पेंटागन ने चीनी दिग्गजों को सैन्य सहयोगी बताया, चीन ने जताया कड़ा विरोध
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अलीबाबा, बीवाईडी और बायडू समेत कई बड़ी कंपनियों को चीनी सेना से जुड़ा बताते हुए काली सूची में डाला, चीन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में 'दमन' करार दिया।

अमेरिकी रक्षा विभाग ने सोमवार को अपनी उस सूची का अद्यतन जारी किया जिसमें चीनी सेना से संबंध रखने वाली कंपनियों को चिह्नित किया जाता है। इस बार इसमें अलीबाबा, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता बीवाईडी, सर्च इंजन बायडू और रोबोटिक्स कंपनी यूनिट्री जैसे गैर-सरकारी प्रौद्योगिकी दिग्गजों को शामिल किया गया है। 2021 की कांग्रेसी अधिसूचना के तहत बनी इस सूची में अब 188 कंपनियां हैं, जिन्हें पेंटागन चीन की ‘सिविल-मिलिट्री फ्यूजन’ रणनीति का हिस्सा मानता है — यानी वह नीति जिसके तहत निजी क्षेत्र की तकनीकी क्षमता को सैन्य आधुनिकीकरण में लगाया जाता है।
चीन ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। चीनी दूतावास ने बीबीसी को बताया कि यह सूची ‘भेदभावपूर्ण’ है और अमेरिका ‘राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा को खींचकर चीनी कंपनियों का दमन कर रहा है।’ अलीबाबा और बायडू ने सैन्य संबंधों के आरोपों को सिरे से खारिज किया, जबकि बीवाईडी ने कहा कि वह कोई सैन्य कंपनी नहीं है। बीजिंग ने वाशिंगटन से यह ‘अन्यायपूर्ण दमन’ रोकने को कहा, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी नेता शी जिनपिंग के बीच हाल ही में बीजिंग में मुलाकात हुई और दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता बनाए रखने की इच्छा जताई। पेंटागन ने फरवरी में एक बार यही सूची जारी कर तुरंत वापस ले ली थी, जिससे इरादों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी। अब इसका पुनः प्रकाशन एक सख्त रुख को दर्शाता है, जिस पर कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इससे अमेरिकी निवेश पर भविष्य में पाबंदियों का खतरा पैदा हो सकता है।
गौरतलब है कि यह सूची स्वतः प्रतिबंध नहीं लगाती, लेकिन यह अमेरिकी कंपनियों और संस्थानों को व्यावसायिक जोखिमों के प्रति सचेत करती है और भविष्य में रक्षा ठेकों से वंचित करने का आधार बन सकती है। वैश्विक स्तर पर, इस कदम को अमेरिका की बढ़ती सतर्कता के रूप में देखा जा रहा है, जबकि चीन इसे एक राजनीतिक हथकंडा बता रहा है। आने वाले महीनों में निवेश प्रतिबंधों की संभावना बढ़ सकती है, जो पहले से ही भू-राजनीतिक दबाव झेल रही वैश्विक प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखलाओं को और बाधित करेगी।
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पेंटागन ने चीनी सेना से जुड़ी कंपनियों की अपनी सूची का विस्तार किया, जिसमें अब अलीबाबा, BYD और Baidu जैसी प्रौद्योगिकी दिग्गज शामिल हैं। यह कदम सैन्य उद्देश्यों के लिए नागरिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की बीजिंग की रणनीति पर बढ़ती चिंता को दर्शाता है और भविष्य में निवेश प्रतिबंधों और प्रतिबंधों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। ये पदनाम इन कंपनियों को अमेरिकी रक्षा अनुबंध प्राप्त करने से रोकते हैं और चीनी सैन्य-नागरिक संलयन के खिलाफ सख्त रुख का संकेत देते हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अलीबाबा और BYD सहित प्रमुख चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों को सैन्य संबंधों का आरोप लगाते हुए काली सूची में डाल दिया। चीनी कंपनियां इस चरित्र-चित्रण को दृढ़ता से खारिज करती हैं, इसे तीव्र आर्थिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा और राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा का अनुचित विस्तार मानती हैं। इस कदम से निवेश प्रतिबंधों और प्रतिष्ठा क्षति का भय उत्पन्न होता है, लेकिन बीजिंग इसे अपने उद्यमों का दमन मानता है।
पेंटागन ने अलीबाबा, BYD और Baidu को उन कंपनियों की काली सूची में शामिल किया जिन पर वह चीनी सेना का समर्थन करने का आरोप लगाता है। चीन ने अमेरिका पर अनुचित दमन और अपनी कंपनियों को निशाना बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का अत्यधिक विस्तार करने का आरोप लगाते हुए जवाब दिया। कंपनियां स्वयं किसी भी सैन्य भूमिका से इनकार करती हैं, जबकि यह विवाद द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ाता है।
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