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पंचकोण ने जारी किए यूएफओ के तीसरे बैच के दस्तावेज़, भारत में भी 1968 में दिखे थे ऑर्ब

अमेरिकी रक्षा विभाग ने शुक्रवार को अज्ञात उड़न तश्तरियों से जुड़ी तीसरी खेप जारी की, जिसमें पूर्वोत्तर अमेरिका में चमकदार गोलों के वीडियो और 1968 के भारतीय हिमालयी क्षेत्रों में दिखे यूएफओ का सीआईए दस्तावेज़ शामिल है।

भूराजनीति7 स्रोत3 भाषाएँ2 मिनट पढ़नाअपडेट 22:27

अमेरिकी रक्षा विभाग ने शुक्रवार को अज्ञात उड़न तश्तरियों (यूएफओ) से जुड़े दस्तावेज़ों की तीसरी किस्त सार्वजनिक की, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पारदर्शिता आदेश के तहत ‘पर्स्यू’ प्रणाली के अंतर्गत जारी हुई। इस खेप में एफबीआई, सीआईए और पंचकोण के 72 संग्रहीत आइटम शामिल हैं—प्रत्यक्षदर्शी बयान, वीडियो और कलाकार चित्र—जिन पर सरकारी वेबसाइट पहले ही 1.7 अरब बार देखी जा चुकी है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसे ‘अभूतपूर्व पारदर्शिता’ का हिस्सा बताया, जबकि प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने पुष्टि की कि यह विमोचन अनसुलझे मामलों पर केंद्रित है।\n\nसबसे चर्चित सामग्री पूर्वोत्तर अमेरिका में रात के आकाश में दिखने वाले चमकदार, कभी-कभी लाल ऑर्ब्स के चार प्रत्यक्षदर्शी वीडियो हैं, जो 2021 से 2025 के बीच रिकॉर्ड किए गए। एक स्थानीय निवासी की सूचना पर एफबीआई ने उस क्षेत्र का दौरा कर इसकी पुष्टि की—यह कोई सैन्य प्रतिष्ठान या संवेदनशील सुविधा नहीं, बल्कि एक सामान्य स्थल है जहाँ ये गोले नियमित रूप से देखे जाते रहे हैं। सरकार ने स्वीकार किया कि इनकी प्रकृति का ‘निश्चित निर्धारण’ कर पाना अब तक असंभव रहा है।\n\nहालाँकि, इस खेप का एक ऐतिहासिक आयाम भी है जो भारत से जुड़ता है। सीआईए के एक छह-पृष्ठीय दस्तावेज़ के अनुसार, फरवरी-मार्च 1968 में उत्तर सिक्किम के लाचुंग, लाचेन, थांगू, मुगुथांग और छोल्हामू में कई लोगों ने उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर जाती एक अज्ञात वस्तु देखी। लद्दाख और सीमावर्ती हिमालयी इलाकों में भी उस दौरान ऐसी ही घटनाएँ दर्ज हुईं, जो अब तक वर्गीकृत थीं और पहली बार सामने आई हैं।\n\nयह घटनाक्रम दर्शाता है कि अज्ञात हवाई घटनाएँ केवल अमेरिका तक सीमित नहीं हैं और वैश्विक संग्रह में भारतीय उपमहाद्वीप के पुराने मामले भी शामिल हैं। ट्रम्प प्रशासन का यह सिलसिला मई 2025 में दो पूर्ववर्ती जारीकरणों के बाद तीसरा है, और अधिकारियों का कहना है कि अभिलेखागार खंगालने का काम जारी रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पारदर्शिता से न तो संशय पूरी तरह मिटेगा और न ही यूएफओ प्रेमियों की जिज्ञासा शांत होगी—बल्कि अनसुलझे रहस्य और गहराते सबूत अगली सरकारी समीक्षाओं के लिए दबाव बनाए रखेंगे।

एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।

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पेंटागन ने यूएफओ से संबंधित अवर्गीकृत फाइलों का तीसरा बैच जारी किया, जिसमें पूर्वोत्तर अमेरिका में देखे गए चमकीले गोले और लाल गोलों पर ध्यान केंद्रित किया गया। सीआईए और एफबीआई के दस्तावेज़ 1970 के दशक के अंत में शुरू हुई एक लंबी प्रकटीकरण प्रक्रिया को जारी रखते हैं। कवरेज वर्णनात्मक है, बिना किसी निर्णय के रहस्यमय रोशनी को उजागर करता है।

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सीआईए दस्तावेज़ के अनुसार, नवीनतम अमेरिकी अवर्गीकृत यूएफओ फाइलों में 1968 में भारत के लद्दाख और सिक्किम के ऊपर देखे जाने की रिपोर्ट शामिल है। यह क्षेत्रीय कोण रेखांकित करता है कि घटना अमेरिका से परे फैली हुई है। रिपोर्टिंग तथ्यात्मक और ऐतिहासिक है, जो भारतीय संबंध पर जोर देती है।

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PURSUE कार्यक्रम के तहत पेंटागन ने यूएफओ रिकॉर्ड का तीसरा बैच जारी किया, जिसमें सार्वजनिक संग्रह पहले ही 1.7 बिलियन से अधिक हिट प्राप्त कर चुका है। रिलीज़ में राष्ट्रपति ट्रम्प के डीक्लासिफिकेशन आदेश के तहत कई एजेंसियों के वीडियो और दस्तावेज़ शामिल हैं। कवरेज तथ्यात्मक है, उच्च सार्वजनिक रुचि और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर ध्यान देता है।

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7 स्रोत · 3 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

La Nación12 जून, 18:22
Mint12 जून, 17:22
BBC News12 जून, 18:23
The Times of India12 जून, 17:24
Newsweek12 जून, 17:26
CBS News12 जून, 18:23
UOL12 जून, 18:24