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यमन क्रिप्पा ने पेरिस मैराथन में रचा इतिहास: पहले इतालवी विजेता, 2:05:18 का निजी सर्वश्रेष्ठ

29 वर्षीय धावक ने 24 साल बाद यूरोपीय विजेता बनने का गौरव हासिल किया, जबकि स्विस ओरिएंटियरिंग चैंपियन मैथियास किबुर्ज उसी दौड़ में 13वें स्थान पर रहे।

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इटली के यमन क्रिप्पा ने रविवार को पेरिस मैराथन जीतकर एथलेटिक्स की दुनिया में एक बड़ा इतिहास रच दिया। लगभग 60,000 प्रतिभागियों वाली इस विशाल दौड़ में उन्होंने 2 घंटे 5 मिनट 18 सेकंड का समय निकाला, जो उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ है और इटली का दूसरा सबसे तेज़ समय है—सिर्फ़ इलियास आओउनी के टोक्यो में बनाए 2:04:26 के रिकॉर्ड से पीछे। सबसे अहम बात यह है कि पेरिस मैराथन के 47 वर्षों के इतिहास में कोई भी इतालवी पहले कभी नहीं जीता था, और यूरोपीय धावक के रूप में यह उपलब्धि 2002 में फ्रांसीसी बेन्वा ज्विएरश्विस्की के बाद पहली बार हासिल हुई।

क्रिप्पा ने दौड़ का अंतिम डेढ़ किलोमीटर रणनीतिक समझदारी से खेला। उन्होंने हल्की ढलान वाले पावे (पत्थर की सड़क) पर आक्रामक रुख अपनाते हुए इथियोपिया के बायेलिग्न तेशागेर (2:05:23), केन्या के सिला किप्टू (2:05:28) और जिबूती के मोहम्मद इस्माइल (2:05:38) को पीछे छोड़ दिया। नेगेटिव स्प्लिट यानी दूसरे हिस्से में पहले से तेज़ दौड़ने की तकनीक ने उनकी परिपक्वता साबित की। रेस के बाद त्रेंतिनो के इस 29 वर्षीय धावक ने कहा, “मेरा मैराथन करियर आज से शुरू होता है, आख़िरकार मुझे सही रास्ता मिल गया—यह 2024 ओलंपिक की निराशा का बदला है।”

यूरोपीय परिप्रेक्ष्य में यह जीत और भी व्यापक हो जाती है। उसी पेरिस मैराथन में स्विट्जरलैंड के आठ बार के ओरिएंटियरिंग विश्व चैंपियन मैथियास किबुर्ज ने पाँचवें सर्वश्रेष्ठ यूरोपीय धावक के रूप में 13वां स्थान प्राप्त किया। यह संयोग दर्शाता है कि अफ़्रीकी वर्चस्व वाली इस स्पर्धा में यूरोपीय उपस्थिति फिर से मज़बूत हो रही है। दूसरी ओर, ज़्यूरिख मैराथन में स्विस महिला सेलिना उम्मेल ने 2:39:13 के निजी सर्वश्रेष्ठ के साथ तीसरा स्थान पाया, हालाँकि केन्याई धाविकाएँ लिडिया चेरुटो और अनास्ताशा रोनो बहुत आगे रहीं।

क्रिप्पा के लिए यह जीत एक नए अध्याय का संकेत है। फरवरी 2024 में सेविला में 2:06:06 के समय के मुकाबले उन्होंने करीब 48 सेकंड का सुधार किया, और यह प्रदर्शन आने वाले वैश्विक आयोजनों में इतालवी मैराथन की बढ़ती ताकत को रेखांकित करता है। तकनीकी सटीकता और मानसिक दृढ़ता के इस संयोजन ने उन्हें यूरोपीय धावकों की नई पीढ़ी के अगुआ के रूप में खड़ा कर दिया है।

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