रूस ने कीव में विदेशियों को तुरंत निकलने की चेतावनी दी, ओरेशनिक मिसाइलों से व्यवस्थित हमलों की धमकी
मॉस्को ने लुगांस्क में छात्रावास पर ड्रोन हमले का बदला लेने के लिए कीव के निर्णय केंद्रों और रक्षा उद्योग को निशाना बनाने की घोषणा की, साथ ही यूक्रेन ने रूसी तेल ढांचे पर पलटवार तेज कर दिया।

रूसी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक असामान्य चेतावनी जारी कर कीव में मौजूद सभी विदेशी नागरिकों, राजनयिक मिशनों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों से "जल्द से जल्द शहर छोड़ने" को कहा। मंत्रालय ने घोषणा की कि रूसी सशस्त्र बल यूक्रेनी सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठानों, निर्णय निर्माण केंद्रों और कमांड पोस्टों पर व्यवस्थित हमले शुरू करेंगे। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब सप्ताहांत में ही कीव पर भीषण हवाई बमबारी हुई, जिसमें अलग-अलग स्रोतों के अनुसार कम से कम दो से चार लोग मारे गए और लगभग अस्सी से सौ घायल हुए। रूसी हमलों में छह सौ से अधिक ड्रोन और लगभग सौ मिसाइलें दागी गईं, जिनमें हाइपरसोनिक ओरेशनिक मिसाइल भी शामिल थी।
मॉस्को ने इन कार्रवाइयों को पिछले सप्ताह रूसी-नियंत्रित लुगांस्क क्षेत्र के स्टारोबिल्स्क में एक छात्र छात्रावास पर हुए ड्रोन हमले का प्रतिशोध बताया। रूसी दावों के मुताबिक 22 मई के उस हमले में 21 लोग मारे गए और 42 घायल हुए। हालाँकि, यूक्रेन ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसने वहाँ एक रूसी सैन्य इकाई को निशाना बनाया था। मॉस्को ने इसी बहाने कीव में ड्रोन विकास और उत्पादन स्थलों के साथ-साथ प्रशासनिक भवनों को भी निशाने पर लेने की बात कही, और शहरवासियों को सैन्य व असैन्य सरकारी ढांचों के पास न जाने की चेतावनी दी। रूसी विदेश मंत्रालय ने तर्क दिया कि चूँकि ये लक्ष्य पूरे कीव में फैले हुए हैं, इसलिए विदेशियों का शहर में रहना बेहद ख़तरनाक है।
इस बीच, संघर्ष का दूसरा पहलू भी तेज़ हुआ है। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा ने रविवार को पुष्टि की कि उसके ड्रोनों ने रूस के व्लादिमीर क्षेत्र में एक तेल वितरण और पंपिंग स्टेशन पर हमला किया। यह स्टेशन मॉस्को और आसपास के इलाकों को तेल उत्पादों की आपूर्ति का अहम केंद्र है, तथा शेरेमेतयेवो जैसे प्रमुख हवाई अड्डों के लिए ईंधन भंडारों को भरता है। यह हमला दर्शाता है कि कीव लगातार रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को पंगु बनाने की कोशिश कर रहा है, जिससे मॉस्को की जवाबी कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है।
रूस की विदेशियों को सीधे निकलने की चेतावनी कूटनीतिक स्तर पर एक स्पष्ट संकेत है कि आने वाले हमले अंधाधुंध हो सकते हैं और शहरी केंद्रों को भारी नुकसान पहुँचा सकते हैं। यूरोपीय और अरब मीडिया दोनों ही इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि इस तरह की खुली धमकी से कीव में मानवीय संकट गहराने और राजनयिक प्रतिनिधित्वों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ताज़ा घटनाक्रम यह भी दिखाता है कि जवाबी-जवाबी हमलों का यह चक्र दोनों देशों की नागरिक आबादी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को लगातार अपनी चपेट में ले रहा है, और इससे निकट भविष्य में तनाव कम होने के बजाय सैन्य अभियानों के और व्यापक होने की संभावना है।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
Moscow threatens systematic strikes on Kyiv, urging foreign nationals and diplomats to leave immediately. The retaliation is justified as a response to an earlier Ukrainian attack on a student dormitory in the occupied Luhansk region.
After a weekend of Russian strikes that killed at least four and wounded about a hundred, Moscow warns of further attacks on the Ukrainian capital. Amid this escalation, foreign nationals are told to leave Kyiv.
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