क्रिप्पा की पेरिस मैराथन में ऐतिहासिक जीत, ज्यूरिख में उम्मेल का शानदार प्रदर्शन
इटली के यमान क्रिप्पा ने पेरिस मैराथन 2:05:18 के निजी सर्वश्रेष्ठ समय से जीतकर इतिहास रचा; ज्यूरिख में स्विस सेलिना उम्मेल तीसरे स्थान पर रहीं। यूरोपीय धावकों के लिए उत्साह भरा सप्ताहांत।

यमान क्रिप्पा ने रविवार को पेरिस मैराथन में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की जो अब तक किसी इतालवी धावक के नाम नहीं थी। 2 घंटे 5 मिनट 18 सेकंड के निजी सर्वश्रेष्ठ समय के साथ उन्होंने फ्रांसीसी राजधानी की 42.195 किलोमीटर की दौड़ जीती और आर्क द ट्रायम्फ के नीचे इतिहास रच दिया। यह समय इटली का दूसरा सबसे तेज़ मैराथन प्रदर्शन भी है, जो केवल इलियास आउआनी के टोक्यो रिकॉर्ड से पीछे है। तीस वर्षीय क्रिप्पा ने दौड़ के आखिरी डेढ़ किलोमीटर में पावे पर उतरते हिस्से में निर्णायक हमला किया और इथियोपिया के बेयलिग्न तेशागेर (2:05:23), केन्या के सिला किप्टू (2:05:28) तथा जिबूती के मोहम्मद इस्माइल (2:05:38) जैसे अफ्रीकी दावेदारों को पीछे छोड़ दिया। यह पहला अवसर है जब किसी यूरोपीय ने 2002 के बाद इस प्रतिष्ठित दौड़ का खिताब जीता।
इसी सप्ताहांत ज्यूरिख मैराथन में स्विस धावकों ने भी अपनी छाप छोड़ी। आर्गाऊ की 28 वर्षीय सेलिना उम्मेल ने 2:39:13 के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया, जो उनके पुराने रिकॉर्ड से लगभग पाँच मिनट बेहतर था। उन्होंने बताया कि रास्ते में हार मानने का मन कर रहा था, लेकिन निजी पेसमेकर के प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ाए रखा। केन्याई महिला धाविकाएँ लिडिया चेरुटो (2:28:25) और अनास्ताशा रोनो (2:31:58) हालाँकि उनसे काफी आगे रहीं। पुरुष वर्ग में भी केन्याई धावकों का दबदबा रहा। दूसरी ओर, पेरिस मैराथन में ही स्विस ओरिएंटियरिंग चैंपियन मैथियास काइबुर्ज 13वें स्थान पर रहे और पाँचवें सर्वश्रेष्ठ यूरोपीय बने, जिससे आल्प्स के दोनों ओर यूरोपीय धावकों की उपस्थिति एक साथ नज़र आई।
क्रिप्पा की जीत केवल एक राष्ट्रीय कीर्तिमान नहीं है, बल्कि यह यूरोपीय मैराथन दौड़ में एक नए अध्याय का संकेत है। दौड़ के बाद उनका बयान — “मेरा मैराथन करियर आज से शुरू होता है” — इस बात को रेखांकित करता है कि 2024 ओलंपिक की निराशा के बाद वह कितना बदलाव महसूस कर रहे हैं। नेगेटिव स्प्लिट रणनीति के साथ लगातार तेज़ होती उनकी गति ने दिखा दिया कि लंबी दूरी पर पूर्ण परिपक्वता अब हासिल हो चुकी है। जहाँ इतालवी प्रेस इसे एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देख रही है, वहीं स्विस नतीजे बताते हैं कि महाद्वीप के धावक एक साथ निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अफ्रीकी वर्चस्व को चुनौती देने की ओर बढ़ रहे हैं। यह विकास यूरोपीय मैराथन के लिए उम्मीद का सप्ताहांत लेकर आया है।
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