फ्रांस ने 2026 विश्व कप टीम की घोषणा की: एम्बाप्पे की अगुवाई में 26 खिलाड़ी, तीन नए चेहरे और बड़े नाम बाहर
दिदिएर देशां ने अपने अंतिम टूर्नामेंट के लिए रॉबिन रिसर, मैक्सेंस लाक्रोइक्स और ज्याँ-फिलिप माटेटा को शामिल कर चौंकाया, जबकि एडुआर्डो कामाविंगा और रैंडल कोलो मुआनी बाहर रहे।

फ्रांस के मुख्य कोच दिदिएर देशां ने गुरुवार शाम टीएफ1 के समाचार कार्यक्रम में 2026 विश्व कप के लिए अपनी 26 सदस्यीय टीम की घोषणा की, जो उनके शानदार कार्यकाल का आखिरी बड़ा फैसला साबित हुआ। इस सूची में सबसे बड़ा आश्चर्य लेंस के गोलकीपर रॉबिन रिसर का तीसरे विकेटकीपर के रूप में चयन रहा, जिन्हें लुकास शेवेलियर पर तरजीह दी गई, जो पीएसजी में अपनी जगह खो चुके थे। रिसर को हाल ही में यूएनएफपी ट्रॉफी में लीग 1 का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया था। इसके अलावा डिफेंडर मैक्सेंस लाक्रोइक्स और स्ट्राइकर ज्याँ-फिलिप माटेटा की वापसी ने भी सबको हैरान किया, जबकि एडुआर्डो कामाविंगा, रैंडल कोलो मुआनी और कोरेंटिन टोलिसो जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को पूरी तरह नज़रअंदाज कर दिया गया।
देशां ने इस भावुक अवसर पर कहा, "मुझे एहसास है कि यह कई आखिरी पलों में से एक है। मैं अपनी भावनाओं को छिपाता हूं, लेकिन मैं इसे अच्छी तरह ले रहा हूं। फ्रांस की टीम सबसे ऊपर है।" उनका संकेत साफ था कि टीम का हित व्यक्तिगत रिकॉर्ड से बढ़कर है। यह सूची मूल रूप से बुधवार को जारी होनी थी, लेकिन लेंस और पीएसजी के बीच लीग 1 मैच स्थगित होने के कारण इसे एक दिन आगे बढ़ा दिया गया। फ्रांसीसी मीडिया ने इस चयन को सामूहिक अनुशासन और युवा ऊर्जा पर जोर देने वाला बताया, जिसमें केवल 11 ऐसे खिलाड़ी हैं जो 2022 के उपविजेता दल का हिस्सा थे।
स्पेनिश और पुर्तगाली भाषा के अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस दस्ते को फ्रांस की ताकत का सबूत माना। मैक्सिकन अखबार एक्सेलसियर ने लिखा कि किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले के नेतृत्व वाली यह विस्फोटक युवा टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को पहले मिनट से डरा सकती है। ब्राजील के जोवेम पान ने टीम की प्रोफाइल पेश करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि पूरा यूरोपीय संयोजन अपने तीसरे खिताब की तलाश में है। सभी ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि फ्रांस 1998 और 2018 का विश्व विजेता और 2006 व 2022 का उपविजेता है, और इस बार वह इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
देशां का यह चयन न केवल मौजूदा प्रतिभा का आईना है, बल्कि आने वाले समय की रणनीति भी बयां करता है। 16 जून को सेनेगल के खिलाफ पहला मैच टीम की असली परीक्षा होगी। इस बीच, देशां के इस निर्णय ने फ्रांस के घरेलू और वैश्विक प्रशंसकों के बीच बहस छेड़ दी है—कुछ इसे साहसिक दांव मान रहे हैं तो कुछ अति प्रयोगवाद। लेकिन तमाम सवालों के बीच, एक बात साफ है: गोंफ्ले आ ब्लॉक (पूरी तरह तैयार) फ्रांस अपने इतिहास के सबसे अहम अध्याय की ओर बढ़ रहा है, और देशां का आखिरी मिशन यादगार विदाई देने का वादा करता है।
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