Edition of 20:00 CETSaturday, 13 June 2026
287 स्रोत · 16 भाषाएँआज 0 ब्रीफिंग
Friday, 12 June 2026 · Edition of 20:00 CET

पोप लियो का प्रवासियों के लिए सख्त संदेश: 'सभी हम प्रवासी हैं, तस्कर राक्षस'

पोप लियो XIV ने टेनेरिफ़ के 'शर्म की गोदी' पर मानव तस्करों की निंदा की और प्रवासियों के प्रति उदासीनता को 'राक्षसी' बताते हुए सभी को 'प्रवासी' घोषित किया।

समाज14 स्रोत5 भाषाएँ2 मिनट पढ़नाअपडेट 22:25

पोप लियो XIV ने स्पेन के कैनरी द्वीप स्थित टेनेरिफ़ में अपनी एक सप्ताह की यात्रा के अंतिम दिन प्रवासियों के समर्थन में जोरदार संदेश दिया। अर्गुइनेगुइन के छोटे बंदरगाह पर, जिसे 'शर्म की गोदी' भी कहा जाता है, उन्होंने अफ्रीका से खतरनाक समुद्री यात्रा में जान गंवाने वालों की याद में समुद्र में फूल चढ़ाए। उन्होंने यूरोप की नीतियों पर चोट करते हुए कहा, "हम सम्मान की बात नहीं कर सकते और समुद्रों को कब्रिस्तान बनने दे सकते हैं।" पोप ने मानव तस्करों को 'राक्षस' कहा और सभी से उनकी पीड़ा के प्रति उदासीनता छोड़ने का आग्रह किया।\n\nलास राइसेस प्रवासी केंद्र पर पहुंचने पर, पोप का स्वागत क्षेत्रीय अधिकारियों ने किया, जिसमें कैनरी के राष्ट्रपति फर्नांडो क्लाविहो और केंद्रीय मंत्री शामिल थे। बच्चों ने उन्हें घेर लिया और पोप ने एक बच्चे को गोद में उठाकर स्नेह प्रकट किया। इसके बाद उन्होंने सैकड़ों प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा, "एक अर्थ में, हम सभी प्रवासी हैं, क्योंकि हम सब अपने स्वर्गीय घर की ओर जाने वाले तीर्थयात्री हैं।" यह संदेश उन्होंने दोहराया कि मानवीय गरिमा का कोई पासपोर्ट नहीं होता।\n\nपोप ने मानव तस्करों के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा संदेश देते हुए कहा, "रुक जाओ। अपने आप को बदलो!" यह शब्द संत जॉन पॉल द्वितीय द्वारा माफियाओं के खिलाफ दिए गए आह्वान की याद दिलाते हैं। उन्होंने उन लोगों पर उंगली उठाई जो "मौत के रास्ते बनाते हैं" और दूसरों की पीड़ा को व्यवसाय बनाते हैं। पोप ने सरकारों और संगठनों से अपील की कि वे प्रवासियों के प्रति करुणा और कार्रवाई को मजबूत करें, खासकर तब जब यूरोप में प्रवासी विरोधी नीतियां सख्त हो रही हैं।\n\nटेनेरिफ़, जो स्पेन का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बन गया है, प्रतिवर्ष हजारों अनियमित प्रवासियों को यूरोप पहुंचने का सपना दिखाता है। पोप की यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब अधिकांश यूरोपीय देश प्रवासी नीतियों को कठोर कर रहे हैं, लेकिन स्पेन अपेक्षाकृत खुले दरवाजे की नीति अपनाए हुए है। विश्लेषकों का मानना है कि पोप लियो का यह सख्त संदेश यूरोपीय नेताओं को मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है, हालांकि राजनीतिक दबाव में इसका असर सीमित रह सकता है।

एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa atlantica / anglosfera · sicurezzaStampa europea continentale · mediterraneaStampa latinoamericana · bolivariana_progressistaStampa indiana e sudasiatica
Stampa atlantica / anglosfera/ sicurezzapragmatismodistacco

पोप की कैनरी द्वीप यात्रा एक सूक्ष्म संदेश के साथ समाप्त हुई: उन्होंने प्रवासियों की गरिमा की जोरदार वकालत की और तस्करों को 'राक्षस' कहकर निंदा की, लेकिन साथ ही राष्ट्रों के अपनी सीमाओं को नियंत्रित करने के अधिकार को भी स्वीकार किया और प्रवासियों को खतरनाक यात्राओं पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया। यह संतुलित रुख प्रवासन संकट के प्रति एक व्यावहारिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो मानवीय दायित्वों और संप्रभु विशेषाधिकारों दोनों को मान्यता देता है।

Stampa europea continentale/ mediterraneaurgenzaindignazione

पोप की स्पेन की प्रेरितिक यात्रा टेनेरिफ़ में एक नाटकीय तकनीकी खराबी के साथ समाप्त हुई, जिसे राजा द्वारा व्यक्तिगत रूप से वीआईपी लाउंज तक ले जाकर हल किया गया, जो उच्च-स्तरीय राजनयिक स्वागत को रेखांकित करता है। कैनरी द्वीपों से, पोप ने मानव तस्करों के खिलाफ एक उग्र पुकार लगाई, उन्हें 'रुकने और पश्चाताप करने' का आदेश दिया, जो माफियाओं की पिछली पोपीय निंदाओं की गूँज है। उन्होंने प्रवासियों को कोमलता से गले लगाया और घोषणा की कि 'हम सब प्रवासी हैं', एकजुटता के सार्वभौमिक आह्वान में।

Stampa latinoamericana/ bolivariana_progressistaindignazioneurgenza

कैनरी द्वीपों में, पोप लियो XIV ने यूरोप की उदासीनता की निंदा की, चेतावनी दी कि समुद्रों को कब्रिस्तान बनने देते हुए गरिमा की बात नहीं की जा सकती। उन्होंने अटलांटिक मार्ग पर मारे गए हजारों लोगों के सम्मान में समुद्र में फूल फेंके और एकीकरण का आह्वान किया, यह पुष्टि करते हुए कि 'हम सब, किसी न किसी रूप में, प्रवासी हैं'। यह यात्रा एक शक्तिशाली राजनीतिक इशारा थी, जो एकजुटता और मानवीय निराशा का शोषण करने वाले 'राक्षसों' के अंत की मांग करती है।

Stampa indiana e sudasiaticaallarmedistacco

पोप लियो XIV ने कैनरी द्वीपों की अपनी यात्रा के दौरान प्रवासियों का शोषण करने वाले मानव तस्करों को कड़ी चेतावनी जारी की, उन्हें 'रुकने' और 'पश्चाताप करने' को कहा। पोप का संदेश अनियमित प्रवासन से लाभ कमाने वाले आपराधिक नेटवर्कों पर केंद्रित था, उनके धर्मांतरण का आह्वान किया। इस यात्रा ने तस्करी से लड़ने की नैतिक अनिवार्यता को रेखांकित किया, साथ ही बेहतर जीवन चाहने वालों की दुर्दशा को संबोधित किया।

यह समाचार इन पर प्रकाशित हुआ

14 स्रोत · 5 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

Excelsior12 जून, 17:22
France 2412 जून, 17:22
ANSA Politica12 जून, 12:44
NDTV12 जून, 17:23
Libero Quotidiano12 जून, 19:25
ANSA12 जून, 18:23
The Punch12 जून, 12:44
Gulf News12 जून, 17:23