिया प्रयासों को कमज़ोर कर रहा है। [A5] [A12] घेब्रेयेसस ने पड़ोसी देशों से "तत्काल कार्रवाई" का आग्रह किया है ताकि सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई जा सके और संक्रमण की शृंखला को तोड़ा जा सके। [A1] [A10] इतिहास गवाह है कि सामुदायिक विश्वास के बिना महामारी नियंत्रण असंभव है—2014-16 के पश्चिम अफ़्रीकी प्रकोप ने यही सबक सिखाया था। अब प्रश्न यह है कि क्या क्षेत्रीय सरकारें और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ इस बार समय रहते वह विश्वास अर्जित कर पाएँगी, या महामारी एक बार फिर करुणा और भय के बीच की खाई में पनपती रहेगी।

एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa europea continentaleStampa latinoamericanaStampa arabo levante-Maghreb
Stampa europea continentaleallarmeindignazioneurgenza

The Ebola outbreak in DRC and Uganda is spiraling out of control, with over 900 suspected cases and 220 deaths. WHO warns as attacks on health centers and traditional burial practices hamper the response. The situation is complicated by violence and population mobility.

Stampa latinoamericanaallarmepragmatismo

WHO admits the Ebola outbreak, caused by the Bundibugyo strain, is outpacing response efforts. With over 900 suspected cases and 220 deaths, treatment centers are attacked and patients flee. Neighboring countries are on alert.

Stampa arabo levante-Maghreburgenzaallarme

The WHO director warns that the Ebola outbreak in Congo is extremely serious and calls on neighboring countries to act immediately. Suspected cases exceed 900 and deaths 200. The situation is complex and requires a coordinated effort.

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18 स्रोत · 8 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

El Sol de México
Helsingborgs Dagblad
France 24
Sydsvenskan
Australian Broadcasting Corporation (ABC)
Le Temps
Valor Econômico
An-Nahar