पेरिस मैराथन में यमन क्रिप्पा की ऐतिहासिक जीत, 24 साल बाद यूरोपीय खिताब
क्रिप्पा ने 2:05:18 के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ पेरिस मैराथन जीती, ज्यूरिख में सेलिना उम्मेल तीसरे स्थान पर रहीं।

इटली के यमन क्रिप्पा ने रविवार को पेरिस मैराथन में इतिहास रच दिया, जब उन्होंने 2 घंटे 5 मिनट 18 सेकंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ खिताब जीता। यह किसी भी इतालवी की इस प्रतिष्ठित दौड़ में पहली जीत है, और पिछले 24 वर्षों में किसी यूरोपीय धावक का पहला खिताब — इससे पहले 2002 में फ्रांस के बेनोइत ज्विएर्चेव्स्की ने जीत दर्ज की थी। लगभग 60,000 प्रतिभागियों वाली इस स्पर्धा में क्रिप्पा ने अफ्रीकी पसंदीदाओं को पीछे छोड़ते हुए आर्क द त्रियोम्फ के नीचे समापन किया।
29 वर्षीय इथियोपियाई मूल के इस धावक ने अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ (सेविला 2024 में 2:06:06) को लगभग एक मिनट से सुधारा और इलियास आओउआनी के 2:04:26 के बाद इटली का दूसरा सबसे तेज़ मैराथन समय दर्ज किया। दौड़ के अंतिम डेढ़ किलोमीटर में पेवे खंड पर किए गए निर्णायक आक्रमण ने उन्हें इथियोपिया के बेयेलिग्न तेशागेर (2:05:23), केन्या के सिला किप्टू (2:05:28) और जिबूती के मोहम्मद इस्माइल (2:05:38) से आगे कर दिया। क्रिप्पा ने कहा, "मेरा मैराथन करियर आज से शुरू होता है — मुझे सही रास्ता मिल गया है," यह 2024 ओलंपिक की निराशा के बाद एक बड़ी वापसी है।
इसी सप्ताहांत ज्यूरिख मैराथन में स्विट्ज़रलैंड की सेलिना उम्मेल ने 2:39:13 के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया, जो पिछली बार से पाँच मिनट बेहतर था। वहीं पेरिस दौड़ में आठ बार के ओरिएंटियरिंग विश्व चैंपियन मथियास क्यूर्ज़ ने 13वें स्थान पर रहते हुए पाँचवें सर्वश्रेष्ठ यूरोपीय का स्थान हासिल किया। केन्याई धावकों ने दोनों शहरों में पुरुष वर्ग में जीत दर्ज की, लेकिन यूरोपीय एथलीटों का प्रदर्शन बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत है। क्रिप्पा के लिए यह जीत एक नए अध्याय की शुरुआत है, जो भविष्य की बड़ी दौड़ों में उनकी दावेदारी को मजबूत करती है।
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