खाद्य मुद्रास्फीति की मार: ब्राजील में 4.72%, भारत में 3.93% पर पहुंची दर
मई 2026 में ब्राजील की मासिक मुद्रास्फीति 0.58% रही, लेकिन वार्षिक दर 4.72% लक्ष्य से ऊपर। भारत में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.93% हुई। अर्जेंटीना और स्पेन में भी खाद्य पदार्थों की कीमतें चिंताजनक स्तर पर।

मई 2026 में ब्राजील की आधिकारिक मुद्रास्फीति दर (IPCA) 0.58% रही, जो अप्रैल के 0.67% से कुछ कम है, लेकिन खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में 1.33% की तेजी ने चिंता बढ़ा दी है। वार्षिक आधार पर मुद्रास्फीति 4.72% पर पहुंच गई, जो सरकार के 1.5% से 4.5% के सहनशीलता दायरे से बाहर है। आवास समूह में भी 1.22% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि परिवहन क्षेत्र में 0.46% की गिरावट आई। विशेषज्ञों के अनुसार, हालांकि मासिक दर में नरमी आई है, लेकिन मुद्रास्फीति का स्तर अभी भी असहज बना हुआ है और कोर मुद्रास्फीति पर दबाव बरकरार है।
एशिया की बात करें तो भारत में खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) मई में बढ़कर 3.93% हो गई, जो अप्रैल के 3.48% से अधिक है। खाद्य मुद्रास्फीति 4.78% पर पहुंच गई, जिसमें टमाटर, अदरक और आभूषणों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। राज्यों में तेलंगाना सबसे अधिक 6.15% की दर के साथ शीर्ष पर रहा। वहीं लैटिन अमेरिका में अर्जेंटीना में मासिक मुद्रास्फीति 2.1% रही, लेकिन खाद्य पदार्थों की कीमतें 2.5% बढ़ीं, जो सामान्य दर से अधिक है। यूरोप में स्पेन की वार्षिक मुद्रास्फीति 3.2% पर स्थिर रही, परंतु अंडे, मछली और दालों जैसी बुनियादी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में क्रमशः 13.7%, 9.7% और 16% तक की वृद्धि ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दीं।
खाद्य कीमतों में यह वैश्विक तेजी मुख्य रूप से ऊर्जा लागतों, मध्य पूर्व में युद्ध के प्रभाव और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं से जुड़ी है। ब्राजील में चुनावों की निकटता ने भी लूला सरकार पर दबाव बढ़ाया है। भारत में मानसून और फसल उत्पादन को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं। अर्जेंटीना और स्पेन में मौसमी कारकों और वैश्विक बाजारों की अस्थिरता ने खाद्य मुद्रास्फीति को हवा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोर मुद्रास्फीति चिपचिपी बनी रह सकती है, जिससे केंद्रीय बैंकों के लिए दरों में ढील देना मुश्किल होगा।
आगामी महीनों के लिए संकेत मिले-जुले हैं। अर्जेंटीना में निजी अनुमानों के अनुसार जून में मुद्रास्फीति 2% से नीचे आ सकती है। ब्राजील में बारह माह की संचयी दर 4.72% के आसपास बनी रहने की संभावना है, जो लक्ष्य से लगातार ऊपर रहेगी। वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच खाद्य मुद्रास्फीति आने वाले समय में भी एक प्रमुख चुनौती बनी रहेगी, खासकर कम आय वाले परिवारों के लिए।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
Brazilian inflation remains above the target ceiling in May, driven by food and energy prices, putting pressure on the Lula administration. Analysts express concern that the inflation rate is uncomfortably high and may force the central bank to reconsider rate cuts. The focus is on the impact on purchasing power and the government's credibility.
French and Spanish inflation figures for May were broadly in line with expectations, with a slight uptick in France due to energy prices. In Spain, food price inflation moderated but certain staples remain elevated. The overall tone is one of cautious stability, with no immediate alarm over monetary policy.
मई में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.93% हो गई, जो अप्रैल में 3.48% थी, जो खाद्य कीमतों में वृद्धि के कारण हुई। खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 4.78% हो गई, जिसमें टमाटर और आभूषण जैसी वस्तुओं में तेज वृद्धि हुई। आंकड़े केंद्रीय बैंक को सतर्क रखते हैं, हालांकि मुद्रास्फीति सहनशीलता सीमा के भीतर है।
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