स्विट्ज़रलैंड में 10 मिलियन जनसंख्या सीमा पर ऐतिहासिक जनमत संग्रह: आप्रवासन और ईयू संबंधों पर असर
14 जून को स्विस मतदाता 10 मिलियन की जनसंख्या सीमा पर मतदान करेंगे। यह पहल आप्रवासन और यूरोपीय संघ के साथ मुक्त आवागमन समझौते को सीधे प्रभावित कर सकती है।

स्विट्ज़रलैंड में 14 जून को होने वाला जनमत संग्रह यूरोप की नज़रों में है। दक्षिणपंथी स्विस पीपुल्स पार्टी (एसवीपी) द्वारा प्रस्तावित '10 मिलियन से अधिक जनसंख्या नहीं' पहल पर मतदाता फैसला सुनाएंगे। यदि यह पारित होती है, तो सरकार को जनसंख्या 10 मिलियन पार होने पर कड़े कदम उठाने होंगे, जिसमें यूरोपीय संघ के साथ मुक्त आवागमन समझौता समाप्त करना भी शामिल हो सकता है। 2002 में ईयू के साथ सीमा प्रतिबंध हटने के बाद स्विट्ज़रलैंड की जनसंख्या 73 लाख से बढ़कर अब 91 लाख से अधिक हो गई है, जिससे बुनियादी ढांचे और सामाजिक ताने-बाने पर दबाव बढ़ा है।
इस पहल ने स्विस समाज में गहरी दरार पैदा कर दी है। समर्थक इसे 'अनियंत्रित आप्रवासन' रोकने का ज़रिया बताते हैं, जबकि विरोधियों का कहना है कि इससे अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा और श्रम की कमी होगी। राजधानी बर्न में यूनिया संघ जैसे समूह 'ना' वोट के लिए ज़ोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस जनमत संग्रह को आप्रवासन और राष्ट्रीय पहचान पर यूरोप के रवैये की एक बड़ी परीक्षा के रूप में देख रहा है।
चुनावी विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस मुद्दे पर मतदान प्रतिशत 54 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जो सामान्य 45 प्रतिशत से काफी अधिक है। यह उच्च भागीदारी इस बात का संकेत है कि आप्रवासन और जनसंख्या वृद्धि स्विस नागरिकों के लिए कितने भावनात्मक मुद्दे बन गए हैं। जिनेवा विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञानी रेने श्वोक के अनुसार, ऐसे जनमत संग्रह स्विस प्रत्यक्ष लोकतंत्र की लंबी परंपरा का हिस्सा हैं और यहां आप्रवासन पर वोट करना कोई वर्जित विषय नहीं है।
परिणाम चाहे जो भी हो, यह जनमत संग्रह स्विट्ज़रलैंड के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। यदि पहल पास हुई, तो इसे लागू करना एक बड़ी चुनौती होगी, खासकर ईयू के साथ संबंधों को लेकर। यूरोपीय आयोग पहले ही संकेत दे चुका है कि मुक्त आवागमन पर रोक से द्विपक्षीय समझौते खतरे में पड़ सकते हैं। ऐसे में यह वोट ब्रेग्ज़िट के बाद यूरोप में बढ़ती आप्रवासन विरोधी लहर के एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है।
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स्विट्ज़रलैंड जनसंख्या को 10 मिलियन पर सीमित करने के जनमत संग्रह पर गहराई से विभाजित है, जो अनियंत्रित आप्रवासन के डर से प्रेरित है। मतदान प्रतिशत असाधारण रूप से उच्च है और बहस तीखी है, जिसमें परिवहन, स्वास्थ्य सेवा और अर्थव्यवस्था में अराजकता की चेतावनियाँ और यूरोपीय संघ के समझौतों के समाप्त होने का जोखिम शामिल है। स्विस प्रत्यक्ष लोकतंत्र जनसांख्यिकीय भविष्य पर एक महत्वपूर्ण परीक्षा का सामना कर रहा है।
स्विट्ज़रलैंड एक जनसंख्या सीमा पर मतदान कर रहा है जिसे आप्रवासन, पहचान और विकास पर यूरोपीय दृष्टिकोण का बैरोमीटर माना जा रहा है। दक्षिणपंथी लोकलुभावन प्रस्ताव यूरोपीय संघ के साथ मुक्त आवागमन को समाप्त कर सकता है, जो देश के आर्थिक मॉडल और खुलेपन पर सवाल उठाता है। परिणाम यह मापेगा कि समृद्ध लोकतंत्रों में आप्रवासन विरोधी भावना कितनी दूर तक फैल गई है।
स्विट्ज़रलैंड 2050 तक जनसंख्या को 10 मिलियन पर सीमित करने के लिए एक अभूतपूर्व जनमत संग्रह करा रहा है, जो आप्रवासन पर अंकुश लगाने का दक्षिणपंथी प्रयास है। यह पहल, जिसके अस्वीकार होने की संभावना है, अमीर देशों में बढ़ती विदेशी-विरोधी भावना को दर्शाती है और प्रवासन पर निर्णय लेने के लिए प्रत्यक्ष लोकतंत्र के उपयोग का एक विवादास्पद उदाहरण स्थापित कर सकती है।
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