पोप लियो 14 ने इटली की 'आग की भूमि' में माफिया के ज़हरीले कचरे और कंपनियों के लालच पर चोट की
अचेर्रा की 'टेरा देई फूओची' में ऐतिहासिक यात्रा पर पोप ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, अंधाधुंध मुनाफे और अपराधियों की बेखौफ सक्रियता की निंदा की, साथ ही बच्चों के साथ 'सिक्स-सेवेन' ट्रेंड में शामिल होकर हल्के पल बिताए।

पोप लियो चौदहवें ने शनिवार को इटली के कैम्पानिया क्षेत्र की 'टेरा देई फूओची' यानी आग की भूमि का ऐतिहासिक दौरा किया। अचेर्रा शहर में पहली बार किसी पोप के कदम पड़े और उन्होंने वहां दशकों से माफिया द्वारा अवैध रूप से जलाए और दफनाए जा रहे जहरीले कचरे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। यह अमेरिकी मूल के पहले पोप की पोम्पेई और नेपल्स यात्रा के कुछ दिनों बाद आई, जिसका उद्देश्य प्रदूषण से तबाह हुए परिवारों का दर्द बांटना था। यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय ने पिछले वर्ष ही माना था कि सरकार 1988 से नागरिकों को इस जहरीले कचरे से बचाने में विफल रही है, जिसके कारण कैंसर जैसी बीमारियों ने इलाके के तीस लाख निवासियों को राष्ट्रीय औसत से अधिक प्रभावित किया है।
गिरजाघर में पीड़ितों से मिलते हुए पोप ने कहा, "मैं सबसे पहले उन लोगों के आंसू पोंछने आया हूं जिन्होंने बेशर्म लोगों और संगठनों द्वारा फैलाए गए पर्यावरण प्रदूषण से अपनों को खोया।" उन्होंने इस "अंधेरे हितों के जानलेवा मिश्रण" को उन कंपनियों से जोड़ा जो 'खगोलीय' मुनाफा कमाती हैं और दुनिया से आग्रह किया कि "धरती, जल, वायु और सामाजिक सहअस्तित्व को प्रदूषित करने वाली शक्ति और धन की लालच को ठुकराएं।" हाथों में खोए हुए बच्चों की तस्वीरें और कीमोथेरेपी की टोपी पहने सैकड़ों लोगों ने पोप के सामने अपनी पीड़ा रखी। चर्च ने इस आपदा के खिलाफ भविष्यवाणी और निंदा का साहस दिखाया, जिसकी पोप ने सराहना की। बारह हज़ार से अधिक श्रद्धालु सड़कों पर उमड़े थे।
इस गंभीर यात्रा के बीच एक हल्का-फुल्का पल भी आया। पापामोबाइल में सवार पोप ने बच्चों के साथ वायरल 'सिक्स-सेवेन' हैंड जेस्चर ट्रेंड दोहराया, जो उन्होंने पिछले रविवार को वैटिकन में एक मास के दौरान सीखा था। इसके अलावा स्थानीय पिज़्ज़ेरिया ने उन्हें पिज़्ज़ा और स्फ़ोलियातेले भेंट किए, जो कैम्पानिया की समृद्ध खाद्य संस्कृति का प्रतीक है, भले ही यह भूमि जहर में डूबी हो।
यह दौरा उत्तर के धनी उद्योगों द्वारा दक्षिण में फैलाए गए जहरीले कचरे की उस सच्चाई को सामने लाता है, जहां हैवी मेटल, डाइऑक्सिन और एस्बेस्टस ने मिट्टी और पानी को दूषित कर दिया है। पोप की यह तीखी आवाज़ पर्यावरणीय अपराधों के खिलाफ चर्च की नई सक्रियता को रेखांकित करती है और संभवतः इटली के अधिकारियों पर उस ऐतिहासिक विफलता को सुधारने का दबाव बढ़ाएगी। ऐसे में एक अमेरिकी पोप का दक्षिणी इटली के इस घाव को छूना वैश्विक पर्यावरण न्याय के लिए एक सांकेतिक मोड़ बन सकता है।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
The Pope visits the Land of Fires to hear the cry of victims and denounce the dark interests that have poisoned the environment. The journey is highly symbolic, marking the first papal visit to this tormented area. The focus is on the tears of families and the call for conversion.
The Pope's visit to the Land of Fires is seen as support for families seeking justice for children killed by cancer linked to toxic waste. The link to the Laudato Si' encyclical and Pope Francis' environmental legacy is highlighted. The role of eco-mafias and the lack of justice despite European Court rulings are emphasized.
The papal visit to the Land of Fires highlights the environmental devastation caused by illegal landfills controlled by the mafia. Toxic contamination poisons residents and the area is a symbol of the ecological crisis. The Pope brings a message of hope but the situation remains severe.
यह समाचार इन पर प्रकाशित हुआ
7 स्रोत · 3 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की