होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, समुद्री ड्रोन से पहली बार बचाव
ईरान युद्ध के बीच सामरिक जलमार्ग के समीप गिरे हेलिकॉप्टर के दोनों पायलटों को मानवरहित सतही पोत ने सुरक्षित निकाला। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, पायलट सकुशल हैं, दुर्घटना की जांच जारी।

मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे स्थानीय समय पर ओमान के तट के पास रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त कर रहा अमेरिकी सेना का एक एएच-64 अपाचे हमलावर हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, दोनों पायलटों को पहली बार किसी मानवरहित समुद्री ड्रोन की मदद से सकुशल बचा लिया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के अनुसार, टास्क फोर्स 59 के 7.3 मीटर लंबे मानवरहित सतही पोत ने पानी में करीब दो घंटे बिताने के बाद दोनों सैनिकों को ढूंढ निकाला और सुरक्षित तट पर पहुंचाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीए फाइनल के बाद न्यूयॉर्क में पत्रकारों से कहा, "पायलट ठीक हैं, कोई घायल नहीं हुआ।" उन्होंने मंगलवार तक घटना की रिपोर्ट जारी करने का वादा किया। सेंटकॉम ने बताया कि बचाव कार्य में नौसेना सेंट्रल कमांड, 82वीं एयरबोर्न डिवीजन और पांचवें बेड़े की टास्क फोर्स 59 शामिल थीं। यह पहला मौका है जब अमेरिकी सेना ने किसी बचाव अभियान में समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया।
यह घटना ऐसे समय हुई जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। ईरान और इज़राइल ने इसी हफ्ते एक-दूसरे पर सीधे मिसाइल हमले किए, जो अप्रैल में हुए नाजुक युद्धविराम के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका था। ईरानी राज्य टेलीविजन के अनुसार, इज़राइली हमलों में कम से कम दो ईरानी वायु रक्षा कर्मी मारे गए। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है और ऊर्जा की कीमतें आसमान पर पहुंचा दी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य, जिससे दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है, को ईरान ने युद्ध के दौरान प्रभावी रूप से बंद कर रखा है। अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर वहां ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू करने में लगे थे और इससे पहले ईरानी छोटी नौकाओं पर हमले भी कर चुके हैं। ऐसे में हेलिकॉप्टर का गिरना किसी बड़ी सैन्य गलतफहमी की आशंका को बढ़ा देता है।
दुर्घटना के कारणों को लेकर विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की मीडिया ने अलग-अलग रुख अपनाया। अमेरिकी मीडिया ने बचाव की तकनीकी उपलब्धि और ट्रंप के आश्वासन को प्रमुखता दी, जबकि ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज ने इसे "अमेरिकी हमलावर हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की स्वीकारोक्ति" करार दिया और इसे ईरान द्वारा युद्धविराम उल्लंघनों के खिलाफ "निर्णायक जवाबी कार्रवाई" के संदर्भ में पेश किया। लैटिन अमेरिकी समाचार पत्रों (ला नासियोन, क्लारिन, वैलोर इकोनॉमिको) ने घटना की अनिश्चितता और क्षेत्रीय अस्थिरता पर जोर दिया, साथ ही बताया कि हादसे की वजह चाहे ईरानी गोलाबारी हो, मशीनी खराबी या कुछ और – फिलहाल कुछ स्पष्ट नहीं है। सेंटकॉम ने पुष्टि की कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह हादसा युद्ध की संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीक की भूमिका दोनों को रेखांकित करता है। पहली बार किसी मानवरहित सतही पोत द्वारा सफल बचाव भविष्य की सैन्य कार्रवाइयों के लिए मिसाल बन सकता है, लेकिन साथ ही यह भी दर्शाता है कि हाईटेक युद्ध में छोटी सी घटना भी कैसे वैश्विक संकट को गहरा सकती है। युद्धविराम की बहाली की उम्मीद पहले ही धूमिल हो चुकी थी, और इस घटना ने उसे और कमजोर कर दिया है। आने वाले दिनों में दुर्घटना की जांच रिपोर्ट न केवल सैन्य बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी निर्णायक साबित होगी।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलिकॉप्टर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, लेकिन त्वरित बचाव और ट्रंप के आश्वासन ने अमेरिकी लचीलेपन को रेखांकित किया। कारण की जाँच हो रही है और ईरान के साथ तनाव के बावजूद अभी तक दुश्मन की गोलीबारी का सबूत नहीं मिला है।
अमेरिकी हमलावर हेलिकॉप्टर का दुर्घटनाग्रस्त होना, जिसे ट्रंप को स्वीकार करना पड़ा, वाशिंगटन द्वारा लगातार संघर्षविराम उल्लंघनों के खिलाफ ईरान की निर्णायक जवाबी कार्रवाई का प्रत्यक्ष परिणाम है। यह घटना फारस की खाड़ी में मंडरा रही आक्रामक अमेरिकी सेनाओं की कमजोरी को उजागर करती है।
जबकि वाशिंगटन पुष्टि करता है कि दोनों पायलट होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास दुर्घटना में बच गए, ईरान ने अभी तक कोई भूमिका होने का दावा नहीं किया है। यह घटना ईरान-इज़रायल के बीच नए हमलों के बाद हुई है, जिससे अप्रैल के संघर्षविराम पर दबाव बढ़ा है और व्यापक संघर्ष की चिंताएँ बढ़ गई हैं।
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