होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव: ईरानी-अमेरिकी बयानों में विरोधाभास, ट्रंप ने समझौते की उम्मीद जताई
ईरान ने तेल टैंकर रोकने की बात कही जबकि अमेरिका ने ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया। ट्रंप ने जलडमरूमध्य खोलने वाले समझौते की उम्मीद जताई।

होर्मुज जलडमरूमध्य में गुरुवार रात एक नाटकीय घटनाक्रम में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं और इसके बाद ईरानी एवं अमेरिकी पक्षों की ओर से एक-दूसरे के विरोधाभाषी बयान सामने आए। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरानी बलों ने बिना पूर्व समन्वय के जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले एक तेल टैंकर को रुकने पर मजबूर कर दिया, जिसके कारण धमाके हुए। दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने दावा किया कि ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमले की कोशिश में दो ड्रोन छोड़े, जिन्हें अमेरिकी सेना ने मार गिराया।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों—फार्स, मेहर और तस्नीम—ने स्थानीय स्रोतों के हवाले से बताया कि हरमोज़गान प्रांत के सीरिक बंदरगाह से करीब दो किलोमीटर दूर समुद्र में तीन विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी टेलीविजन ने बंदर अब्बास बंदरगाह के पास दो धमाकों की पुष्टि की। इन रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरानी सशस्त्र बलों द्वारा जलडमरूमध्य में अवैध आवाजाही रोकने के लिए की गई। ईरान के जलमार्ग प्रबंधन विभाग ने पहले ही क्षेत्र में अमेरिकी 'आक्रामक' गतिविधियों के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य को अगली सूचना तक बंद रखने की घोषणा कर दी थी।
अमेरिकी पक्ष ने इस घटना को पूरी तरह अलग ढंग से प्रस्तुत किया। फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों की ओर दो एकतरफा हमलावर ड्रोन दागे। अधिकारी के अनुसार, 'लगता है कि ईरान ने आज रात होर्मुज से गुज़र रहे व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की, और अमेरिकी बलों ने दो ईरानी हमलावर ड्रोन मार गिराए।' उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना के बावजूद जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात सामान्य रूप से जारी रहा।
यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ एक संभावित समझौते की पुरज़ोर उम्मीद जताई है। ट्रंप ने कहा कि अगले कुछ दिनों में एक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जिसके तहत होर्मुज जलडरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका लंबे समय से तेल टैंकरों को जलडमरूमध्य से बाहर निकालने में मदद करता रहा है। दोनों पक्षों की परस्पर विरोधी कहानियाँ न केवल मौजूदा तनाव को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती हैं कि क्या वास्तव में समझौते की कोई ठोस पहल हो रही है या यह केवल बयानबाज़ी है। विश्लेषकों का मानना है कि इस संवेदनशील जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर आने वाले दिनों में और अधिक कूटनीतिक उठापटक देखने को मिल सकती है।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहे दो ईरानी हमलावर ड्रोनों को मार गिराया। ईरान ने एक बार फिर इस रणनीतिक जलमार्ग में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डाला, लेकिन जहाजों का आवागमन बिना रुकावट जारी रहा। यह घटना राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ संभावित समझौते की बात कहे जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने का प्रयास कर रहे दो ईरानी ड्रोनों को रोक दिया। अधिकारी ने पुष्टि की कि इस महत्वपूर्ण मार्ग से समुद्री यातायात प्रभावित नहीं हुआ और सामान्य रूप से जारी है। यह घटनाक्रम वैश्विक शिपिंग मार्गों की सुरक्षा को लेकर जारी तनाव को रेखांकित करता है।
ईरानी बलों ने एक तेल टैंकर को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने से रोक दिया क्योंकि वह बिना पूर्व समन्वय के क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। तट के पास सुनी गई विस्फोटों की आवाज़ों को सशस्त्र बलों द्वारा पारगमन उल्लंघनों को रोकने के उपायों से जोड़ा गया। इस घटना को समुद्री नियमों के नियमित प्रवर्तन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
ईरानी बलों ने बिना समन्वय के होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले एक उल्लंघनकारी तेल टैंकर को रास्ता देने से मना कर दिया। स्थानीय लोगों द्वारा बताई गई विस्फोटों की आवाज़ें अनधिकृत पोत को रोकने से संबंधित थीं। इस कार्रवाई को देश के क्षेत्रीय जल पर संप्रभुता के वैध प्रयोग के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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