ICC के मुख्य अभियोजक करीम खान यौन दुराचार के आरोपों में निलंबित, 125 सदस्य देश करेंगे भविष्य का फैसला
यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की कार्यकारी समिति ने करीम खान को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। मामला अब सभी सदस्य देशों के विशेष सत्र में जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के मुख्य अभियोजक करीम खान को यौन दुराचार के आरोपों में सोमवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह फैसला 21 सदस्यों वाली कार्यकारी समिति (ब्यूरो) ने बहुमत से लिया, जिसने खान को “गंभीर कदाचार” का दोषी पाते हुए मामले को सभी 125 सदस्य देशों की विशेष बैठक में भेज दिया है। [A7][A9] यह पहली बार है जब ICC के किसी शीर्ष अधिकारी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई हुई है। [A12]
खान पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यालय की एक महिला वकील के साथ गैर-सहमति वाले यौन संबंध बनाए। [A1][A4] ये आरोप 2024 में सामने आए थे, जब एक तीसरे पक्ष ने ICC की स्वतंत्र निगरानी प्रणाली (IOM) में शिकायत दर्ज कराई थी। [A3] करीब 18 महीने तक चली अनुशासनिक जांच के बाद कार्यकारी समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची कि खान ने गंभीर अनियमितता की है। [A1][A4] खान मई 2025 से स्वैच्छिक अवकाश पर थे और पहले ही अत्याचारों की जांच करने वाले प्रभाग के प्रमुख पद से खुद को अलग कर चुके थे। [A2][A11]
56 वर्षीय ब्रिटिश बैरिस्टर खान ने सभी आरोपों को बार-बार खारिज किया है और इसे एक “गैरकानूनी, प्रक्रियागत रूप से अनुचित और सबूतों से रहित” फैसला बताया है। [A5][A10] उनके वकीलों का कहना है कि यह उन्हें पद से हटाने की साजिश का हिस्सा है। [A6] गौरतलब है कि खान ने ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ युद्ध अपराधों के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जिसके बाद उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि विवादों में घिर गई थी। [A6][A11] कुछ इतालवी और अन्य यूरोपीय मीडिया ने इस पहलू को रेखांकित करते हुए संभावित राजनीतिक प्रेरणा की ओर इशारा किया है। [A6]
कार्यकारी समिति ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अंतिम नतीजे का संकेत नहीं है। [A5][A7] अब सदस्य देशों की विशेष सत्र में बैठक होगी, जिसमें वे तय करेंगे कि आरोप कार्यालय के अनुरूप गंभीर आचरण की श्रेणी में आते हैं या नहीं। [A8] इस दौरान खान को सशर्त अवकाश पर रहने की अनुमति दी गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संस्थागत संबंधों पर इस मामले का सीमित प्रभाव पड़ेगा। [A7][A3]
ICC के लिए यह संकट ऐसे समय में आया है जब न्यायालय पहले से ही बड़ी शक्तियों के दबाव और आंतरिक प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। [A12] विश्लेषकों का मानना है कि खान का भविष्य चाहे जो भी हो, संस्था की विश्वसनीयता पर यह मामला लंबी छाप छोड़ेगा। [A12][A8] सदस्य देशों का मतदान अगले कुछ हफ्तों में होने की संभावना है, और यह न केवल खान के करियर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय न्याय प्रणाली की पारदर्शिता की भी परीक्षा होगी। [A3][A10]
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यौन दुराचार के आरोपों के चलते ICC के मुख्य अभियोजक करीम खान का निलंबन न्यायालय के संस्थागत संकट को गहराता है, जो पहले से ही फिलीस्तीनी क्षेत्रों में अपराधों की जांच को लेकर अमेरिका और इज़राइल के दबाव में है। यह निर्णय ऐसे नाज़ुक समय में आया है जिससे पुतिन और नेतन्याहू के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट सहित जांचों की विश्वसनीयता को खतरा हो सकता है। कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि आरोप अभियोजक को कमज़ोर करने के लिए चलाए गए दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा हो सकते हैं।
यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद ICC के मुख्य अभियोजक करीम खान को सदस्य देशों के मतदान तक निलंबित कर दिया गया है। यह निर्णय शासी निकाय के कार्यकारी ब्यूरो ने 18 महीने की अनुशासनात्मक जांच के बाद लिया। अब 125 सदस्य देशों को एक विशेष सत्र में उनके पद से हटाने पर निर्णय लेना है।
मुश्किलों में घिरे ICC के मुख्य अभियोजक करीम खान को यौन दुराचार के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जो एक अभूतपूर्व अनुशासनात्मक कदम है। हाई-प्रोफाइल जांचों के लिए पहचाने जाने वाले इस ब्रिटिश बैरिस्टर ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और सदस्य देशों द्वारा अपने भविष्य पर मतदान का इंतजार कर रहे हैं। यह घोटाला उस अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण की छवि को और धूमिल करता है जो पहले से ही संवेदनशील मामलों से निपटने के लिए आलोचना झेल रहा है।
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