फीफा के खिलाफ जांच: विश्व कप टिकटों की कीमत और भ्रामक आवंटन पर उठे सवाल
न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल ने फीफा को समन भेजकर कृत्रिम अभाव व भ्रामक सीट आवंटन की जांच शुरू की, जबकि द्वितीयक बाजार में टिकटों की कीमतें गिर रही हैं।

न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल लेटीटिया जेम्स और जेनिफर डेवनपोर्ट ने 2026 विश्व कप के टिकटों की बिक्री को लेकर फीफा के खिलाफ संयुक्त जांच का ऐलान किया है। मेटलाइफ स्टेडियम (अब न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम) में होने वाले फाइनल समेत आठ मैचों के संबंध में जारी समन के तहत फीफा से मूल्य निर्धारण, सीट आवंटन और बिक्री प्रथाओं के आंतरिक दस्तावेज मांगे गए हैं। अटॉर्नी जनरल ने इसे प्रशंसकों के साथ “भ्रम, नकली अभाव और असंभव कीमतों का जाल” करार दिया है, जिसके तहत कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने और सीट श्रेणी में हेरफेर के आरोप लगे हैं।
जांच के केंद्र में फीफा का पहली बार इस्तेमाल किया गया “परिवर्तनीय मूल्य निर्धारण” (डायनामिक प्राइसिंग) है, जिसने मांग के अनुरूप दामों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया। कई प्रशंसकों ने शिकायत की कि भुगतान के बाद उन्हें चुनी गई श्रेणी से निचली श्रेणी की सीटें आवंटित कर दी गईं। न्यूयॉर्क शहर की उपभोक्ता सुरक्षा एजेंसी भी इस जांच में शामिल हुई है, जिससे मामले का दायरा और व्यापक हो गया है। फीफा ने अब तक इन आरोपों का औपचारिक खंडन नहीं किया है, लेकिन पहले उच्च मांग का हवाला देकर अपनी प्रथाओं को सही ठहराता रहा है।
दूसरी ओर, ब्राज़ीलियाई प्रेस के अनुसार, द्वितीयक बाजार और होटल उद्योग की तस्वीर इस दावे को झुठलाती है। फीफा के 50 लाख से अधिक टिकटों की आधिकारिक बिक्री की घोषणा के बावजूद, ग्रुप चरण के सबसे सस्ते टिकट की औसत पुनर्विक्रय कीमत अप्रैल के बाद से 23 से 30 प्रतिशत गिरकर लगभग 560 डॉलर पर आ गई है। कई मैचों के लिए दाम लागत से भी नीचे चले गए हैं, और होटलों की मांग उम्मीद से काफी कमजोर है। यह विरोधाभास न केवल प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है, बल्कि अमेरिकी शहरों के लिए आयोजन के वास्तविक आर्थिक लाभ पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
यह जांच फीफा के लिए कानूनी और प्रतिष्ठा, दोनों स्तरों पर बड़ा जोखिम बनकर उभरी है। अगर कृत्रिम अभाव और भ्रामक विपणन की प्रथाएं साबित होती हैं, तो फीफा को भारी जुर्माना और भविष्य के आयोजनों के लिए सख्त नियामक निगरानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रकरण पारदर्शिता को लेकर पहले से सवाल उठा रहे संगठन की विश्वसनीयता पर और आघात करेगा।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
While the New York and New Jersey AGs probe FIFA over ticket sales, the real story is the unexpectedly weak demand: hotel occupancy is low and secondary-market ticket prices are dropping. The supposed economic legacy of the US-hosted World Cup looks shaky, official hype notwithstanding.
New York and New Jersey attorneys general have subpoenaed FIFA, alleging 'fake scarcity and impossibly high prices' in World Cup ticket sales. The inquiry focuses on whether fans were misled about seat locations and pricing.
Democratic attorneys general launched a joint probe into FIFA's 'soaring' ticket prices and claims that fans were misled about seat locations. Subpoenas demand records on pricing and sales, framing the investigation as a consumer-protection fight against a global sports body.
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