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जेडी वेंस ने ईरान समझौते पर फर्जी खबरों का खंडन करते हुए कहा: कोई नकद भुगतान नहीं होगा

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि समझौता अमेरिका और सहयोगियों के हितों को प्राथमिकता देता है और अगर ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है तो उसे और पूरे क्षेत्र को आर्थिक लाभ मिल सकता है।

भूराजनीति6 स्रोत2 भाषाएँ3 मिनट पढ़नाअपडेट 22:32

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार को ईरान के साथ एक संभावित समझौते को लेकर प्रसारित हो रही "फर्जी जानकारी" का खंडन किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में स्पष्ट कहा कि ईरान को किसी भी स्तर पर कोई नकद राशि नहीं मिलेगी, और न ही किसी समझौते पर हस्ताक्षर करने या बैठक में भाग लेने मात्र के लिए कोई धनराशि जारी की जाएगी। वेंस का यह बयान तब आया जब कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को समाप्त करने पर सहमति बन सकती है।

वेंस ने जोर देकर कहा कि यह समझौता इस तरह से तैयार किया गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की प्राथमिकताओं को सबसे ऊपर रखा जाए। अगर ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करता है, तो उसे और पूरे क्षेत्र को आर्थिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने इस समझौते को क्षेत्र का चेहरा बदलने और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया। उनका यह रुख एक दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ईरान के प्रति अचानक लहजे में नरमी के अनुरूप है, जिसने कई विश्लेषकों को चौंका दिया।

वेंस ने हाल के दिनों में अपने आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दो विरोधाभासी बिंदु उठाए: पहला, जो लोग एक महीने पहले ट्रंप को "ऐतिहासिक राष्ट्रपति" बता रहे थे, वे अब अपुष्ट मीडिया रिपोर्टों के आधार पर समझौते की आलोचना कर रहे हैं; और दूसरा, जो लोग कहते हैं कि ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के एक भी शब्द पर भरोसा नहीं किया जा सकता, वे सोशल मीडिया पर अनाम पोस्टों पर विश्वास कर रहे हैं। यह टिप्पणी फारसी मीडिया में व्यापक रूप से उद्धृत की गई, जहाँ 22 खुर्दाद (12 जून) की तारीख का उल्लेख किया गया।

अरब और फारसी दोनों मीडिया ने वेंस के बयानों को प्रमुखता से प्रकाशित किया, लेकिन कवरेज के आधार पर जोर में थोड़ा अंतर रहा। जहाँ अरब आउटलेट्स ने समझौते के क्षेत्रीय पुनर्गठन के पहलू और अमेरिकी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया, वहीं फारसी मीडिया ने नकद भुगतान के खंडन और आलोचकों पर कटाक्ष को अधिक उजागर किया। यह अलग-अलग दृष्टिकोण क्षेत्रीय संवेदनशीलताओं को दर्शाता है।

हालाँकि समझौते की औपचारिक रूपरेखा अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन वेंस के बयान से स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रशासन किसी ऐसे फॉर्मूले पर काम कर रहा है जो सीधे नकद हस्तांतरण से बचते हुए ईरानी व्यवहार में बदलाव को प्रोत्साहित कर सके। यह देखना बाकी है कि क्या सद्भावना के ये आश्वासन कांग्रेस और क्षेत्रीय सहयोगियों के संदेह को दूर कर पाएंगे।

एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।

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Stampa iraniana e affini/ regimescetticismopragmatismo

The US vice president stressed that Iran will receive no upfront cash, and that the agreement prioritizes American and allied concerns. He suggested that economic benefits would only follow if Iran fulfills its commitments, positioning the deal as a potential regional peacemaker.

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The US vice president stated that the potential agreement with Iran is structured to prioritize the interests of the United States and its allies. He denied any cash payments to Iran, indicating that only after Iranian compliance would economic benefits flow to the region, potentially leading to lasting peace.

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Vance refuted claims of financial concessions to Iran, asserting that no assets would be released for signing. He argued that the agreement could fundamentally reshape the region and pave the way for enduring peace, provided Iran meets its obligations.

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The US vice president denounced widespread misinformation about a potential deal, insisting that the Iranian regime will receive no cash. He stressed that any agreement must first address US and allied security concerns, and only then might economic benefits materialize if the regime complies.

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6 स्रोत · 2 भाषाएँ · 24 घंटे की खिड़की

Donya-e Eqtesad12 जून, 18:22
Sky News Arabia12 जून, 18:22
Voice of America (VOA) Persian12 जून, 19:22
Hamshahri Online12 जून, 17:22
Khabar Online12 जून, 17:24
An-Nahar12 जून, 17:24