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पोप लियो चौदहवें ने 'मुट्ठीभर तानाशाहों' पर साधा निशाना, ईरान युद्ध पर ट्रंप से तनातनी के बीच कैमरून से दी चेतावनी

पोप ने धर्म के नाम पर युद्ध को सही ठहराने वालों को फटकार लगाई और कहा कि अरबों डॉलर युद्धों पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि दुनिया एकजुटता से बंधी है।

भूराजनीति11 स्रोत4 भाषाएँ3 मिनट पढ़नाअपडेट 09:32

अमेरिकी मूल के पहले पोप लियो चौदहवें ने कैमरून के बामेंडा शहर में सेंट जोसेफ़ कैथेड्रल से दुनिया को झकझोर देने वाला संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'दुनिया मुट्ठीभर तानाशाहों द्वारा बरबाद की जा रही है,' और उन नेताओं पर तीखा प्रहार किया जो अरबों डॉलर युद्धों पर उड़ा रहे हैं और धर्म के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। [A1][A2][A8] यह बयान ऐसे वक्त में आया जब कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पोप की सार्वजनिक तकरार हुई थी, जिसने ईरान युद्ध पर उनकी आलोचना को लेकर पोप पर लंबा हमला सोशल मीडिया पर किया था। [A1][A4]

पोप ने उन लोगों के लिए धिक्कार के शब्द कहे जो 'धर्म और ईश्वर के नाम को अपने सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक स्वार्थों के लिए मरोड़ते हैं, पवित्रता को गंदगी और अंधेरे में घसीटते हैं।' [A3][A7] कैमरून का यह इलाका लगभग एक दशक से अलगाववादी विद्रोह की चपेट में है, और पोप ने एक ऐतिहासिक अफ़्रीकी दौरे के आखिरी पड़ाव पर यहां शांति का आह्वान किया। [A3][A6] उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि 'युद्ध के स्वामी यह नहीं जानते कि तबाह करने में एक क्षण लगता है, लेकिन पुनर्निर्माण में एक ज़िंदगी भी कम पड़ जाती है।' [A8]

इटैलियन और स्पैनिश मीडिया ने इस संघर्ष के गहराते पहलुओं को रेखांकित किया। ला रेपुब्लिका ने पोप के उस वाक्य पर विशेष ध्यान दिया जिसमें उन्होंने 'एकजुट भाइयों और बहनों की भीड़' का ज़िक्र किया, जो इन तानाशाहों के बावजूद दुनिया को जोड़े हुए है। [A2] अफ़ारी इतालियानी ने ट्रंप प्रशासन के उस फ़ैसले को प्रमुखता से छापा जिसमें कैथोलिक चैरिटीज़ के साथ 11 मिलियन डॉलर का अनुबंध रद्द कर दिया गया—यह अनुबंध अकेले अप्रवासी बच्चों को आवास और सहायता देने के लिए था और आधी सदी से चला आ रहा था। [A5] इस कदम ने अमेरिकी कैथोलिकों और सरकार के बीच तनाव को और बढ़ा दिया।

दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई प्रसारक एबीसी ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि ट्रंप के बार-बार के हमले इटली और दुनिया भर के कैथोलिकों के बीच उनके समर्थन को कमजोर कर रहे हैं। [A4] मैक्सिकन अख़बार ला होरनाडा ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि रॉबर्ट फ़्रांसिस प्रीवोस्ट, यानी पोप लियो, अमेरिका में जन्मे पहले वैटिकन प्रमुख हैं, और उन्होंने 'निर्णायक दिशा-परिवर्तन' का आग्रह किया। [A6] कई स्रोतों ने बताया कि ट्रंप की उस धमकी पर पोप ने चिंता जताई थी कि अगर ईरान ने युद्ध नहीं रोका और होर्मुज़ जलडमरूमध्य नहीं खोला तो 'एक पूरी सभ्यता मर जाएगी।' यही मुद्दा इस तकरार की जड़ में है। [A1][A8]

यह प्रकरण वैश्विक कूटनीति के लिए एक नए अध्याय की ओर इशारा करता है। एक अमेरिकी पोप का अमेरिकी राष्ट्रपति से सीधा टकराव वैटिकन के लिए अभूतपूर्व नहीं, लेकिन भाषा की कठोरता कूटनीतिक मर्यादाओं को तोड़ती है। पोप ने व्यवस्थागत आलोचना करते हुए किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन साफ़ संकेत दिया कि धार्मिक भाषा का इस्तेमाल करके युद्धों को न्यायसंगत ठहराने वालों का 'धिक्कार' है। [A7] कैमरून के संघर्षग्रस्त इलाके में दिए इस संदेश का व्यापक अर्थ यह है कि नैतिक नेतृत्व अब वैश्विक शस्त्रीकरण और जबरन विस्थापन की प्रवृत्तियों का सामना करते हुए तीखे शब्दों में अपनी बात रखना चाहता है।

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11 स्रोत · 4 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

Forbes
Affari Italiani
France 24
Australian Broadcasting Corporation (ABC)
La Vanguardia
La Repubblica
BBC News
The Independent