अमेरिका 20 अप्रैल से लौटाएगा अवैध आयात शुल्क, बेसेंट ने जुलाई तक नए टैरिफ का संकेत दिया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आईईईपीए टैरिफ रद्द करने के बाद सोमवार से आयातकों के लिए रिफंड पोर्टल खुलेगा, लेकिन सरकार जुलाई में नए सिरे से शुल्क लगा सकती है।

अमेरिकी सरकार अगले सप्ताह एक नई ऑनलाइन प्रणाली के ज़रिए उन अरबों डॉलर के आयात शुल्क की वापसी शुरू करेगी, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में अवैध करार दिया था। यह पोर्टल, जिसे कंसॉलिडेटेड एडमिनिस्ट्रेशन एंड प्रोसेसिंग ऑफ एंट्रीज़ (सीएपीई) नाम दिया गया है, 20 अप्रैल से आयातकों के लिए खुलेगा और केवल उन्हीं कंपनियों को रिफंड देगा, उपभोक्ताओं को नहीं। अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) के अनुसार, लगभग 127 अरब डॉलर के आईईईपीए-आधारित शुल्क भुगतान रिफंड के योग्य हैं, हालांकि कुछ अमेरिकी और यूरोपीय मीडिया रिपोर्टों में यह आँकड़ा 130 अरब से 166 अरब डॉलर तक बताया गया है।
विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से इस ख़बर को अलग-अलग रंग मिले हैं। अमेरिकी मीडिया ने मुख्य रूप से पोर्टल की तकनीकी प्रक्रिया और हजारों आयातकों द्वारा अदालत में दायर मुकदमों पर जोर दिया है, जबकि मैक्सिको के स्पेनिश-भाषा मीडिया ने रिफंड की 90 दिनों की समय-सीमा और मैक्सिकन निर्यातकों पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया है। स्विट्जरलैंड के जर्मन-भाषा अख़बार ने रॉयटर्स के हवाले से कहा कि सरकार 166 अरब डॉलर ब्याज सहित एकमुश्त इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के जरिए लौटाएगी, जिससे हर आयात प्रविष्टि को अलग-अलग निपटाने की जरूरत नहीं होगी।
हालाँकि, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को संकेत दिया कि यह राहत अस्थायी हो सकती है। उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल के एक कार्यक्रम में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के झटके के बावजूद प्रशासन धारा 301 के तहत अध्ययन करवा रहा है और जुलाई की शुरुआत तक पुराने स्तर पर टैरिफ फिर से लागू किए जा सकते हैं। इससे वैश्विक आयातकों के लिए अनिश्चितता और गहरा गई है, क्योंकि एक ओर अरबों डॉलर की वापसी की तैयारी है तो दूसरी ओर नए सिरे से शुल्क लगने की आशंका भी मुँह बाए खड़ी है।
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