जापाटेरो के दफ्तर में मिले करोड़ों के गहने, कर चोरी व तस्करी की नई जांच
पूर्व प्रधानमंत्री जोस लुइस रोड्रिग्ज जापाटेरो के कार्यालय में मिले 1.3 करोड़ यूरो के आभूषणों के बाद स्पेन की राष्ट्रीय अदालत ने कर धोखाधड़ी और तस्करी की अलग जांच शुरू की है।

स्पेन के पूर्व प्रधानमंत्री जोस लुइस रोड्रिग्ज़ जापाटेरो के खिलाफ कानूनी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राष्ट्रीय अदालत के न्यायाधीश जोस लुइस कालामा ने शुक्रवार को एक अलग मामला दर्ज करते हुए जापाटेरो के खिलाफ कर धोखाधड़ी और तस्करी की जांच के आदेश दिए। यह कार्रवाई पिछले माह उनके कार्यालय से जब्त किए गए 1,323,915 यूरो (करीब 1.3 करोड़ यूरो) के बेशकीमती आभूषणों और घड़ियों के संबंध में हुई है। जांच में पाया गया कि ये आभूषण हीरे, पन्ने, नीलम और माणिक्य जैसे बहुमूल्य रत्नों से जड़े थे, लेकिन इनके आयात पर आवश्यक सीमा शुल्क और करों का भुगतान नहीं किए जाने के सबूत नहीं मिले।
यह मामला मूलतः प्लस अल्ट्रा एयरलाइन को 2021 में दिए गए सरकारी बेलआउट से जुड़े प्रभाव-व्यापार (इन्फ्लुएंस पेडलिंग) के आरोपों से उपजा है। जापाटेरो, जो 2004 से 2011 तक स्पेन के प्रधानमंत्री रहे और सत्तारूढ़ सोशलिस्ट पार्टी के प्रभावशाली नेता हैं, पर आरोप है कि उन्होंने व्यक्तिगत लाभ के लिए एयरलाइन को कोविड-राहत पैकेज दिलाने में अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया। उसी जांच के सिलसिले में 19 मई को उनके दफ्तर की तलाशी ली गई, जहां एक तिजोरी से ये गहने और घड़ियां बरामद हुईं। प्रसिद्ध जौहरी फर्म अन्सोरेना और स्पेनिश रत्नविज्ञान संस्थान ने इनका मूल्यांकन किया, जिसमें सबसे महंगा एक सफेद सोने का हार था, जो हीरों से भरा और जाम्बिया के दो प्राकृतिक पन्नों से सज्जा था, जिसकी कीमत 2,78,000 यूरो आंकी गई। इसके अलावा थाइलैंड के 13 नीलमों वाला एक और सोने का हार तथा कई अंगूठियां, कान के झुमके और कंगन शामिल थे। कुछ वस्तुओं को मूल्यहीन भी बताया गया।
इस घटनाक्रम ने स्पेन की राजनीति में हलचल मचा दी है। खासकर तब, जब जापाटेरो के प्रवक्ता लुइस अरोयो ने पहले गहनों के मूल्य को लेकर गुमराह करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। विडंबना यह है कि जापाटेरो ने हाल ही में अपनी पार्टी की वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्त मंत्री मारिया जीसस मोंटेरो के साथ चुनाव प्रचार किया था, जहां उन्होंने “सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा” और कर न्याय के नारे लगाए थे। अब उन पर यह स्पष्ट करने का दबाव है कि इतनी बड़ी कीमत के आभूषणों के स्रोत क्या हैं और इन पर उचित कर क्यों नहीं चुकाए गए। न्यायालय के अनुसार, “फिलहाल इन गहनों की उत्पत्ति न्यायोचित नहीं है।”
जापाटेरो आगामी 17 और 18 जून को प्रभाव-व्यापार व धनशोधन के आरोपों पर अपनी गवाही देने वाले हैं। उनके खिलाफ यह नई जांच ऐसे समय में आई है जब प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ सरकार पहले से ही अनेक घोटालों के घेरे में है। स्वीडन के आफ्टनब्लाडेट और ब्राजील के यूओएल जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे सांचेज़ प्रशासन के लिए एक और बड़ा झटका बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण स्पेनिश समाजवादियों के लिए लंबे समय तक सिरदर्द बना रह सकता है। जांच का दायरा अगर तस्करी से आगे बढ़कर अन्य अनियमितताओं तक पहुंचता है तो जापाटेरो की कानूनी परेशानियां और गहराएंगी। फिलहाल, गहनों के आयात पर कर चोरी के मामले में भारी जुर्माना या कारावास तक का प्रावधान है, जिससे पूर्व प्रधानमंत्री का भविष्य अधर में लटकता दिख रहा है।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
Continental European press frames the discovery of jewels worth €1.3 million in Zapatero's office as a tax evasion and smuggling scandal, emphasizing the contradiction between his socialist past and personal wealth. The tone is accusatory, demanding accountability and focusing on political corruption. The value of the gems and legal implications for the former premier are highlighted.
Latin American media cover the new investigation into Zapatero factually, highlighting the judicial process without strong emotional charge. The focus is on the value of the jewels and the accusations of tax evasion and smuggling, presented neutrally. The story is seen as another development in corruption cases in Spain, without explicit political judgments.
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