हिन्द-प्रशांत से लेकर अफ्रीका तक: वैश्विक साझेदारियों की नई लहर में विकासशील देश
केन्या नॉर्वे के साथ नए समुद्री मार्गों की खोज में है, इंडोनेशिया वैश्विक क्रूज़ जहाज़ों के लिए कामगार तैयार कर रहा है, और कानो शहरी विकास के लिए यूरोपीय संघ की सहायता चाहता है।

केन्या ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में अपनी भूमिका का विस्तार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नॉर्वे के साथ नए जलमार्गों की संभावना तलाशने की घोषणा की है। राष्ट्रपति विलियम रूटो ने ओस्लो में नॉर्वेजियन शिपओनर्स एसोसिएशन के साथ बातचीत के बाद बताया कि प्रस्तावित मार्ग मोम्बासा और लामू बंदरगाहों को नॉर्वे के बंदरगाहों से सीधे जोड़ेंगे। यह वार्ता केवल व्यापार मार्गों तक सीमित नहीं रही; इसमें जहाज निर्माण क्षमता, हरित ईंधन और तकनीकी हस्तांतरण जैसे ब्लू इकोनॉमी के अहम पक्षों पर भी सहमति बनी। इसी यात्रा के दौरान जलवायु कार्रवाई और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश को लेकर भी उच्च-स्तरीय बातचीत हुई, जो केन्या को अफ्रीका का सामरिक आर्थिक केंद्र बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
सागरीय अवसरों के विस्तार के साथ ही केन्या ने सुरक्षा चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। गृह मंत्रालय के सचिव किपचुम्बा मुर्कोमेन ने मोम्बासा में आयोजित चौथी आईओआरआईएस संचालन समिति की उच्च-स्तरीय बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जटिल समुद्री खतरों का मुकाबला करने के लिए कोई भी एक देश सक्षम नहीं है, इसलिए सक्रिय क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग अत्यंत ज़रूरी है। दूसरी ओर, हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में इंडोनेशिया वैश्विक क्रूज़ उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित होने की तैयारी कर रहा है। जकार्ता में एक विशेष संवाद के दौरान उप मंत्री क्रिस्टीना आर्यानी ने बताया कि नए बेड़ों और समुद्री मार्गों के विस्तार से आतिथ्य सेवाओं में प्रशिक्षित श्रमिकों की भारी माँग उत्पन्न हो रही है। लेकिन इस उज्ज्वल अवसर के साथ एक चिंताजनक पहलू भी सामने आया—प्रवासी श्रमिकों को शिकार बनाने वाले बिचौलिए। मंत्री मुख्तारुद्दीन ने बताम में सूराबाया के कई कामगारों से 12 मिलियन रुपिया तक की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया, जिससे यह साफ होता है कि आर्थिक अवसरों के दोहन के साथ श्रमिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।
इसी कड़ी में पश्चिम अफ्रीका के नाइजीरिया का कानो राज्य भी शामिल है, जो अपने प्राचीन व्यापारिक इतिहास और तेज़ शहरीकरण के दबाव से जूझ रहा है। उप राज्यपाल मुर्तला सुले गारो ने आठ यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के राजदूतों के साथ बैठक के दौरान साझेदारी बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि बुनियादी ढाँचे, आवास और परिवहन पर बढ़ता दबाव शहर की दीर्घकालिक विकास योजनाओं के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
ये तीनों घटनाक्रम एक समान वैश्विक प्रवृत्ति की ओर इशारा करते हैं—एशिया और अफ्रीका के विकासशील देश अपनी आर्थिक संभावनाओं को साकार करने के लिए समुद्री रसद से लेकर शहरी नियोजन तक हर मोर्चे पर अंतरराष्ट्रीय भागीदारियों को साध रहे हैं। मगर सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ये देश सामूहिक सुरक्षा, श्रमिक कल्याण और सतत प्रौद्योगिकी अपनाने के बीच संतुलन कैसे बनाते हैं। आने वाले दशक में यह सहयोगी मॉडल ही यह तय करेगा कि विकास की इस नई लहर का लाभ केवल कुछ देशों तक सीमित रहेगा या एक समावेशी वैश्विक अर्थव्यवस्था का आधार बनेगा।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
इंडोनेशिया वैश्विक क्रूज उद्योग के लिए कुशल श्रमिकों का विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बनने की पेशकश करता है, इसे रणनीतिक अवसर बताते हुए प्रवासी श्रमिकों को ठगने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का वादा करता है।
केन्या ने मजबूत अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा सहयोग की अपील की और नॉर्वे के साथ नए जहाजरानी गलियारों की संभावना तलाशी, इसे जलवायु‑सहनशील ब्लू इकोनॉमी एजेंडे और व्यापक विकास साझेदारियों से जोड़ते हुए।
पश्चिमी मीडिया क्रूज जहाज़ों पर श्रमिक भेजने की इंडोनेशियाई योजना पर चिंता जताता है, शोषण के लंबे इतिहास, कमज़ोर निगरानी और समुद्र में कठोर परिस्थितियों के ठोस जोखिम की ओर इशारा करता है और केवल श्रम निर्यात की प्रशंसा करने के बजाय बाध्यकारी सुरक्षा उपायों की मांग करता है।
चीनी मीडिया इंडोनेशियाई श्रम योजना को एक लाभप्रद सौदा बताता है, जिसमें एशिया में क्रूज की बढ़ती मांग, चीनी जहाज़ निर्माण के बढ़ते ऑर्डर और विश्वसनीय क्रू की आवश्यकता का हवाला देते हुए इसे व्यापक समुद्री रेशम मार्ग सहयोग का हिस्सा बताया जाता है।
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