ट्रंप के शांति संकेत से सोने-चाँदी में उछाल, फिर भी साप्ताहिक गिरावट जारी
ट्रंप के ईरान पर हमले रद्द करने और शांति समझौते की उम्मीद से सोने-चाँदी में तेजी, मगर महंगाई व ब्याज दर की आशंकाओं से साप्ताहिक गिरावट बरकरार।

वैश्विक बाजारों में शुक्रवार को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर नियोजित सैन्य हमलों को रद्द करने और शांति समझौते का संकेत देने के बाद कीमतों में तेजी से रिकवरी हुई। हालांकि, साप्ताहिक आधार पर सोना 3.1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट की ओर अग्रसर रहा।
हाजिर सोना 4,191 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि वायदा बाजार में अगस्त डिलीवरी के लिए यह 4,217 डॉलर से ऊपर पहुंच गया। यूएई में 24 कैरेट सोना 505 दिरहम प्रति ग्राम पर बिका, जो गुरुवार की तुलना में मामूली गिरावट दर्शाता है। ईरान पर थोपे गए युद्ध (जैसा कि ईरानी मीडिया इसे कहता है) के चलते फरवरी के अंत से सोने में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है।
दूसरी ओर, चाँदी में जोरदार तेजी देखी गई, जो शुक्रवार सुबह 67 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई, जबकि तांबे की कीमतें भी शांति समझौते की उम्मीद में 1.2 प्रतिशत उछलकर 13,650 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गईं। मारेक्स के विश्लेषक एडवर्ड मीर ने कहा, 'कीमतें पूरी तरह भू-राजनीतिक खबरों से संचालित हो रही हैं।'
बाजार अब फेडरल रिजर्व के अगले कदमों पर नजर गड़ाए हुए हैं। यदि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाने का कोई संकेत देता है, तो सोना 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि शांति समझौते की उम्मीदें बाजार में अस्थायी राहत ला सकती हैं, लेकिन महंगाई और डॉलर की मजबूती कीमती धातुओं पर दबाव बनाए रख सकती है।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
सोने की कीमतें गिर रही हैं और साप्ताहिक नुकसान की ओर बढ़ रही हैं, मुद्रास्फीति की आशंकाओं और अमेरिकी ब्याज दर वृद्धि की संभावना के दबाव में। ईरान पर हमलों को रद्द करने के बाद धातु ने छह महीने के निचले स्तर को छूने के बाद अस्थायी उछाल दिखाया, लेकिन विश्लेषकों ने चेतावनी दी कि कीमतें पूरी तरह से भू-राजनीतिक खबरों से संचालित होती हैं। ध्यान फेडरल रिजर्व के संकेतों पर है।
सोने की कीमत 0.5% गिरकर साप्ताहिक 3% से अधिक के नुकसान की ओर है, जो छह महीने से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गई। विश्लेषकों का कहना है कि कीमतें पूरी तरह से भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से प्रभावित हैं और बाजार फेडरल रिजर्व की ओर से दर वृद्धि के किसी भी संकेत पर नजर रख रहे हैं। सवाल यह है कि क्या सोना और नीचे जाएगा।
खाड़ी बाजारों में सोने की कीमतें स्थानीय मुद्रा में महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ उबरीं, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर हमलों को रद्द कर दिया और शांति समझौते का संकेत दिया। अमेरिका-ईरान संभावित समझौते की आशा से तांबे में भी तेजी आई। धारणा सकारात्मक है, हालांकि मुद्रास्फीति की चिंताएं बनी हुई हैं।
सोना और चांदी बढ़त दर्ज कर रहे हैं, जो महीनों की सबसे लंबी गिरावट की श्रृंखला को तोड़ सकती है। चांदी लगभग 5% उछली और सोना शुरुआती कारोबार में लगभग 3% चढ़ा। ईरान संघर्ष और भविष्य में दर वृद्धि की उम्मीदों से धातुएं अस्थिर बनी हुई हैं, लेकिन सुबह की रिकवरी गति में संभावित बदलाव का संकेत देती है।
यह समाचार इन पर प्रकाशित हुआ
6 स्रोत · 3 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की