Edition of 06:00 CETSunday, 14 June 2026
287 स्रोत · 16 भाषाएँआज 0 ब्रीफिंग
Friday, 12 June 2026 · Edition of 20:00 CET

पेरू चुनाव: कीको फ़ूजीमोरी की बेहद मामूली बढ़त, विवादास्पद मतगणना जारी

98% से अधिक मतगणना में कीको फ़ूजीमोरी को 600 से 1300 वोटों की लीड, विदेशी मतों ने पलटा खेल, दक्षिणी क्षेत्र में विरोध और बाज़ार में तेज़ी।

वित्त7 स्रोत3 भाषाएँ3 मिनट पढ़नाअपडेट 22:22

पेरू के राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिणपंथी उम्मीदवार कीको फ़ूजीमोरी ने बेहद मामूली बढ़त हासिल कर ली है, जिससे देश में सियासी तनाव गहरा गया है। 98% से अधिक वोटों की गिनती के बाद फ़ूजीमोरी को उनके वामपंथी प्रतिद्वंद्वी रॉबर्टो सांचेज़ पर महज़ 600 से 1300 मतों की लीड मिली है [A1] [A3] [A7]। यह अंतर इतना कम है कि इसे सांख्यिकीय रूप से बराबरी माना जा सकता है। हालाँकि, इस नाटकीय मोड़ का श्रेय विदेशी मतदाताओं को जाता है, जिन्होंने भारी संख्या में फ़ूजीमोरी का समर्थन किया [A2]।

शुरुआती गिनती में सांचेज़ लगातार आगे चल रहे थे, लेकिन प्रवासी मतों ने पूरा खेल पलट दिया [A2]। क्षेत्रीय विभाजन साफ़ दिखाई दे रहा है: फ़ूजीमोरी को लीमा और महानगरीय इलाकों के साथ-साथ विदेशी मतदाताओं का भरपूर समर्थन मिला, जबकि एंडियन क्षेत्र के दक्षिणी इलाकों में सांचेज़ को भारी बहुमत हासिल हुआ [A2]। इस भौगोलिक विभाजन ने दक्षिणी प्रांतों में असंतोष और विरोध को जन्म दिया है [A2]। राष्ट्रीय चुनाव निरीक्षणालय (ओएनपीई) विवादास्पद मतपत्रों की जांच कर रहा है, जिनकी संख्या हजारों में है और जिनके नतीजे चुनाव परिणाम को पलटने की क्षमता रखते हैं [A1] [A6]।

बाज़ार ने फ़ूजीमोरी की जीत की उम्मीद में तेज़ी दिखाई है। लीमा स्टॉक एक्सचेंज का सामान्य सूचकांक पिछले कुछ दिनों में लगभग 8% उछल गया, जो निवेशकों के बीच व्यापार-समर्थक नीतियों की संभावना को दर्शाता है [A5]। खुद फ़ूजीमोरी ने शांति और कृतज्ञता के साथ नतीजों का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव परिणाम को स्वीकार करेगी [A6] [A7]। दूसरी ओर, सांचेज़ के समर्थकों ने अभी तक हार नहीं मानी है, और इतने कम अंतर को देखते हुए कानूनी चुनौतियाँ तय हैं।

यह चुनाव पेरू के हालिया राजनीतिक इतिहास का सबसे कांटेदार मुकाबला है [A3]। पिछले पाँच वर्षों में तीन राष्ट्रपतियों को सत्ता से हटाया जा चुका है, जिसके लिए काफ़ी हद तक कांग्रेस की जोड़तोड़ जिम्मेदार रही, जिस पर स्वयं फ़ूजीमोरी का प्रभाव रहा है [A4]। देश गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहा है—गरीबी दर 25.7%, बच्चों में एनीमिया 43.1%, बड़े पैमाने पर श्रमिक असंगठित क्षेत्र, और शिक्षा संकट [A4]। ऐसे में किसी भी सरकार के सामने स्थिरता लाना बड़ी परीक्षा होगी।

आगे का रास्ता अनिश्चितता से भरा है। विवादास्पद मतों की समीक्षा में कई सप्ताह लग सकते हैं [A1] [A2]। अगर फ़ूजीमोरी जीतती भी हैं, तो उन्हें अपने पिता अल्बर्टो फ़ूजीमोरी के तानाशाही अतीत की छाया से पार पाना होगा और देश के बँटे हुए हिस्सों को एकजुट करना होगा। अंतरराष्ट्रीय बिरादरी नज़रें टिकाए हुए है कि क्या पेरू इस बार राजनीतिक अस्थिरता के चक्र को तोड़ पाएगा।

एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa europea continentale · mediterraneaStampa latinoamericana · mercato
Stampa europea continentale/ mediterraneaindignazioneallarme

प्रवासी मतों ने केइको फुजीमोरी को वामपंथी उम्मीदवार रोबेर्तो सांचेज़ से आगे कर दिया, जिससे दक्षिणी एंडीज क्षेत्र में तीव्र अस्वीकृति उत्पन्न हुई। 98% मतगणना के बाद फुजीमोरी बेहद मामूली अंतर से आगे हैं, कई दिनों की अनिश्चितता के बाद यह निर्णायक बदलाव है।

Stampa latinoamericana/ mercatopragmatismodistacco

केइको फुजीमोरी वामपंथी रोबेर्तो सांचेज़ पर मामूली बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि लीमा शेयर बाजार व्यापार-अनुकूल परिणाम की उम्मीद में उछल रहा है। विश्लेषक फुजीमोरी की संभावित जीत को राजनीतिक अस्थिरता और राजकोषीय गिरावट के चक्र को समाप्त करने का अवसर मानते हैं, हालांकि सट्टेबाजी की अधिकता भी देखी गई है।

यह समाचार इन पर प्रकाशित हुआ

7 स्रोत · 3 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

Poder36012 जून, 10:43
La Opinión12 जून, 17:25
Clarín12 जून, 11:46
La Vanguardia12 जून, 10:45
El Tribuno12 जून, 10:46
Storm Media12 जून, 12:45
La República12 जून, 17:25