इजरायल ने लेबनान के टायर पर हमले तेज किए, ईसाई क्षेत्र भी दहला; ट्रंप की अपील के बाद भी 8 मरे
इजरायल ने टायर शहर खाली करने का आदेश देकर भीषण बमबारी की, जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए और 32 घायल हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के युद्धविराम आग्रह के बावजूद यह हमला हुआ।

इजरायल ने मंगलवार को दक्षिणी लेबनान के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर टायर पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। हमले से पहले सेना ने पूरे शहर—जिसमें पहली बार ईसाई क्वार्टर भी शामिल था—को खाली करने का आदेश जारी किया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे 2 मार्च से चल रहे इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष का सबसे घातक हमला बताया [A1][A8][A15]। स्थानीय मीडिया के अनुसार बमबारी इतनी तीव्र थी कि मलबा सड़कों पर बिखर गया और एक क्रेन क्षतिग्रस्त इमारत के पास काम करती दिखी [A8]।
यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इजरायल और ईरान दोनों से “गोलीबारी तुरंत रोकने” की अपील की थी, और दोनों देशों ने आपसी हमले रोकने पर सहमति जताई थी [A4][A10]। इसके बावजूद इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने स्पष्ट किया कि लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान जारी रहेगा [A1]। ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते को अंतिम चरण में बताया था, लेकिन टायर पर हमले ने उस प्रक्रिया को जटिल बना दिया [A11]।
विभिन्न स्रोतों से पुष्टि हुई कि यह हमला शहर के पूर्वी छोर पर सार्वजनिक आवासीय क्षेत्र को निशाना बनाकर किया गया [A2][A7]। ईसाई धार्मिक नेताओं—मेलकाइट ग्रीक कैथोलिक, ग्रीक ऑर्थोडॉक्स और मैरोनाइट चर्च के प्रमुखों—ने एक संयुक्त बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईसाई क्षेत्र की रक्षा की गुहार लगाई, जो अब तक हमलों से बचा हुआ था [A6]। इस बीच हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने 16 हमले किए हैं, जबकि दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं [A3]।
वैश्विक प्रतिक्रियाओं में एक अजीब विभाजन दिखा: पश्चिमी मीडिया ने ट्रंप की चेतावनी की अवहेलना को रेखांकित किया [A10][A14], वहीं ईरान समर्थक स्रोतों ने इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल को नुकसान और दंडात्मक कार्रवाई के रूप में पेश किया [A7][A12]। लैटिन अमेरिकी प्रेस में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बढ़ते तनाव का जिक्र हुआ [A11]। इजरायल का कहना था कि यह कार्रवाई इलाके में हिजबुल्लाह लड़ाकों की मौजूदगी के कारण जरूरी थी [A15]।
विश्लेषकों के अनुसार, यह हमला ट्रंप की ईरान डील के लिए गंभीर झटका है, क्योंकि तेहरान ने साफ कर दिया है कि लेबनान पर हमले बंद न हुए तो वह दोबारा इजरायल पर वार कर सकता है [A9][A10]। अप्रैल में हुए संघर्ष विराम के बाद यह पहला बड़ा उल्लंघन है, और इससे पूरे क्षेत्र में युद्ध के फिर भड़कने की आशंका बढ़ गई है। मानवीय संकट गहराता जा रहा है—रेड क्रॉस केंद्र के पास भी हमले हो चुके हैं [A12]—जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
इज़राइल ने टायर पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए, यह संघर्ष विराम की अवहेलना थी और इसने ईसाई नेताओं को ईसाई इलाके की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील करने के लिए प्रेरित किया।
इज़राइली शासन ने टायर में आठ नागरिकों को मार डाला, निकासी की धमकी देने के बाद एक घनी आबादी वाले आवासीय इलाके पर हमला किया, जिससे लेबनान के खिलाफ उसकी आक्रामकता जारी रही।
दुश्मन इज़राइली लड़ाकू विमानों ने टायर के सार्वजनिक आवास क्षेत्र पर बमबारी की, जिसमें आठ लोग मारे गए और 32 घायल हो गए, यह एक खतरनाक वृद्धि थी, जब पूरे शहर, जिसमें ईसाई इलाका भी शामिल है, के लिए एक अभूतपूर्व निकासी आदेश जारी किया गया था।
इज़राइल ने ट्रम्प की अवहेलना करते हुए टायर पर बमबारी की और कम से कम आठ लोगों को मार डाला, जिससे अमेरिकी प्रभाव की सीमाएं और युद्धविराम की नाजुकता उजागर हुई, जब वाशिंगटन इस वृद्धि को रोकने के लिए संघर्ष कर रहा था।
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