पोप लियो चौदहवें का बार्सिलोना आगमन: एकता और एकजुटता का आह्वान, साग्रादा फ़मिलिया में नई मीनार का उद्घाटन
स्पेन की अपनी यात्रा के दूसरे चरण में पोप ने कातालान भाषा में संबोधन देकर ध्रुवीकरण से परे जाने और सद्भाव निर्माण का संदेश दिया।

पोप लियो चौदहवें ने मंगलवार को बार्सिलोना पहुँचते ही कातालान भाषा में अपने पहले संबोधन से स्थानीय संवेदनाओं को छुआ और ध्रुवीकरण से परे जाकर सद्भाव निर्माण का आह्वान किया। गिरजाघर की कैथेड्रल में उन्होंने कहा, 'हम जिस माहौल को फैलाने के लिए बुलाए गए हैं, वह परिवार का माहौल है, जहाँ एकजुटता, दया और क्षमा का वास हो।' (ए1, ए11) कातालान मीडिया ने इस बात की सराहना की कि पोंटिफ ने पहला भाषण उनकी भाषा में दिया, जिससे भाषा विवाद की आशंका शांत हुई। (ए15, ए13)
मैड्रिड की राजनीतिक रैली और विशाल प्रार्थना सभा के बाद बार्सिलोना का माहौल बिल्कुल अलग था—यहाँ हड़तालों, धर्मनिरपेक्षता और भाषा को लेकर तनाव का माहौल था। (ए17) पोप ने फुटबॉल प्रेम को लेकर भी विवाद खड़ा कर दिया था, जब उन्होंने रियाल मैड्रिड का समर्थन करने की बात कही, लेकिन कातालान में बोलकर उन्होंने तुरंत तनाव कम कर दिया। (ए13) उन्होंने कैटलान लोगों को 'एकता के निर्माता' बनने की ज़िम्मेदारी याद दिलाई। (ए9)
यात्रा का मुख्य कार्यक्रम बुधवार को साग्रादा फ़मिलिया में होगा, जहाँ पोप दुनिया के सबसे ऊँचे गिरजाघर की नई यीशु मीनार का उद्घाटन और आशीर्वाद देंगे। (ए2, ए4, ए7) 140 वर्षों से निर्माणाधीन यह आधुनिकतावादी बासीलीका अब 566 फुट ऊँची मीनार के साथ पूरी हुई है। (ए4) उड़ान के दौरान पोप ने कॉकपिट से लड़ाकू विमानों को हाथ हिलाया और पायलटों से बातचीत की, जहाँ से साग्रादा फ़मिलिया साफ़ दिखाई दे रही थी। (ए12)
पोप का यह सप्ताहभर का दौरा केवल धार्मिक नहीं है; उन्होंने मैड्रिड में संसद को संबोधित करते हुए पहली बार किसी धर्मगुरु के रूप में राजनेताओं से 'दृढ़ता के साथ तिरस्कार न करने और असहमति में अपमान न करने' का आग्रह किया था। (ए10) उन्होंने प्रवासियों के प्रति नैतिक व्यवहार को देश की महानता का पैमाना बताया और यौन शोषण पीड़ितों से मुलाकात कर चर्च को सुरक्षित बनाने का वादा किया। (ए6, ए10) मैड्रिड में भारी भीड़ और स्वयंसेवकों के प्रति आभार ने उनके जनसंपर्क को रेखांकित किया। (ए2)
बार्सिलोना के बाद पोप शुक्रवार को कैनरी द्वीप समूह जाएँगे, जहाँ वे लगभग एक हज़ार प्रवासियों से मिलेंगे, जो उनके संपूर्ण दौरे के मानवीय संदेश को पुख्ता करेगा। (ए8, ए10) इस यात्रा ने स्पेन, जो 15 वर्षों में पहली बार पोप का स्वागत कर रहा है, में आस्था, राजनीति और सांस्कृतिक पहचान के बीच नाज़ुक संतुलन को उजागर किया है।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
पोप ने ध्रुवीकरण से उबरने और एकता बनाने का आह्वान किया, और गिरिजाघर में कातालान भाषा में बात की। उन्होंने दुर्व्यवहार को खुला घाव बताया और पीड़ितों से मुलाकात की। उनकी एकजुटता की पुकार के साथ विरोध प्रदर्शन और यातायात बाधाएं भी रहीं।
पोप लियो XIV की बार्सिलोना यात्रा सग्रादा फैमिलिया के 172 मीटर ऊँचे शिखर, जो अब दुनिया का सबसे ऊँचा गिरजाघर है, के आशीर्वाद पर केंद्रित है। चुनाव के बाद यह उनकी पहली बड़ी यूरोपीय यात्रा का समापन है और 144 साल के निर्माण का एक मील का पत्थर है।
मैड्रिड में जोरदार स्वागत के बाद, पोप बार्सिलोना पहुँचे और युद्ध के खिलाफ और प्रवासियों की गरिमा के लिए एक दृढ़ संदेश दिया। मैड्रिड की विजयगाथा और हड़तालों, धर्मनिरपेक्षता और भाषाई तनाव से चिह्नित बार्सिलोना का विरोधाभास, उनके न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था के आह्वान की परीक्षा लेता है।
पोप अपने मानवीय दौरे पर मैड्रिड से बार्सिलोना गए और चेतावनी दी कि संघर्षों का बढ़ना दुनिया को गहरे संकट में धकेल रहा है। उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र की नैतिक महानता इस बात से मापी जाती है कि वह प्रवासियों और कमज़ोरों के साथ कैसा व्यवहार करता है, और निःस्वार्थ भाव से मदद करने का आग्रह किया।
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