अप्रैल में ही अल नीनो की आहट: भारत में बारिश, अमेरिका में लू और कैलिफोर्निया का समुद्री ताप
दुनियाभर में मौसम की चरम घटनाएं: प्रशांत महासागर में सुपर अल नीनो के संकेतों के बीच भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, पूर्वी अमेरिका में रिकॉर्ड गर्मी और ब्रिटेन में अप्रैल का सबसे गर्म दिन।

अप्रैल 2026 की शुरुआत ने ही मौसम विज्ञानियों को चिंता में डाल दिया है। प्रशांत महासागर की सतह के नीचे लगातार पाँचवें महीने गर्म पानी का जमावड़ा एक शक्तिशाली अल नीनो की ओर इशारा कर रहा है, जो पिछले 150 साल के रिकॉर्ड तोड़ सकता है। ब्रिटेन के मौसम कार्यालय ने भी इसके 'सुपर' रूप लेने की आशंका जताई है, जिससे आने वाले वर्ष में वैश्विक तापमान में और वृद्धि हो सकती है। इसी बीच उत्तरी गोलार्ध के कई इलाके पहले से ही असामान्य गर्मी और बारिश की चपेट में हैं।
भारत में पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता ने गर्मी की दस्तक के बीच राहत भरी ठंडक दी है। 16-17 अप्रैल और फिर 18-19 अप्रैल को दो हल्के विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित करेंगे, जिससे कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। ये सिस्टम पिछले कुछ हफ्तों से लगातार आ रहे विक्षोभों की कड़ी का हिस्सा हैं, जिन्होंने तापमान को गिराकर गर्मी से अस्थायी राहत दी है।
अटलांटिक के दूसरी ओर, पूर्वी अमेरिका अप्रैल में ही भीषण ताप लहर से जूझ रहा है। न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया और वाशिंगटन डी.सी. में तापमान 90 डिग्री फ़ारेनहाइट (लगभग 33 डिग्री सेल्सियस) के पार पहुँच गया है, और यह गर्मी सप्ताहांत तक बने रहने की संभावना है। मौसम विभागों का कहना है कि एक मजबूत उच्च दबाव के क्षेत्र ने इसे जन्म दिया है। अपेक्षाकृत कम आर्द्रता के बावजूद, लोगों का शरीर इस अचानक गर्मी से तालमेल नहीं बिठा पाया है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गया है। वहीं ब्रिटेन में भी अप्रैल की शुरुआत रिकॉर्ड गर्म रही—क्यू गार्डन्स में 26.6 डिग्री सेल्सियस तापमान 2026 का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा और आने वाले दिनों में पारा फिर चढ़ेगा।
प्रशांत तट पर कैलिफोर्निया दोहरी मार झेल रहा है। सिएरा नेवादा में बर्फ का आवरण इस साल सामान्य का महज 73 प्रतिशत रह गया, जो पिछले 50 साल का दूसरा सबसे बड़ा हिम सूखा है। मार्च में गर्मी ने पश्चिमी अमेरिका के कई इलाकों में रिकॉर्ड तोड़े और बर्फ तेजी से पिघल गई। इसके साथ ही कैलिफोर्निया के समीप प्रशांत महासागर में एक समुद्री ताप लहर लगातार दैनिक तापमान रिकॉर्ड तोड़ रही है, जो 2014-16 की विनाशकारी 'द ब्लॉब' घटना की याद दिलाती है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इससे आने वाली गर्मियाँ आर्द्र, तूफानी हो सकती हैं, कोहरा कम होगा और जंगल में आग का खतरा बढ़ जाएगा।
ये सारी घटनाएँ एक बड़े मौसमी बदलाव का संकेत हैं। उभरता अल नीनो, समुद्री ताप लहर और वायुमंडलीय पैटर्न में गड़बड़ी आपस में गुँथकर वैश्विक स्तर पर चरम मौसम की आवृत्ति बढ़ा सकते हैं। भारत में मानसून पूर्व की बारिश, अमेरिका के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर लू व आग का खतरा, और यूरोप की असामयिक गर्मी—सब इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि 2026 का मौसम सामान्य से कहीं अधिक उथल-पुथल भरा हो सकता है। विशेषज्ञों की निगाहें अब भूमध्यरेखीय प्रशांत पर टिकी हैं, जहाँ से यह तय होगा कि यह अल नीनो कितना विनाशकारी साबित होता है।
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