वज़न से ज़्यादा ज़रूरी हैं पेट और गर्दन की माप: मोटापे की नई चेतावनी
सिर्फ़ वज़न नहीं, पेट और गर्दन की माप भी ज़रूरी; मोटापे से होने वाली खामोश बीमारियों से बचाव के लिए विशेषज्ञों की नई सलाह

दुनियाभर में स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि सिर्फ़ वज़न कम करना ही सेहत की गारंटी नहीं है। इटली के नेपल्स में आयोजित भूमध्यसागरीय आहार प्रदर्शनी में विशेषज्ञों ने बताया कि सामान्य वज़न वाले लोग भी टाइप 2 डायबिटीज़, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और हृदय रोगों के उच्च जोखिम में हो सकते हैं। विशेषज्ञ एंजेलिका अमोदेई के अनुसार, असल सेहत का पता लगाने के लिए पैमाने की बजाय एक साधारण फीते से पेट और गर्दन की परिधि मापना ज़्यादा ज़रूरी है [A4]। यह सलाह सिर्फ़ इटली तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आ रही चेतावनियों से मेल खाती है कि मोटापे के छिपे ख़तरों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
इंडोनेशिया के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मोटापे से जुड़ी मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टिएटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) तेज़ी से फैल रही है। डॉ. रिनो अलवानी गनी के अनुसार, मोटापे, टाइप 2 डायबिटीज़ और लिवर की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी वाले व्यक्तियों को सावधान रहने की ज़रूरत है, क्योंकि यह बीमारी अक्सर बिना लक्षणों के बढ़ती है और लिवर सिरोसिस या कैंसर का कारण बन सकती है [A1] [A5]। वहीं मेक्सिको में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनसानुत 2020-2024) के अनुसार, 15.7% वयस्कों ने उच्च कोलेस्ट्रॉल की शिकायत बताई, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि स्व-रिपोर्टिंग के कारण वास्तविक आँकड़े कहीं ज़्यादा हो सकते हैं [A2]।
जर्मनी से एक नए अध्ययन ने तो दिल पर मोटापे के प्रभाव को और स्पष्ट किया है। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने पाया कि गंभीर मोटापा हार्ट फेलियर विद प्रिज़र्व्ड इजेक्शन फ्रैक्शन (HFpEF) के जोखिम को बढ़ाता है, लेकिन अगर शरीर का वज़न 12% कम कर लिया जाए तो हृदय की कार्यप्रणाली में ज़बरदस्त सुधार होता है [A3]। यह खोज उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद बन सकती है जो मोटापे के शिकार हैं और जिन्हें दिल की बीमारी का ख़तरा है।
इन सब रिपोर्टों से एक आम सबक निकलता है: सेहत का आकलन सिर्फ़ बीएमआई या वज़न के आधार पर नहीं होना चाहिए। इंडोनेशियाई विशेषज्ञ इस बात पर ज़ोर देते हैं कि लिवर की नियमित जाँच करानी चाहिए, खासकर अगर मोटापे या डायबिटीज़ का ख़तरा हो [A5]। मेक्सिको में डॉक्टर उच्च कोलेस्ट्रॉल के ख़ामोश ख़तरे को पहचानने के लिए जीवनशैली में बदलाव की सलाह देते हैं [A2]। इटली का संदेश स्पष्ट है: फीते के नंबर पैमाने के नंबरों से ज़्यादा मायने रखते हैं [A4]।
आने वाले वर्षों में, चिकित्सा जगत इसी समग्र दृष्टिकोण को अपनाने की ओर बढ़ रहा है। मोटापे की सर्जरी से लेकर आहार और व्यायाम तक, उपचार केवल वज़न घटाने पर केंद्रित नहीं होंगे, बल्कि शरीर के भीतरी अंगों पर पड़ने वाले असर को भी मापेंगे। जैसे-जैसे रिसर्च आगे बढ़ेगी, पेट और गर्दन की साधारण माप भी डॉक्टर के चेकअप का अहम हिस्सा बन सकती है, जिससे गंभीर बीमारियों की रोकथाम समय रहते की जा सकेगी।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
This news emphasizes that weight management is key to preventing MASLD, a fatty liver disease that often shows no symptoms. Many people only realize their condition when it becomes severe, so early detection is crucial. The message warns that obesity is not just about appearance but also internal organ health.
The news warns of everyday errors that silently raise cholesterol, and also highlights that health problems in pets show subtle signs. It urges not to ignore signals like changes in behavior or water intake. The focus is on prevention and constant health vigilance.
The news shows that a weight reduction of about 12% can significantly improve heart function. It also emphasizes that waist and neck circumference are more telling than body weight alone. It recommends using these simple measurements for risk assessment.
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